शनि साढ़ेसाती से परेशान हैं? लाल किताब के ये उपाय दिलाएंगे राहत

धर्म डेस्क

By Rohit.P
On

शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए लाल किताब में हनुमान चालीसा, पीपल पूजा, शनि मंत्र और दान के आसान व असरदार उपाय बताए गए हैं।

शनिदेव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो इंसान को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अगर शनिदेव किसी पर खुश हो जाएं तो वो इंसान दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है। शनिदेव की कृपा से वह सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ता जाता है। वहीं अगर कोई इंसान बुरे कर्म करता है तो उसे शनि के प्रकोप का भी सामना करना पड़ता है। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति के जीवन में शनिदेव की साढ़ेसाती चल रही होती हैं तो शनिदेव उसे जीवन का बहुत बड़ा सबक सिखाते हैं। पर ज्योतिषशास्त्र में साढ़ेसाती के समय शनिदेव के कष्टों को कम करने के लिए लाल किताब में कुछ उपाय भी बताए गए हैं। आइए ज्योतिषशास्त्र से जानते हैं साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के उपाय।

शनि साढ़ेसाती उपाय

  1. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अगर शनि की साढ़ेसाती चल रही तो कम से कम 40 दिन तक हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। लेकिन इसके लिए आपको संकल्प लेना होगा और इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करें।
  2. साढ़ेसाती के समय पीपल को जल अर्पित करना काफी शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ में 40 दिन तक कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए।
  3. शनिवार को उड़द की दाल की खिचड़ी बनाकर शनि महाराज को भोग लगाकर लोगों को खाना खिलाएं। यह उपाय कम से कम 7 शनिवार करना चाहिए।
  4. शनिवार के दिन जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर पीपल के पेड़ में चढ़ाएं और पीपल के पेड़ की परिक्रमा करते हुए सूत का धागा उसमें लपेट दें।
  5. शनिवार और मंगलवार के दिन तुलसी के पत्ते पर राम नाम लिखकर हनुमानजी को अर्पित करें।
  6. साढ़ेसाती चलने के दौरान शनि मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  7. आप शनिदेव के कष्टों से बचने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं। शनिदेव भगवान शिव के भक्त हैं।
  8. साढ़ेसाती चलने के दौरान व्यक्ति को भूलकर भी मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शनि का प्रकोप और ज्यादा बढ़ सकता है।

क्या है शनि साढ़ेसाती?

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो, शनि की साढ़ेसाती 7.5 साल तक चलती है। इसमें इंसान को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्या और रिश्तों में भी तनाव का सामना करना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती से व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव होता है। शनि साढ़ेसाती तीन चरण में होते हैं। पहला, दूसरा और तीसरा चरण। पहले चरण में इंसान को मानसिक अशांति, न चाहते हुए जगह का बदलना और यात्राओं क सामना करना पड़ता है। दूसरे चरण में इंसान को आर्थिक तंगी और सेहत से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तीसरे चरण में आपको संघर्षों से राहत तो मिलेगी, लेकिन परिवार के साथ विवाद होने की संभावना रहती है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
02 May 2026 By Rohit.P

शनि साढ़ेसाती से परेशान हैं? लाल किताब के ये उपाय दिलाएंगे राहत

धर्म डेस्क

शनिदेव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो इंसान को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अगर शनिदेव किसी पर खुश हो जाएं तो वो इंसान दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है। शनिदेव की कृपा से वह सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ता जाता है। वहीं अगर कोई इंसान बुरे कर्म करता है तो उसे शनि के प्रकोप का भी सामना करना पड़ता है। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति के जीवन में शनिदेव की साढ़ेसाती चल रही होती हैं तो शनिदेव उसे जीवन का बहुत बड़ा सबक सिखाते हैं। पर ज्योतिषशास्त्र में साढ़ेसाती के समय शनिदेव के कष्टों को कम करने के लिए लाल किताब में कुछ उपाय भी बताए गए हैं। आइए ज्योतिषशास्त्र से जानते हैं साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के उपाय।

