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ग्वालियर आईएसबीटी को मिलेगा नया रफ्तार, बस संचालन बढ़ाने और यात्री सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
ग्वालियर (म.प्र.)
परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों के साथ की विस्तृत चर्चा, ई-बस कनेक्टिविटी, टिकट काउंटर और अधिक रूटों को आईएसबीटी से जोड़ने पर बनी सहमति
ग्वालियर के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को शहर का प्रमुख सार्वजनिक परिवहन केंद्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में रविवार शाम परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों, यूनियन प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आईएसबीटी से बसों के संचालन को बढ़ावा देना, यात्रियों की संख्या में इजाफा करना और टर्मिनल पर उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाना था। अधिकारियों ने साफ किया कि आने वाले समय में आईएसबीटी को ग्वालियर के प्रमुख बस केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कई कदम उठाए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक यह बैठक जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने की। बैठक के दौरान विभिन्न रूटों पर बस संचालन, यात्रियों की आवाजाही, टर्मिनल की मौजूदा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बस संचालकों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि संचालन से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन लगातार काम करेगा।
बैठक में परिवहन विभाग ने शहर में जल्द शुरू होने वाली ई-बस सेवा की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों के अनुसार नई ई-बसें शहर के अलग-अलग इलाकों को आईएसबीटी से जोड़ेंगी। इससे यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से लोग निजी वाहनों की बजाय बस सेवाओं का अधिक उपयोग करेंगे और आईएसबीटी पर यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी।
बस ऑपरेटरों ने बैठक में बताया कि भिंड और मुरैना की ओर जाने वाली कई बसों का संचालन पहले से आईएसबीटी से किया जा रहा है। हालांकि शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही, जिससे कुछ आर्थिक और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आई हैं। ऑपरेटरों का कहना था कि लोगों को अभी भी नई व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे यात्रियों को आईएसबीटी की सुविधाओं और बसों के संचालन की जानकारी मिलेगी, स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
चर्चा के दौरान बस संचालकों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे आईएसबीटी को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि धीरे-धीरे अधिक से अधिक बसों का संचालन इसी टर्मिनल से शुरू किया जाएगा। साथ ही यात्रियों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे शहर के नए बस टर्मिनल का उपयोग करें। ऑपरेटरों ने सुझाव दिया कि आईएसबीटी तक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था होने से यात्रियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।
बैठक में आईएसबीटी परिसर में यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वेंडर प्रतिनिधियों ने बताया कि निर्धारित नियमों के तहत इच्छुक बस संचालकों को टिकट काउंटर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर टिकट लेने की परेशानी नहीं होगी और सभी बस सेवाओं की जानकारी एक ही परिसर में मिल सकेगी। अधिकारियों ने कहा कि टिकट व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने से यात्रियों का समय बचेगा और टर्मिनल का संचालन भी अधिक व्यवस्थित होगा।
प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए कि आने वाले समय में आईएसबीटी परिसर में यात्रियों की सुविधा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा। पार्किंग, प्रतीक्षालय, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और सूचना प्रणाली जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि यात्रियों को एक ही स्थान पर सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक परिवहन सेवाएं मिल सकें।
बैठक में बस ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारियों ने विभिन्न रूटों पर संचालन से जुड़े अपने सुझाव भी रखे। स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी आईएसबीटी के बेहतर उपयोग और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपने विचार साझा किए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बस ऑपरेटरों से मिले सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और जो प्रस्ताव व्यावहारिक होंगे, उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि विभाग, बस संचालकों और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से आईएसबीटी को क्षेत्र का प्रमुख बस परिवहन केंद्र बनाया जा सकता है।
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ग्वालियर आईएसबीटी को मिलेगा नया रफ्तार, बस संचालन बढ़ाने और यात्री सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को शहर का प्रमुख सार्वजनिक परिवहन केंद्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में रविवार शाम परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों, यूनियन प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आईएसबीटी से बसों के संचालन को बढ़ावा देना, यात्रियों की संख्या में इजाफा करना और टर्मिनल पर उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाना था। अधिकारियों ने साफ किया कि आने वाले समय में आईएसबीटी को ग्वालियर के प्रमुख बस केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कई कदम उठाए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक यह बैठक जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने की। बैठक के दौरान विभिन्न रूटों पर बस संचालन, यात्रियों की आवाजाही, टर्मिनल की मौजूदा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बस संचालकों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि संचालन से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन लगातार काम करेगा।
बैठक में परिवहन विभाग ने शहर में जल्द शुरू होने वाली ई-बस सेवा की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों के अनुसार नई ई-बसें शहर के अलग-अलग इलाकों को आईएसबीटी से जोड़ेंगी। इससे यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से लोग निजी वाहनों की बजाय बस सेवाओं का अधिक उपयोग करेंगे और आईएसबीटी पर यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी।
बस ऑपरेटरों ने बैठक में बताया कि भिंड और मुरैना की ओर जाने वाली कई बसों का संचालन पहले से आईएसबीटी से किया जा रहा है। हालांकि शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही, जिससे कुछ आर्थिक और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आई हैं। ऑपरेटरों का कहना था कि लोगों को अभी भी नई व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे यात्रियों को आईएसबीटी की सुविधाओं और बसों के संचालन की जानकारी मिलेगी, स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
चर्चा के दौरान बस संचालकों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे आईएसबीटी को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि धीरे-धीरे अधिक से अधिक बसों का संचालन इसी टर्मिनल से शुरू किया जाएगा। साथ ही यात्रियों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे शहर के नए बस टर्मिनल का उपयोग करें। ऑपरेटरों ने सुझाव दिया कि आईएसबीटी तक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था होने से यात्रियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।
बैठक में आईएसबीटी परिसर में यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वेंडर प्रतिनिधियों ने बताया कि निर्धारित नियमों के तहत इच्छुक बस संचालकों को टिकट काउंटर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर टिकट लेने की परेशानी नहीं होगी और सभी बस सेवाओं की जानकारी एक ही परिसर में मिल सकेगी। अधिकारियों ने कहा कि टिकट व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने से यात्रियों का समय बचेगा और टर्मिनल का संचालन भी अधिक व्यवस्थित होगा।
प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए कि आने वाले समय में आईएसबीटी परिसर में यात्रियों की सुविधा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा। पार्किंग, प्रतीक्षालय, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और सूचना प्रणाली जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि यात्रियों को एक ही स्थान पर सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक परिवहन सेवाएं मिल सकें।
बैठक में बस ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारियों ने विभिन्न रूटों पर संचालन से जुड़े अपने सुझाव भी रखे। स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी आईएसबीटी के बेहतर उपयोग और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपने विचार साझा किए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बस ऑपरेटरों से मिले सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और जो प्रस्ताव व्यावहारिक होंगे, उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि विभाग, बस संचालकों और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से आईएसबीटी को क्षेत्र का प्रमुख बस परिवहन केंद्र बनाया जा सकता है।
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