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कोरबा की कोयला खदान में ब्लास्टिंग बनी जानलेवा, पत्थर लगने से किसान की मौत; मुआवजे के बाद शांत हुआ विरोध
कोरबा (छ.ग.)
दीपका ओपनकास्ट माइंस में सुरक्षा मानकों पर सवाल, ग्रामीणों ने शव रखकर किया देर रात तक प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बुधवार को एक कोयला खदान में हुई ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। यह हादसा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की दीपका खदान के पास उस समय हुआ, जब पीड़ित व्यक्ति पैदल अपने गांव लौट रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने देर रात तक प्रदर्शन किया।
मृतक की पहचान रेकी गांव निवासी 60 वर्षीय लखनलाल पटेल के रूप में हुई है, जो कृषि कार्य से जुड़े थे। परिजनों के अनुसार, वह दोपहर में हरदीबाजार क्षेत्र से अपने रिश्तेदार के घर से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान खदान क्षेत्र में चल रही ब्लास्टिंग से एक बड़ा पत्थर उछलकर उनके सिर पर आ गिरा, जिससे वे मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद माहौल गमगीन हो गया।
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक का शव खदान क्षेत्र के पास रखकर मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। देर शाम तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में लंबे समय से भारी ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे आसपास के गांवों में मकानों को नुकसान, जलस्रोतों के सूखने और कंपन की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि पहले भी अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
SECL प्रबंधन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद देर रात प्रदर्शन समाप्त हुआ।
कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि ब्लास्टिंग से पहले चेतावनी सायरन और सुरक्षा घेरा बनाना मानक प्रक्रिया का हिस्सा है, फिर भी घटना की आंतरिक जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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