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भोपाल में राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन, 7 फरवरी से ज्यूडिशियल एकेडमी में जुटेंगे देशभर के शीर्ष न्यायाधीश
भोपाल (म.प्र.)
सीजेआई सूर्यकांत की मौजूदगी में दो दिवसीय मंथन, ‘एकीकृत और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ पर होगा विचार-विमर्श
राजधानी भोपाल स्थित नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी (एनजेए) में 7 फरवरी से दो दिवसीय राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत सहित देश के विभिन्न राज्यों से 20 से अधिक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीश भाग लेंगे।
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब न्यायिक सुधार, तकनीकी एकीकरण और आम नागरिकों तक न्याय की पहुंच जैसे विषय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। सम्मेलन का आयोजन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के स्तर पर किया जा रहा है, जिससे इसे न्यायिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त हो गया है।
सीजेआई बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत का यह मध्य प्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा है। लंबे अंतराल के बाद भोपाल में एक साथ बड़ी संख्या में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की मौजूदगी देखने को मिलेगी। इसे न्यायपालिका के भीतर समन्वय और साझा दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
सम्मेलन की थीम ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ तय की गई है। इसी विषय पर विभिन्न सत्रों में गहन मंथन होगा। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत सम्मेलन के दौरान देशभर से आए न्यायाधीशों को संबोधित करेंगे और न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आम जनता के लिए सुलभ बनाने पर अपने विचार साझा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन में न्यायिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के बेहतर उपयोग, लंबित मामलों में कमी और न्यायिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, बदलते सामाजिक परिदृश्य में न्यायपालिका की भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी देश में न्यायिक प्रशिक्षण और शोध का प्रमुख संस्थान मानी जाती है। यहां आयोजित यह सम्मेलन न केवल नीति-स्तर की चर्चाओं के लिए मंच प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की न्यायिक दिशा तय करने में भी सहायक होगा। न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के संवाद से न्याय प्रणाली को अधिक मजबूत और उत्तरदायी बनाने में मदद मिलती है।
सम्मेलन के समापन के बाद सामने आने वाले निष्कर्षों को आने वाले समय में न्यायिक सुधारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह आयोजन आज की ताज़ा ख़बरें और राष्ट्रीय न्यायिक अपडेट के तहत देशभर के विधि जगत की नजरों में रहेगा।
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