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भोपाल में केरवा डैम के गेट का स्लैब गिरा: 40 साल पुराने ढांचे का हिस्सा ढहा, सुरक्षा के मद्देनज़र आवागमन रोका गया
Bhopal, MP
मंगलवार दोपहर हादसा, सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं; प्रशासन ने क्षेत्र को किया सील, विशेषज्ञ करेंगे डैम की संरचनात्मक जांच।
भोपाल के प्रसिद्ध केरवा डैम में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। डैम के गेट के ऊपर बना सीमेंट-कंक्रीट का स्लैब अचानक गिर गया, हालांकि घटना के वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने तत्काल क्षेत्र में आम लोगों का आना-जाना रोक दिया है और डैम के तकनीकी हिस्से की जांच शुरू कर दी गई है।
हादसा मंगलवार दोपहर हुआ
जानकारी के अनुसार, केरवा डैम के 8 गेटों के ऊपर बना कंक्रीट स्लैब मंगलवार दोपहर अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लैब गिरने से तेज आवाज हुई जिसके बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों ने फौरन डैम प्रबंधन को सूचित किया। घटना के समय कोई व्यक्ति वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने लिया नियंत्रण, एहतियाती कदम उठाए
घटना के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस ने डैम की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र के पास न पहुंचे। विभाग के इंजीनियरों ने कहा है कि स्लैब के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए संरचनात्मक जांच कराई जाएगी।
40 साल पुराना ढांचा, रखरखाव की ज़रूरत
सूत्रों के अनुसार, केरवा डैम का निर्माण भदभदा डैम से पहले हुआ था। जहां भदभदा डैम 1965 में बना था, वहीं केरवा डैम का निर्माण उससे लगभग चार दशक पहले पूरा हुआ था। पुराने ढांचे और लगातार मौसम के प्रभाव के कारण इसकी कई संरचनाएं जर्जर स्थिति में हैं। इंजीनियरों ने बताया कि लंबे समय से डैम के गेटों और ऊपरी सतह पर मरम्मत कार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
प्रशासन ने बताया कि डैम की पूरी तकनीकी समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की जा रही है। टीम यह आकलन करेगी कि शेष गेटों की स्थिति कितनी सुरक्षित है और आगे किसी बड़े हादसे से बचने के लिए किन मरम्मत कार्यों की आवश्यकता है। तब तक डैम के आसपास आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी।
स्थानीय प्रशासन की अपील
भोपाल कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में नागरिकों से अपील की गई है कि वे डैम क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न जाएं और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपायों के बाद ही क्षेत्र को पुनः आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
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भोपाल के प्रसिद्ध केरवा डैम में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। डैम के गेट के ऊपर बना सीमेंट-कंक्रीट का स्लैब अचानक गिर गया, हालांकि घटना के वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने तत्काल क्षेत्र में आम लोगों का आना-जाना रोक दिया है और डैम के तकनीकी हिस्से की जांच शुरू कर दी गई है।
हादसा मंगलवार दोपहर हुआ
जानकारी के अनुसार, केरवा डैम के 8 गेटों के ऊपर बना कंक्रीट स्लैब मंगलवार दोपहर अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लैब गिरने से तेज आवाज हुई जिसके बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों ने फौरन डैम प्रबंधन को सूचित किया। घटना के समय कोई व्यक्ति वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने लिया नियंत्रण, एहतियाती कदम उठाए
घटना के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस ने डैम की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र के पास न पहुंचे। विभाग के इंजीनियरों ने कहा है कि स्लैब के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए संरचनात्मक जांच कराई जाएगी।
40 साल पुराना ढांचा, रखरखाव की ज़रूरत
सूत्रों के अनुसार, केरवा डैम का निर्माण भदभदा डैम से पहले हुआ था। जहां भदभदा डैम 1965 में बना था, वहीं केरवा डैम का निर्माण उससे लगभग चार दशक पहले पूरा हुआ था। पुराने ढांचे और लगातार मौसम के प्रभाव के कारण इसकी कई संरचनाएं जर्जर स्थिति में हैं। इंजीनियरों ने बताया कि लंबे समय से डैम के गेटों और ऊपरी सतह पर मरम्मत कार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
प्रशासन ने बताया कि डैम की पूरी तकनीकी समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की जा रही है। टीम यह आकलन करेगी कि शेष गेटों की स्थिति कितनी सुरक्षित है और आगे किसी बड़े हादसे से बचने के लिए किन मरम्मत कार्यों की आवश्यकता है। तब तक डैम के आसपास आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी।
स्थानीय प्रशासन की अपील
भोपाल कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में नागरिकों से अपील की गई है कि वे डैम क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न जाएं और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपायों के बाद ही क्षेत्र को पुनः आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
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