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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 21 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 53 हजार करोड़ की योजनाएं रहेंगी जारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 53 हजार करोड़ की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। 21 प्रस्तावों में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं शामिल।
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही खरीफ 2020 में खरीदी गई 7.73 लाख मीट्रिक टन शेष धान के ई-ऑक्शन के निराकरण और भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता तय की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र के निर्माण कार्य, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई क्षमता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव मंजूर हुए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रावास योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के ओबीसी छात्र-छात्राओं को अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी। इसके अलावा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किए। इनमें शकूर खान को पेंशन देने और संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय शामिल है।
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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 21 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 53 हजार करोड़ की योजनाएं रहेंगी जारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही खरीफ 2020 में खरीदी गई 7.73 लाख मीट्रिक टन शेष धान के ई-ऑक्शन के निराकरण और भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता तय की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र के निर्माण कार्य, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई क्षमता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव मंजूर हुए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रावास योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के ओबीसी छात्र-छात्राओं को अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी। इसके अलावा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किए। इनमें शकूर खान को पेंशन देने और संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय शामिल है।
