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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: तापमान में तेज गिरावट, शीतलहर और कोहरे से जनजीवन प्रभावित
मध्य प्रदेश
शहडोल में पारा 3 डिग्री तक गिरा, अंबिकापुर सबसे ठंडा; मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। रविवार सुबह से ही दोनों राज्यों के कई हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे का असर देखा गया। दिन और रात के तापमान में आई तेज गिरावट के कारण लोगों को सुबह और देर रात घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य क्षेत्रों में अगले 24 घंटे तक ठंड के तीखे बने रहने की चेतावनी जारी की है।
मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। भोपाल, शहडोल और रीवा संभाग में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। शहडोल जिले का कल्याणपुर इस सीजन का सबसे ठंडा इलाका दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कम से कम 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। रीवा, मैहर, कटनी, उमरिया और अनूपपुर में सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बनी हुई है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह-शाम की ठंड बरकरार है।
छत्तीसगढ़ में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। सरगुजा, रायपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में सुबह और देर रात शीतलहर का प्रभाव रहा। बीते 24 घंटों में अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बलौदा बाजार और आसपास के क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
रायगढ़ जिले में दिन का तापमान जहां करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, वहीं रात में पारा गिरकर 9 डिग्री तक आ जा रहा है। सुबह और शाम की ठंड के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम नजर आ रही है। मॉर्निंग वॉक करने वालों की संख्या में भी गिरावट आई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंड को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी-खांसी, सांस और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, बहुत सुबह बाहर निकलने से बचने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। लोग अलाव जलाकर समय गुजार रहे हैं, जबकि बाजारों में ऊनी कपड़े, कंबल और हीटर की मांग बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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