शनि साढ़ेसाती उपाय

  1. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अगर शनि की साढ़ेसाती चल रही तो कम से कम 40 दिन तक हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। लेकिन इसके लिए आपको संकल्प लेना होगा और इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करें।
  2. साढ़ेसाती के समय पीपल को जल अर्पित करना काफी शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ में 40 दिन तक कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए।
  3. शनिवार को उड़द की दाल की खिचड़ी बनाकर शनि महाराज को भोग लगाकर लोगों को खाना खिलाएं। यह उपाय कम से कम 7 शनिवार करना चाहिए।
  4. शनिवार के दिन जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर पीपल के पेड़ में चढ़ाएं और पीपल के पेड़ की परिक्रमा करते हुए सूत का धागा उसमें लपेट दें।
  5. शनिवार और मंगलवार के दिन तुलसी के पत्ते पर राम नाम लिखकर हनुमानजी को अर्पित करें।
  6. साढ़ेसाती चलने के दौरान शनि मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  7. आप शनिदेव के कष्टों से बचने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं। शनिदेव भगवान शिव के भक्त हैं।
  8. साढ़ेसाती चलने के दौरान व्यक्ति को भूलकर भी मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शनि का प्रकोप और ज्यादा बढ़ सकता है।

क्या है शनि साढ़ेसाती?

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो, शनि की साढ़ेसाती 7.5 साल तक चलती है। इसमें इंसान को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्या और रिश्तों में भी तनाव का सामना करना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती से व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव होता है। शनि साढ़ेसाती तीन चरण में होते हैं। पहला, दूसरा और तीसरा चरण। पहले चरण में इंसान को मानसिक अशांति, न चाहते हुए जगह का बदलना और यात्राओं क सामना करना पड़ता है। दूसरे चरण में इंसान को आर्थिक तंगी और सेहत से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तीसरे चरण में आपको संघर्षों से राहत तो मिलेगी, लेकिन परिवार के साथ विवाद होने की संभावना रहती है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/those-who-are-troubled-by-shani-sade-sati-these-remedies/article-52504

खबरें और भी हैं

सिंगरौली में सफाई कर्मचारियों का अल्टीमेटम: 10 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

टाप न्यूज

सिंगरौली में सफाई कर्मचारियों का अल्टीमेटम: 10 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

नगर पालिक निगम सिंगरौली में कार्यरत 174 वेतन भोगी सफाई कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर निगम उपायुक्त को...
मध्य प्रदेश 
सिंगरौली में सफाई कर्मचारियों का अल्टीमेटम: 10 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

शनि साढ़ेसाती से परेशान हैं? लाल किताब के ये उपाय दिलाएंगे राहत

शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए लाल किताब में हनुमान चालीसा, पीपल पूजा, शनि मंत्र और दान...
राशिफल  धर्म 
शनि साढ़ेसाती से परेशान हैं? लाल किताब के ये उपाय दिलाएंगे राहत

गर्मियों में भाग्य बदल सकता है मटके का पानी, बस जान लें रखने की सही दिशा

मटके का पानी किस दिशा में रखना शुभ है? जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी का मटका रखने की सही...
राशिफल  धर्म 
गर्मियों में भाग्य बदल सकता है मटके का पानी, बस जान लें रखने की सही दिशा

आज का पंचांग 2 मई 2026: आज विशाखा नक्षत्र, जानें शुभ-अशुभ समय और महत्व

2 मई 2026 का पंचांग जानें। आज शनिवार, विशाखा नक्षत्र और व्यतिपात योग में शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, नक्षत्र और दिन...
राशिफल  धर्म 
आज का पंचांग 2 मई 2026: आज विशाखा नक्षत्र, जानें शुभ-अशुभ समय और महत्व

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.