फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इनामी राशि का नया रिकॉर्ड, चैंपियन टीम पर होगी करोड़ों की बारिश

स्पोर्ट्स डेस्क

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विजेता को पहली बार करीब ₹5,000 करोड़ का पुरस्कार, गोल्ड मेडल के साथ मिलेगी विशेष चैंपियनशिप रिंग; फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने

फुटबॉल के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इस बार इतिहास रचने की तैयारी है। टूर्नामेंट के विजेता को मिलने वाली पुरस्कार राशि को लेकर फीफा ने अब तक का सबसे बड़ा ऐलान किया है। पहली बार विश्व कप जीतने वाली टीम को लगभग 51 करोड़ डॉलर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिलेगी। इसके साथ ही फीफा ने पूरे टूर्नामेंट के लिए रिकॉर्ड 871 करोड़ डॉलर (लगभग ₹83,866 करोड़) की कुल पुरस्कार राशि निर्धारित की है, जो वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी प्राइज पूल मानी जा रही है।

फीफा के इस फैसले से न केवल चैंपियन टीम बल्कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले सभी देशों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली प्रत्येक टीम को न्यूनतम 12.5 करोड़ डॉलर (करीब ₹1,200 करोड़) की राशि दी जाएगी। इससे छोटे फुटबॉल देशों को भी अपनी फुटबॉल संरचना विकसित करने और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर अधिक निवेश करने का अवसर मिलेगा।

इस बार पुरस्कार राशि केवल चैंपियन तक सीमित नहीं रहेगी। फाइनल में हारने वाली उपविजेता टीम को भी लगभग 33 करोड़ डॉलर (करीब ₹3,273 करोड़) मिलेंगे। वहीं तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को लगभग 29 करोड़ डॉलर (करीब ₹2,888 करोड़) और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 27 करोड़ डॉलर (लगभग ₹2,695 करोड़) का पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह अंतिम चार में पहुंचने वाली सभी टीमों को भारी आर्थिक इनाम मिलेगा।

फीफा ने इस संस्करण में एक और बड़ा बदलाव किया है। अब तक विश्व कप विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और गोल्ड मेडल दिए जाते थे, लेकिन पहली बार चैंपियन टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को विशेष चैंपियनशिप रिंग भी प्रदान की जाएगी। यह परंपरा लंबे समय से अमेरिकी खेल प्रतियोगिताओं में देखने को मिलती रही है, लेकिन फुटबॉल विश्व कप में इसे पहली बार शामिल किया गया है।

फीफा के अनुसार इस विशेष रिंग का डिजाइन विश्व कप की ऐतिहासिक उपलब्धि को दर्शाएगा। रिंग के एक हिस्से पर फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की आकृति उकेरी जाएगी, जबकि दूसरे हिस्से को विजेता टीम की पहचान और उपलब्धि के अनुरूप तैयार किया जाएगा। प्रत्येक रिंग अलग-अलग खिलाड़ी और स्टाफ सदस्य के लिए व्यक्तिगत रूप से कस्टमाइज होगी तथा उस पर एक विशिष्ट क्रमांक भी अंकित रहेगा। साथ ही हर रिंग के साथ आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा, जिससे उसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।

फाइनल मुकाबले के तुरंत बाद विजेता टीम के कप्तान और मुख्य कोच को प्रतीकात्मक रूप से अस्थायी रिंग पहनाई जाएगी। इसके बाद पूरी विजेता टीम और संबंधित स्टाफ के लिए कुल 30 आधिकारिक रिंग तैयार की जाएंगी। खिलाड़ियों के नाम और उनकी व्यक्तिगत पहचान के अनुरूप इन्हें विशेष रूप से तैयार कर बाद में सौंपा जाएगा।

फीफा ने बताया है कि कुल 2,026 लिमिटेड एडिशन चैंपियनशिप रिंग बनाई जाएंगी। इनमें से केवल 30 रिंग विश्व कप विजेता टीम को दी जाएंगी, जबकि शेष रिंग आधिकारिक लाइसेंस के साथ फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सीमित संस्करण वाली रिंगों को विश्व कप स्मृति चिह्न के रूप में पेश किया जाएगा।

दूसरी ओर टूर्नामेंट का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।

स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत दावेदार फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से मात देकर लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया। यह अर्जेंटीना का कुल सातवां विश्व कप फाइनल होगा, जबकि टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

फीफा की ओर से घोषित नई पुरस्कार राशि की तुलना यदि पिछले विश्व कप से करें तो अंतर काफी बड़ा दिखाई देता है। कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में चैंपियन बनी अर्जेंटीना को 4.2 करोड़ डॉलर (करीब ₹348 करोड़) की प्राइज मनी मिली थी। वहीं उपविजेता फ्रांस को लगभग ₹248 करोड़ का पुरस्कार मिला था। उस समय पूरे टूर्नामेंट में 32 टीमों के बीच कुल पुरस्कार राशि लगभग ₹3,600 करोड़ वितरित की गई थी।

इसके मुकाबले 2026 संस्करण में पुरस्कार राशि कई गुना बढ़ा दी गई है। फीफा का मानना है कि बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता, प्रसारण अधिकारों से होने वाली आय, प्रायोजकों की बढ़ती भागीदारी और व्यावसायिक विस्तार को देखते हुए खिलाड़ियों, टीमों और सदस्य संघों को अधिक आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत इस बार रिकॉर्ड इनामी राशि तय की गई है।

