- Hindi News
- बिजनेस
- शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 780 अंक लुढ़ककर 84,181 पर बंद, निफ्टी 25,877 के नीचे
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 780 अंक लुढ़ककर 84,181 पर बंद, निफ्टी 25,877 के नीचे
बिजनेस न्यूज
अमेरिका के संभावित 500% टैरिफ की आशंका से निवेशकों में घबराहट, मेटल, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में तेज बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज दबाव देखने को मिला। वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाई, जिससे सेंसेक्स 780 अंक टूटकर 84,181 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 264 अंक की गिरावट के साथ 25,877 पर आ गया। कारोबारी सत्र के आखिरी घंटों में बिकवाली और तेज हो गई, जिससे बाजार दिन के निचले स्तरों के आसपास बंद हुआ।
कारोबार की शुरुआत ही कमजोर रही। शुरुआती घंटों में बाजार ने संभलने की कोशिश की, लेकिन मेटल, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में बढ़ते दबाव ने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया। जानकारों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने की संभावित धमकी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही
बाजार सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर मौजूदा टैरिफ को 500% तक बढ़ाने की चेतावनी से निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है। रूस से तेल आयात को लेकर भारत के रुख पर अमेरिका की नाराजगी का असर सीधे बाजार पर दिखाई दिया। इसी वजह से खासतौर पर मेटल और ऑयल से जुड़े शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई।
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.40% गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 2.84% की गिरावट दर्ज की गई। पीएसयू बैंक इंडेक्स 2% से ज्यादा टूटा। आईटी, फार्मा, रियल्टी और मीडिया जैसे सेक्टरों में भी 1% से अधिक की कमजोरी रही। कुल मिलाकर निफ्टी-50 के 50 में से 45 शेयर नुकसान में बंद हुए, जिससे बाजार की व्यापक कमजोरी साफ नजर आई।
कुछ शेयरों ने दी राहत
तेज गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। IDFC फर्स्ट बैंक का शेयर करीब 2% चढ़ा। बालाजी एमाइंस में लगभग 14% और पेनेसिया बायोटेक में 13% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे कुछ निवेशकों को राहत मिली।
निवेशकों को बड़ा झटका
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:5 रहा, यानी हर एक बढ़ने वाले शेयर के मुकाबले पांच शेयर गिरावट में रहे।
ग्लोबल मार्केट का असर
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में कमजोरी दिखी, जबकि कोरिया मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में दबाव रहा, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
एफआईआई की बिकवाली जारी
विदेशी निवेशकों ने 7 जनवरी को 1,669 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 2,992 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार को फिलहाल घरेलू निवेशकों का सहारा मिल रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी का 25,900 के नीचे फिसलना तकनीकी रूप से कमजोर संकेत है। जब तक यह स्तर दोबारा पार नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने, आक्रामक खरीद से बचने और वैश्विक संकेतों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
--------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
