एपस्टीन की नई फाइलों में सनसनीखेज खुलासे: जबरन गर्भधारण, हत्या और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क के दावे

अंतराष्ट्रीय न्यूज

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अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी दस्तावेजों में नाबालिगों के यौन शोषण, संदिग्ध मौतों और वैश्विक हस्तियों के संपर्कों का उल्लेख

अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने हाल में एपस्टीन से संबंधित नई जांच फाइलें सार्वजनिक की हैं, जिनमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के यौन शोषण, जबरन गर्भधारण और संदिग्ध मौतों जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। ये फाइलें ट्रम्प प्रशासन द्वारा दिसंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही हैं।

दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन के न्यू मैक्सिको स्थित फार्म हाउस ‘जोरो रैंच’ में महिलाओं को लंबे समय तक बंद रखे जाने और उनसे जबरन गर्भधारण कराने के दावे किए गए हैं। एक नाबालिग पीड़िता ने खुद को ‘ह्यूमन इन्क्यूबेटर’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। फाइलों में यह भी कहा गया है कि पैदा हुए बच्चों को जन्म के बाद अलग कर दिया जाता था, जिनका आगे क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।

जारी रिकॉर्ड्स में दो विदेशी महिलाओं की मौत का उल्लेख भी है, जिनकी कथित तौर पर यौन संबंधों के दौरान गला घोंटकर हत्या की गई। आरोप है कि एपस्टीन के एक कर्मचारी ने शवों को जोरो रैंच में दफना दिया। इस पूरे नेटवर्क में एपस्टीन की करीबी सहयोगी और पूर्व गर्लफ्रेंड गिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं, जो पहले ही यौन तस्करी के मामलों में सजा काट रही हैं।

जस्टिस डिपार्टमेंट ने यह भी स्वीकार किया है कि फाइलों को सार्वजनिक करते समय कई पीड़ितों की पहचान ठीक से गोपनीय नहीं रखी जा सकी। कुछ दस्तावेजों में नाबालिग पीड़ितों की तस्वीरें और संपर्क विवरण सामने आ गए, जिसे विभाग ने प्रशासनिक चूक बताया है।

इन फाइलों में एपस्टीन के वित्तीय लेन-देन से जुड़े नए पहलू भी सामने आए हैं। दावा किया गया है कि कुछ सौदे पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बजाय बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किए गए। इसके अलावा, ईमेल रिकॉर्ड्स में रिसर्च प्रोजेक्ट्स, क्लोनिंग से जुड़े विचार और संदिग्ध संवादों का जिक्र भी है, जिनकी जांच अभी जारी है।

करीब 30 लाख पेज के इस डेटा में दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें उद्योग, राजनीति और राजशाही से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि किसी दस्तावेज में नाम आने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है।

इस बीच, ब्रिटेन में भी एपस्टीन विवाद का राजनीतिक असर दिखने लगा है। कुछ फाइलों में ब्रिटिश राजनयिकों और नेताओं से जुड़े संदर्भ सामने आने के बाद वहां सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये खुलासे न सिर्फ अमेरिका बल्कि वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी और यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को नई दिशा दे सकते हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आने वाले समय में और दस्तावेज सार्वजनिक किए जा सकते हैं। यह मामला एक बार फिर पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंडा में बना हुआ है।

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www.dainikjagranmpcg.com
06 Feb 2026 By Nitin Trivedi

एपस्टीन की नई फाइलों में सनसनीखेज खुलासे: जबरन गर्भधारण, हत्या और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क के दावे

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अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने हाल में एपस्टीन से संबंधित नई जांच फाइलें सार्वजनिक की हैं, जिनमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के यौन शोषण, जबरन गर्भधारण और संदिग्ध मौतों जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। ये फाइलें ट्रम्प प्रशासन द्वारा दिसंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही हैं।

दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन के न्यू मैक्सिको स्थित फार्म हाउस ‘जोरो रैंच’ में महिलाओं को लंबे समय तक बंद रखे जाने और उनसे जबरन गर्भधारण कराने के दावे किए गए हैं। एक नाबालिग पीड़िता ने खुद को ‘ह्यूमन इन्क्यूबेटर’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। फाइलों में यह भी कहा गया है कि पैदा हुए बच्चों को जन्म के बाद अलग कर दिया जाता था, जिनका आगे क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।

जारी रिकॉर्ड्स में दो विदेशी महिलाओं की मौत का उल्लेख भी है, जिनकी कथित तौर पर यौन संबंधों के दौरान गला घोंटकर हत्या की गई। आरोप है कि एपस्टीन के एक कर्मचारी ने शवों को जोरो रैंच में दफना दिया। इस पूरे नेटवर्क में एपस्टीन की करीबी सहयोगी और पूर्व गर्लफ्रेंड गिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं, जो पहले ही यौन तस्करी के मामलों में सजा काट रही हैं।

जस्टिस डिपार्टमेंट ने यह भी स्वीकार किया है कि फाइलों को सार्वजनिक करते समय कई पीड़ितों की पहचान ठीक से गोपनीय नहीं रखी जा सकी। कुछ दस्तावेजों में नाबालिग पीड़ितों की तस्वीरें और संपर्क विवरण सामने आ गए, जिसे विभाग ने प्रशासनिक चूक बताया है।

इन फाइलों में एपस्टीन के वित्तीय लेन-देन से जुड़े नए पहलू भी सामने आए हैं। दावा किया गया है कि कुछ सौदे पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बजाय बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किए गए। इसके अलावा, ईमेल रिकॉर्ड्स में रिसर्च प्रोजेक्ट्स, क्लोनिंग से जुड़े विचार और संदिग्ध संवादों का जिक्र भी है, जिनकी जांच अभी जारी है।

करीब 30 लाख पेज के इस डेटा में दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें उद्योग, राजनीति और राजशाही से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि किसी दस्तावेज में नाम आने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है।

इस बीच, ब्रिटेन में भी एपस्टीन विवाद का राजनीतिक असर दिखने लगा है। कुछ फाइलों में ब्रिटिश राजनयिकों और नेताओं से जुड़े संदर्भ सामने आने के बाद वहां सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये खुलासे न सिर्फ अमेरिका बल्कि वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी और यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को नई दिशा दे सकते हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आने वाले समय में और दस्तावेज सार्वजनिक किए जा सकते हैं। यह मामला एक बार फिर पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंडा में बना हुआ है।

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