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17 Jul 2026 By Priyanka

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इनामी राशि का नया रिकॉर्ड, चैंपियन टीम पर होगी करोड़ों की बारिश

स्पोर्ट्स डेस्क

फुटबॉल के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इस बार इतिहास रचने की तैयारी है। टूर्नामेंट के विजेता को मिलने वाली पुरस्कार राशि को लेकर फीफा ने अब तक का सबसे बड़ा ऐलान किया है। पहली बार विश्व कप जीतने वाली टीम को लगभग 51 करोड़ डॉलर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिलेगी। इसके साथ ही फीफा ने पूरे टूर्नामेंट के लिए रिकॉर्ड 871 करोड़ डॉलर (लगभग ₹83,866 करोड़) की कुल पुरस्कार राशि निर्धारित की है, जो वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी प्राइज पूल मानी जा रही है।

फीफा के इस फैसले से न केवल चैंपियन टीम बल्कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले सभी देशों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली प्रत्येक टीम को न्यूनतम 12.5 करोड़ डॉलर (करीब ₹1,200 करोड़) की राशि दी जाएगी। इससे छोटे फुटबॉल देशों को भी अपनी फुटबॉल संरचना विकसित करने और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर अधिक निवेश करने का अवसर मिलेगा।

इस बार पुरस्कार राशि केवल चैंपियन तक सीमित नहीं रहेगी। फाइनल में हारने वाली उपविजेता टीम को भी लगभग 33 करोड़ डॉलर (करीब ₹3,273 करोड़) मिलेंगे। वहीं तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को लगभग 29 करोड़ डॉलर (करीब ₹2,888 करोड़) और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 27 करोड़ डॉलर (लगभग ₹2,695 करोड़) का पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह अंतिम चार में पहुंचने वाली सभी टीमों को भारी आर्थिक इनाम मिलेगा।

फीफा ने इस संस्करण में एक और बड़ा बदलाव किया है। अब तक विश्व कप विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और गोल्ड मेडल दिए जाते थे, लेकिन पहली बार चैंपियन टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को विशेष चैंपियनशिप रिंग भी प्रदान की जाएगी। यह परंपरा लंबे समय से अमेरिकी खेल प्रतियोगिताओं में देखने को मिलती रही है, लेकिन फुटबॉल विश्व कप में इसे पहली बार शामिल किया गया है।

फीफा के अनुसार इस विशेष रिंग का डिजाइन विश्व कप की ऐतिहासिक उपलब्धि को दर्शाएगा। रिंग के एक हिस्से पर फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की आकृति उकेरी जाएगी, जबकि दूसरे हिस्से को विजेता टीम की पहचान और उपलब्धि के अनुरूप तैयार किया जाएगा। प्रत्येक रिंग अलग-अलग खिलाड़ी और स्टाफ सदस्य के लिए व्यक्तिगत रूप से कस्टमाइज होगी तथा उस पर एक विशिष्ट क्रमांक भी अंकित रहेगा। साथ ही हर रिंग के साथ आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा, जिससे उसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।

फाइनल मुकाबले के तुरंत बाद विजेता टीम के कप्तान और मुख्य कोच को प्रतीकात्मक रूप से अस्थायी रिंग पहनाई जाएगी। इसके बाद पूरी विजेता टीम और संबंधित स्टाफ के लिए कुल 30 आधिकारिक रिंग तैयार की जाएंगी। खिलाड़ियों के नाम और उनकी व्यक्तिगत पहचान के अनुरूप इन्हें विशेष रूप से तैयार कर बाद में सौंपा जाएगा।

फीफा ने बताया है कि कुल 2,026 लिमिटेड एडिशन चैंपियनशिप रिंग बनाई जाएंगी। इनमें से केवल 30 रिंग विश्व कप विजेता टीम को दी जाएंगी, जबकि शेष रिंग आधिकारिक लाइसेंस के साथ फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सीमित संस्करण वाली रिंगों को विश्व कप स्मृति चिह्न के रूप में पेश किया जाएगा।

दूसरी ओर टूर्नामेंट का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।

स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत दावेदार फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से मात देकर लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया। यह अर्जेंटीना का कुल सातवां विश्व कप फाइनल होगा, जबकि टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

फीफा की ओर से घोषित नई पुरस्कार राशि की तुलना यदि पिछले विश्व कप से करें तो अंतर काफी बड़ा दिखाई देता है। कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में चैंपियन बनी अर्जेंटीना को 4.2 करोड़ डॉलर (करीब ₹348 करोड़) की प्राइज मनी मिली थी। वहीं उपविजेता फ्रांस को लगभग ₹248 करोड़ का पुरस्कार मिला था। उस समय पूरे टूर्नामेंट में 32 टीमों के बीच कुल पुरस्कार राशि लगभग ₹3,600 करोड़ वितरित की गई थी।

इसके मुकाबले 2026 संस्करण में पुरस्कार राशि कई गुना बढ़ा दी गई है। फीफा का मानना है कि बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता, प्रसारण अधिकारों से होने वाली आय, प्रायोजकों की बढ़ती भागीदारी और व्यावसायिक विस्तार को देखते हुए खिलाड़ियों, टीमों और सदस्य संघों को अधिक आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत इस बार रिकॉर्ड इनामी राशि तय की गई है।

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