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रीवा में छत से गिरने से BSF जवान की मौत, परिवार सदमे में
रीवा,(म.प्र.)
पौधों में पानी देते समय फिसला पैर, चार जून को ड्यूटी पर लौटना था
रीवा जिले में एक दर्दनाक हादसे में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान रंगीलाल कोरी की मौत हो गई। मंगलवार सुबह अपने घर की छत पर पौधों को पानी देते समय उनका पैर फिसल गया और वे संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल जवान को परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बीएसएफ जवान रंगीलाल कोरी हाल ही में चुनावी ड्यूटी पूरी करने के बाद अवकाश पर अपने घर आए थे। वे पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे और कुछ दिन पहले ही परिवार के साथ समय बिताने के लिए छुट्टी पर लौटे थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि छुट्टियां खत्म होने से पहले वे कुछ और समय अपने प्रियजनों के साथ बिताएंगे, लेकिन एक अचानक हुए हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह रोज की तरह रंगीलाल कोरी घर की छत पर रखे पौधों में पानी देने पहुंचे थे। इस दौरान छत पर फिसलन होने के कारण उनका पैर अचानक फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे सीधे नीचे जा गिरे। गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। जवान गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। परिजन बिना देर किए उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी हालत काफी नाजुक थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को गंभीर बताया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। काफी प्रयासों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी जैसे ही यह समाचार पहुंचा, लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे।
परिजनों के अनुसार रंगीलाल कोरी की छुट्टियां समाप्त होने वाली थीं और उन्हें आगामी 4 जून को दिल्ली पहुंचकर अपनी यूनिट में दोबारा जॉइनिंग देनी थी। घर में उनकी वापसी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के सदस्य उनके लिए जरूरी सामान और यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि ड्यूटी पर लौटने से ठीक पहले ऐसा दुखद हादसा हो जाएगा। परिवार के लोगों का कहना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ थे और सामान्य दिनचर्या का पालन कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटना का प्रतीत हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
बीएसएफ जवान की असामयिक मौत से क्षेत्र के लोगों में भी गहरा दुख है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रंगीलाल कोरी बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। देश सेवा के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणा था। छुट्टी पर घर आने के बाद वे परिवार और गांव के लोगों से मिल रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी घर वापसी का यह समय अंतिम साबित होगा।
सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों का जीवन हमेशा चुनौतियों से भरा रहता है। देश की सीमाओं पर तैनात रहकर वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और जब छुट्टियों में घर आते हैं तो परिवार के साथ कुछ समय बिताने की कोशिश करते हैं। ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं। रंगीलाल कोरी की मौत ने एक बार फिर यह एहसास कराया है कि जीवन कितना अनिश्चित हो सकता है और एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिवार इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घर के एक जिम्मेदार सदस्य के अचानक चले जाने का दर्द लंबे समय तक उनके साथ रहेगा।
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रीवा में छत से गिरने से BSF जवान की मौत, परिवार सदमे में
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले में एक दर्दनाक हादसे में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान रंगीलाल कोरी की मौत हो गई। मंगलवार सुबह अपने घर की छत पर पौधों को पानी देते समय उनका पैर फिसल गया और वे संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल जवान को परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बीएसएफ जवान रंगीलाल कोरी हाल ही में चुनावी ड्यूटी पूरी करने के बाद अवकाश पर अपने घर आए थे। वे पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे और कुछ दिन पहले ही परिवार के साथ समय बिताने के लिए छुट्टी पर लौटे थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि छुट्टियां खत्म होने से पहले वे कुछ और समय अपने प्रियजनों के साथ बिताएंगे, लेकिन एक अचानक हुए हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह रोज की तरह रंगीलाल कोरी घर की छत पर रखे पौधों में पानी देने पहुंचे थे। इस दौरान छत पर फिसलन होने के कारण उनका पैर अचानक फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे सीधे नीचे जा गिरे। गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। जवान गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। परिजन बिना देर किए उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी हालत काफी नाजुक थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को गंभीर बताया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। काफी प्रयासों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी जैसे ही यह समाचार पहुंचा, लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे।
परिजनों के अनुसार रंगीलाल कोरी की छुट्टियां समाप्त होने वाली थीं और उन्हें आगामी 4 जून को दिल्ली पहुंचकर अपनी यूनिट में दोबारा जॉइनिंग देनी थी। घर में उनकी वापसी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के सदस्य उनके लिए जरूरी सामान और यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि ड्यूटी पर लौटने से ठीक पहले ऐसा दुखद हादसा हो जाएगा। परिवार के लोगों का कहना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ थे और सामान्य दिनचर्या का पालन कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटना का प्रतीत हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
बीएसएफ जवान की असामयिक मौत से क्षेत्र के लोगों में भी गहरा दुख है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रंगीलाल कोरी बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। देश सेवा के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणा था। छुट्टी पर घर आने के बाद वे परिवार और गांव के लोगों से मिल रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी घर वापसी का यह समय अंतिम साबित होगा।
सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों का जीवन हमेशा चुनौतियों से भरा रहता है। देश की सीमाओं पर तैनात रहकर वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और जब छुट्टियों में घर आते हैं तो परिवार के साथ कुछ समय बिताने की कोशिश करते हैं। ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं। रंगीलाल कोरी की मौत ने एक बार फिर यह एहसास कराया है कि जीवन कितना अनिश्चित हो सकता है और एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिवार इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घर के एक जिम्मेदार सदस्य के अचानक चले जाने का दर्द लंबे समय तक उनके साथ रहेगा।
