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डीसीपी जोन-2 श्री विकास शाहवाल के नेतृत्व में 'सेफ क्लिक 2.0'
Digital Desk
अभियान के तहत बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में साइबर रथ के माध्यम से नागरिकों को किया गया जागरूक
पुलिस महानिदेशक म.प्र द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत आज डीसीपी जोन-2 श्री विकास शाहवाल के नेतृत्व में थाना गोविंदपुरा क्षेत्रान्तर्गत बरखेड़ा पठानी में साइबर रथ के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सूचना पर विश्वास करने से पूर्व उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड अथवा स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचें। अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी जैसे CIF, खाता संख्या, एटीएम/डेबिट कार्ड नंबर, CVV, OTP एवं MPIN किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत बैंक हेल्पलाइन या शाखा से ही संपर्क करें तथा अपने बैंक खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी को अद्यतन रखें। केवाईसी अपडेट केवल बैंक की अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से ही कराएं, किसी भी लिंक या फोन कॉल के माध्यम से प्राप्त निर्देशों पर भरोसा न करें।

नागरिकों को यह भी समझाया गया कि साइबर ठग स्वयं को ट्राई, कस्टम अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई, आयकर विभाग, बैंक अधिकारी अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डिजिटल गिरफ्तारी, केवाईसी अपडेट, पार्सल में अवैध सामग्री मिलने, रिश्तेदार की गिरफ्तारी, टैक्स रिफंड, गलत खाते में पैसा आने, लॉटरी लगने, आसान नौकरी, अधिक मुनाफे वाले निवेश एवं ट्रेडिंग जैसे विभिन्न बहानों से धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे किसी भी प्रलोभन अथवा धमकी में न आएं और बिना सत्यापन के किसी प्रकार का भुगतान न करें।
इसके अतिरिक्त नागरिकों को सोशल मीडिया एवं वीडियो कॉल के माध्यम से होने वाली डीपफेक धोखाधड़ी के बारे में भी जानकारी दी गई तथा बताया गया कि किसी भी वीडियो कॉल, ऑडियो संदेश अथवा सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेश के आधार पर कोई कार्रवाई न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त हो तो तुरंत कॉल काट दें और आवश्यक होने पर सत्यापन के बाद ही पुनः संपर्क करें।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो समय न गंवाते हुए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in अथवा निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।

अंत में उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। "सावधान रहें, सुरक्षित रहें" का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।कार्यक्रम के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा अदिती बी सक्सेना,थाना प्रभारी गोविंदपुरा अवधेश सिंह तोमर सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित रहा।
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डीसीपी जोन-2 श्री विकास शाहवाल के नेतृत्व में 'सेफ क्लिक 2.0'
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पुलिस महानिदेशक म.प्र द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत आज डीसीपी जोन-2 श्री विकास शाहवाल के नेतृत्व में थाना गोविंदपुरा क्षेत्रान्तर्गत बरखेड़ा पठानी में साइबर रथ के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सूचना पर विश्वास करने से पूर्व उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड अथवा स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचें। अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी जैसे CIF, खाता संख्या, एटीएम/डेबिट कार्ड नंबर, CVV, OTP एवं MPIN किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत बैंक हेल्पलाइन या शाखा से ही संपर्क करें तथा अपने बैंक खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी को अद्यतन रखें। केवाईसी अपडेट केवल बैंक की अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से ही कराएं, किसी भी लिंक या फोन कॉल के माध्यम से प्राप्त निर्देशों पर भरोसा न करें।

नागरिकों को यह भी समझाया गया कि साइबर ठग स्वयं को ट्राई, कस्टम अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई, आयकर विभाग, बैंक अधिकारी अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डिजिटल गिरफ्तारी, केवाईसी अपडेट, पार्सल में अवैध सामग्री मिलने, रिश्तेदार की गिरफ्तारी, टैक्स रिफंड, गलत खाते में पैसा आने, लॉटरी लगने, आसान नौकरी, अधिक मुनाफे वाले निवेश एवं ट्रेडिंग जैसे विभिन्न बहानों से धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे किसी भी प्रलोभन अथवा धमकी में न आएं और बिना सत्यापन के किसी प्रकार का भुगतान न करें।
इसके अतिरिक्त नागरिकों को सोशल मीडिया एवं वीडियो कॉल के माध्यम से होने वाली डीपफेक धोखाधड़ी के बारे में भी जानकारी दी गई तथा बताया गया कि किसी भी वीडियो कॉल, ऑडियो संदेश अथवा सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेश के आधार पर कोई कार्रवाई न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त हो तो तुरंत कॉल काट दें और आवश्यक होने पर सत्यापन के बाद ही पुनः संपर्क करें।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो समय न गंवाते हुए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in अथवा निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।

अंत में उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। "सावधान रहें, सुरक्षित रहें" का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।कार्यक्रम के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा अदिती बी सक्सेना,थाना प्रभारी गोविंदपुरा अवधेश सिंह तोमर सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित रहा।
