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आज का पंचांग 31 जुलाई 2026: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल का समय
राशिफल
शुक्रवार का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी भी शुभ कार्य से पहले आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त की जानकारी अवश्य जानें।
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। शुक्रवार को धन, सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यदि आज के दिन शुभ मुहूर्त में देवी लक्ष्मी की आराधना की जाए तो जीवन में आर्थिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आज का पंचांग (31 जुलाई 2026)
- वार: शुक्रवार
- तिथि: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष (तिथि स्थानीय समय के अनुसार परिवर्तित हो सकती है)
- नक्षत्र: दिनभर प्रभावी नक्षत्र (स्थानानुसार परिवर्तन संभव)
- योग: शुभ योग
- करण: शुभ करण
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:45 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 7:05 बजे
- राहुकाल: प्रातः लगभग 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:00 बजे से 12:50 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 4:15 बजे से 5:00 बजे तक
नोट: उपरोक्त समय विभिन्न शहरों के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
शुक्रवार का धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और माता संतोषी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होने की मान्यता है। कई लोग शुक्रवार का व्रत रखकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
यदि आप नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो राहुकाल से बचते हुए शुभ मुहूर्त का चयन करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
आज के दिन क्या करें?
- सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- माता लक्ष्मी की पूजा में कमल का फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें।
- घर में दीपक जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
- परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लें।
आज किन कार्यों से बचें?
राहुकाल के दौरान नए कार्य, निवेश, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। इस समय में शुभ कार्य आरंभ करना ज्योतिषीय दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण?
पंचांग केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि समय निर्धारण का प्राचीन भारतीय विज्ञान भी है। इसके आधार पर शुभ और अशुभ समय का आकलन किया जाता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण का संयोजन व्यक्ति के दैनिक कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए आज भी लाखों लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले पंचांग अवश्य देखते हैं। आप पूजा, व्रत, दान, खरीदारी, नया कार्य या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार शुभ समय का चयन करना लाभदायक हो सकता है। दिनभर सकारात्मक सोच और श्रद्धा के साथ किए गए कार्य सफलता और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
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आज का पंचांग 31 जुलाई 2026: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल का समय
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शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। शुक्रवार को धन, सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यदि आज के दिन शुभ मुहूर्त में देवी लक्ष्मी की आराधना की जाए तो जीवन में आर्थिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आज का पंचांग (31 जुलाई 2026)
- वार: शुक्रवार
- तिथि: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष (तिथि स्थानीय समय के अनुसार परिवर्तित हो सकती है)
- नक्षत्र: दिनभर प्रभावी नक्षत्र (स्थानानुसार परिवर्तन संभव)
- योग: शुभ योग
- करण: शुभ करण
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:45 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 7:05 बजे
- राहुकाल: प्रातः लगभग 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:00 बजे से 12:50 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 4:15 बजे से 5:00 बजे तक
नोट: उपरोक्त समय विभिन्न शहरों के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
शुक्रवार का धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और माता संतोषी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होने की मान्यता है। कई लोग शुक्रवार का व्रत रखकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
यदि आप नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो राहुकाल से बचते हुए शुभ मुहूर्त का चयन करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
आज के दिन क्या करें?
- सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- माता लक्ष्मी की पूजा में कमल का फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें।
- घर में दीपक जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
- परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लें।
आज किन कार्यों से बचें?
राहुकाल के दौरान नए कार्य, निवेश, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। इस समय में शुभ कार्य आरंभ करना ज्योतिषीय दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण?
पंचांग केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि समय निर्धारण का प्राचीन भारतीय विज्ञान भी है। इसके आधार पर शुभ और अशुभ समय का आकलन किया जाता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण का संयोजन व्यक्ति के दैनिक कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए आज भी लाखों लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले पंचांग अवश्य देखते हैं। आप पूजा, व्रत, दान, खरीदारी, नया कार्य या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार शुभ समय का चयन करना लाभदायक हो सकता है। दिनभर सकारात्मक सोच और श्रद्धा के साथ किए गए कार्य सफलता और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
