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मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, पहली बार दो हिंदू सदस्यों को किया गया शामिल
Digital Desk
मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया। पहली बार दो हिंदू सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया गया।
मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। नई 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित कानून केलागू होने के बाद यह देश का पहला राज्य है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह दी गई है।
रविवार को जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना के अनुसार सनवर पटेल को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को बोर्ड में हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सदस्य अधिनियम में निर्धारित विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद बोर्ड का पुनर्गठन किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप उठाया गया है, जिसके तहत राज्य वक्फ बोर्डों की संरचना में बदलाव किया गया है।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्रावधान राज्य वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का है। इससे पहले वक्फ बोर्डों में केवल मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति होती थी।
अधिकारियों के अनुसार, नवगठित बोर्ड राज्यभर की वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, पंजीकरण, रखरखाव और प्रशासन से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा। इसके साथ ही बोर्ड वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप उनके उपयोग को सुनिश्चित करने का काम करेगा।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर देशभर में राजनीतिक और कानूनी बहस भी जारी है। केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना है। वहीं, कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर विभिन्न पक्षों ने आपत्ति जताई है और मामला न्यायालयों में भी विचाराधीन है।
हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार ने नए कानून के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का गठन कर इसके प्रावधानों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि अन्य राज्य भी आने वाले समय में इसी कानून के अनुरूप अपने-अपने वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन कर सकते हैं।
फिलहाल नवगठित बोर्ड की पहली बैठक की तारीख घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड के कार्यभार संभालने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, पहली बार दो हिंदू सदस्यों को किया गया शामिल
Digital Desk
मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। नई 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित कानून केलागू होने के बाद यह देश का पहला राज्य है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह दी गई है।
रविवार को जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना के अनुसार सनवर पटेल को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को बोर्ड में हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सदस्य अधिनियम में निर्धारित विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद बोर्ड का पुनर्गठन किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप उठाया गया है, जिसके तहत राज्य वक्फ बोर्डों की संरचना में बदलाव किया गया है।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्रावधान राज्य वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का है। इससे पहले वक्फ बोर्डों में केवल मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति होती थी।
अधिकारियों के अनुसार, नवगठित बोर्ड राज्यभर की वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, पंजीकरण, रखरखाव और प्रशासन से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा। इसके साथ ही बोर्ड वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप उनके उपयोग को सुनिश्चित करने का काम करेगा।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर देशभर में राजनीतिक और कानूनी बहस भी जारी है। केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना है। वहीं, कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर विभिन्न पक्षों ने आपत्ति जताई है और मामला न्यायालयों में भी विचाराधीन है।
हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार ने नए कानून के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का गठन कर इसके प्रावधानों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि अन्य राज्य भी आने वाले समय में इसी कानून के अनुरूप अपने-अपने वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन कर सकते हैं।
फिलहाल नवगठित बोर्ड की पहली बैठक की तारीख घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड के कार्यभार संभालने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
