- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- एमपी में 150 साल बाद लौटी जंगली भैंसें, सीएम मोहन यादव ने कान्हा में छोड़ी 4 भैंसें
एमपी में 150 साल बाद लौटी जंगली भैंसें, सीएम मोहन यादव ने कान्हा में छोड़ी 4 भैंसें
बालाघाट (म.प्र.)
कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों की वापसी, एमपी सरकार की बड़ी पहल। असम से लाए गए 4 भैंसे, इकोसिस्टम को मिलेगा लाभ।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित कान्हा क्षेत्र में करीब डेढ़ सदी बाद जंगली भैंसों की वापसी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुपखार रेंज में चार जंगली भैंसों को बाड़े में छोड़कर पुनर्स्थापन योजना की शुरुआत की। ये भैंसे असम के काजीरंगा क्षेत्र से लगभग 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां लाई गई हैं। इन भैंसों में तीन मादा और एक नर किशोर शावक शामिल है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सुबह करीब 9:15 बजे सुपखार पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9:30 बजे औपचारिक रूप से भैंसों को छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक, 1960 और 1970 के दशक तक इस क्षेत्र में जंगली भैंसों की मौजूदगी दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में वे धीरे-धीरे समाप्त हो गए। अब लगभग 150 साल बाद उनकी वापसी को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
यह परियोजना ‘कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना’ के तहत शुरू की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से इकोसिस्टम की एक महत्वपूर्ण कड़ी फिर से जुड़ सकेगी, जिससे प्राकृतिक संतुलन बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की पहचान को भी नया आयाम देगी। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में कान्हा में गैंडे लाने की भी तैयारी चल रही है।
केंद्र सरकार के सहयोग से विलुप्तप्राय प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनर्स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के साथ-साथ ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ के रूप में पहचान दिलाने की कोशिश है।
इस परियोजना को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इससे न केवल वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्राकृतिक आवास भी मजबूत होगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
एमपी में 150 साल बाद लौटी जंगली भैंसें, सीएम मोहन यादव ने कान्हा में छोड़ी 4 भैंसें
बालाघाट (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित कान्हा क्षेत्र में करीब डेढ़ सदी बाद जंगली भैंसों की वापसी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुपखार रेंज में चार जंगली भैंसों को बाड़े में छोड़कर पुनर्स्थापन योजना की शुरुआत की। ये भैंसे असम के काजीरंगा क्षेत्र से लगभग 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां लाई गई हैं। इन भैंसों में तीन मादा और एक नर किशोर शावक शामिल है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सुबह करीब 9:15 बजे सुपखार पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9:30 बजे औपचारिक रूप से भैंसों को छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक, 1960 और 1970 के दशक तक इस क्षेत्र में जंगली भैंसों की मौजूदगी दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में वे धीरे-धीरे समाप्त हो गए। अब लगभग 150 साल बाद उनकी वापसी को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
यह परियोजना ‘कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना’ के तहत शुरू की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से इकोसिस्टम की एक महत्वपूर्ण कड़ी फिर से जुड़ सकेगी, जिससे प्राकृतिक संतुलन बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की पहचान को भी नया आयाम देगी। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में कान्हा में गैंडे लाने की भी तैयारी चल रही है।
केंद्र सरकार के सहयोग से विलुप्तप्राय प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनर्स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के साथ-साथ ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ के रूप में पहचान दिलाने की कोशिश है।
इस परियोजना को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इससे न केवल वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्राकृतिक आवास भी मजबूत होगा।
