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रतलाम में एक माह तक रुके चीनी नागरिक, सूचना छिपाने पर केस
रतलाम,(म.प्र.)
विदेशी नागरिकों की जानकारी नहीं देने पर होटल संचालक और मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई
रतलाम में विदेशी नागरिकों के ठहरने की जानकारी छिपाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने होटल संचालक और मैनेजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र स्थित होटल अजंता पैलेस से जुड़ा है, जहां चार चीनी नागरिक करीब एक महीने तक ठहरे रहे, लेकिन उनकी जानकारी न तो निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज की गई और न ही स्थानीय पुलिस अथवा जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच कर होटल प्रबंधन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार यह मामला एसपी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर सामने आया। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार चीनी नागरिक होटल अजंता पैलेस में रुके थे। ये सभी विदेशी नागरिक बिजनेस वीजा पर भारत आए थे और मशीनरी से संबंधित कार्य के सिलसिले में रतलाम में ठहरे हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विदेशी नागरिक 17 दिसंबर 2025 को होटल में पहुंचे थे और 20 जनवरी 2026 तक वहीं ठहरे रहे। इस अवधि के दौरान होटल प्रबंधन ने उनके ठहरने की सूचना संबंधित विभागों को नहीं दी।
स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन के अनुसार प्रारंभिक जांच में पाया गया कि होटल प्रबंधन ने विदेशी नागरिकों की जानकारी देने से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। नियमों के तहत किसी भी विदेशी नागरिक के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस या अन्य ठहराव स्थल पर रुकने की स्थिति में उसकी जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन सी-फॉर्म के माध्यम से अपलोड करना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
जांच के बाद पुलिस ने होटल संचालक डॉ. सुभाष अग्रवाल और होटल मैनेजर शिवसिंह राठौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों की ओर से विदेशी नागरिकों के संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह लापरवाही आप्रवास एवं विदेशी विषयक अधिनियम, 2025 के प्रावधानों का उल्लंघन मानी गई है। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड में जिन विदेशी नागरिकों के नाम दर्ज हैं उनमें मिस्टर शू हू, मिस्टर झी गुआंगजियन, मिस्टर यांग झोंगफू और मिस्टर लियू यान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी व्यवसायिक उद्देश्य से भारत आए थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच का मुख्य विषय होटल प्रबंधन द्वारा सूचना नहीं देना है। विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को लेकर फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाना गंभीर मामला माना जा रहा है।
विदेशी नागरिकों की जानकारी समय पर दर्ज कराने का नियम राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे देश में आने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाती है। किसी भी होटल या आवासीय परिसर में विदेशी मेहमान के रुकने पर उसकी पूरी जानकारी संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना है ताकि किसी भी संभावित खतरे या संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की सूचना संकलन व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। नियमों के अनुसार शहर के होटल और लॉज अपने यहां ठहरने वाले यात्रियों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में चार विदेशी नागरिकों का करीब एक महीने तक शहर में रहना और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है। सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसी घटनाएं स्थानीय निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जरूरत को भी दर्शाती हैं।
इस मामले के बाद जिले के अन्य होटल और लॉज संचालकों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। प्रशासन भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही रोकने के लिए विशेष जांच अभियान भी चला सकता है। अधिकारियों का मानना है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं मानी जा सकती। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सूचना नहीं देने के पीछे केवल लापरवाही थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
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रतलाम में एक माह तक रुके चीनी नागरिक, सूचना छिपाने पर केस
रतलाम,(म.प्र.)
रतलाम में विदेशी नागरिकों के ठहरने की जानकारी छिपाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने होटल संचालक और मैनेजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र स्थित होटल अजंता पैलेस से जुड़ा है, जहां चार चीनी नागरिक करीब एक महीने तक ठहरे रहे, लेकिन उनकी जानकारी न तो निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज की गई और न ही स्थानीय पुलिस अथवा जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच कर होटल प्रबंधन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार यह मामला एसपी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर सामने आया। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार चीनी नागरिक होटल अजंता पैलेस में रुके थे। ये सभी विदेशी नागरिक बिजनेस वीजा पर भारत आए थे और मशीनरी से संबंधित कार्य के सिलसिले में रतलाम में ठहरे हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विदेशी नागरिक 17 दिसंबर 2025 को होटल में पहुंचे थे और 20 जनवरी 2026 तक वहीं ठहरे रहे। इस अवधि के दौरान होटल प्रबंधन ने उनके ठहरने की सूचना संबंधित विभागों को नहीं दी।
स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन के अनुसार प्रारंभिक जांच में पाया गया कि होटल प्रबंधन ने विदेशी नागरिकों की जानकारी देने से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। नियमों के तहत किसी भी विदेशी नागरिक के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस या अन्य ठहराव स्थल पर रुकने की स्थिति में उसकी जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन सी-फॉर्म के माध्यम से अपलोड करना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
जांच के बाद पुलिस ने होटल संचालक डॉ. सुभाष अग्रवाल और होटल मैनेजर शिवसिंह राठौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों की ओर से विदेशी नागरिकों के संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह लापरवाही आप्रवास एवं विदेशी विषयक अधिनियम, 2025 के प्रावधानों का उल्लंघन मानी गई है। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड में जिन विदेशी नागरिकों के नाम दर्ज हैं उनमें मिस्टर शू हू, मिस्टर झी गुआंगजियन, मिस्टर यांग झोंगफू और मिस्टर लियू यान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी व्यवसायिक उद्देश्य से भारत आए थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच का मुख्य विषय होटल प्रबंधन द्वारा सूचना नहीं देना है। विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को लेकर फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाना गंभीर मामला माना जा रहा है।
विदेशी नागरिकों की जानकारी समय पर दर्ज कराने का नियम राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे देश में आने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाती है। किसी भी होटल या आवासीय परिसर में विदेशी मेहमान के रुकने पर उसकी पूरी जानकारी संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना है ताकि किसी भी संभावित खतरे या संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की सूचना संकलन व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। नियमों के अनुसार शहर के होटल और लॉज अपने यहां ठहरने वाले यात्रियों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में चार विदेशी नागरिकों का करीब एक महीने तक शहर में रहना और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है। सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसी घटनाएं स्थानीय निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जरूरत को भी दर्शाती हैं।
इस मामले के बाद जिले के अन्य होटल और लॉज संचालकों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। प्रशासन भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही रोकने के लिए विशेष जांच अभियान भी चला सकता है। अधिकारियों का मानना है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं मानी जा सकती। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सूचना नहीं देने के पीछे केवल लापरवाही थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
