- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम: आज से बारिश में कमी के संकेत, कई जिलों में अब भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम: आज से बारिश में कमी के संकेत, कई जिलों में अब भी अलर्ट
छत्तीसगढ़
तीन दिनों की लगातार बारिश के बाद मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रहने के आसार, राजधानी रायपुर में सुबह निकली धूप।
छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के बाद अब मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। इसके चलते 31 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 24 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह तेज धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन चढ़ने के साथ बादल फिर सक्रिय हो सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन जिन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हुई वहां जनजीवन भी प्रभावित हुआ। सड़क यातायात पर असर पड़ा और कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है, हालांकि यह सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में बड़े बचेली में सबसे अधिक 19 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी रायपुर शहर में 15 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि कोमाखान और गरियाबंद में 14-14 सेंटीमीटर बारिश हुई। ओड़गी और बीजापुर में 13 सेंटीमीटर, बागबाहरा, सुकमा और गोबरा नवापारा में 12-12 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मैनपुर, पिथौरा, लाभांडी और कुकरेल में 11 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा माना, रायपुर एयरपोर्ट, छुरा, नगरी, बेलरगांव, मगरलोड और रुधरी सहित कई इलाकों में 10 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई। धमतरी, बसना, रायपुर, कुरूद, गुरूर और कई अन्य स्थानों पर भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश ने जलस्रोतों का स्तर बढ़ाया है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो शुक्रवार सुबह मौसम साफ नजर आया और तेज धूप खिली। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह धूप निकलने से लोगों को राहत जरूर महसूस हुई, लेकिन उमस में भी बढ़ोतरी देखी गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के कारण दिनभर मौसम का मिजाज कई बार बदल सकता है।
इस समय मानसून द्रोणिका जैसलमेर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय बनी हुई है। इसी वजह से प्रदेश में पर्याप्त नमी मौजूद है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। वहीं पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़, विदर्भ और दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब अब कमजोर पड़ने लगा है। अगले 12 घंटों में इसके पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद यह सामान्य अवदाब में बदलते हुए विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश की ओर आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग का मानना है कि इसी बदलाव के कारण प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी।
हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारिश पूरी तरह खत्म नहीं होगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले 24 घंटे तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के पास जाने से बचने, बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
लगातार हुई बारिश का सकारात्मक असर जलाशयों और बांधों में भी दिखाई देने लगा है। कई जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था कई जगह चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने नगर निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम: आज से बारिश में कमी के संकेत, कई जिलों में अब भी अलर्ट
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के बाद अब मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। इसके चलते 31 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 24 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह तेज धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन चढ़ने के साथ बादल फिर सक्रिय हो सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन जिन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हुई वहां जनजीवन भी प्रभावित हुआ। सड़क यातायात पर असर पड़ा और कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है, हालांकि यह सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में बड़े बचेली में सबसे अधिक 19 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी रायपुर शहर में 15 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि कोमाखान और गरियाबंद में 14-14 सेंटीमीटर बारिश हुई। ओड़गी और बीजापुर में 13 सेंटीमीटर, बागबाहरा, सुकमा और गोबरा नवापारा में 12-12 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मैनपुर, पिथौरा, लाभांडी और कुकरेल में 11 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा माना, रायपुर एयरपोर्ट, छुरा, नगरी, बेलरगांव, मगरलोड और रुधरी सहित कई इलाकों में 10 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई। धमतरी, बसना, रायपुर, कुरूद, गुरूर और कई अन्य स्थानों पर भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश ने जलस्रोतों का स्तर बढ़ाया है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो शुक्रवार सुबह मौसम साफ नजर आया और तेज धूप खिली। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह धूप निकलने से लोगों को राहत जरूर महसूस हुई, लेकिन उमस में भी बढ़ोतरी देखी गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के कारण दिनभर मौसम का मिजाज कई बार बदल सकता है।
इस समय मानसून द्रोणिका जैसलमेर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय बनी हुई है। इसी वजह से प्रदेश में पर्याप्त नमी मौजूद है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। वहीं पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़, विदर्भ और दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब अब कमजोर पड़ने लगा है। अगले 12 घंटों में इसके पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद यह सामान्य अवदाब में बदलते हुए विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश की ओर आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग का मानना है कि इसी बदलाव के कारण प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी।
हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारिश पूरी तरह खत्म नहीं होगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले 24 घंटे तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के पास जाने से बचने, बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
लगातार हुई बारिश का सकारात्मक असर जलाशयों और बांधों में भी दिखाई देने लगा है। कई जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था कई जगह चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने नगर निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
