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सांची में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने फूटा रहवासियों का गुस्सा, मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रोका काफिला
सांची
आठ साल से सड़क, पेयजल, नाली और बिजली जैसी सुविधाओं से वंचित होने का दावा, रहवासियों ने सौंपा ज्ञापन; मंत्री ने कॉलोनी पहुंचकर हालात देखने का भरोसा दिया
रायसेन जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगर सांची में रविवार रात उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला वार्ड क्रमांक-14 स्थित बांके बिहारी कॉलोनी के पास पहुंचा। बड़ी संख्या में पहले से मौजूद रहवासियों ने मंत्री का काफिला रुकवाकर अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि वर्षों से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी बुनियादी जरूरतें आज तक पूरी नहीं हुईं। लोगों ने सड़क, पेयजल, नाली, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही केंद्रीय मंत्री का काफिला कॉलोनी के समीप पहुंचा, रहवासियों ने हाथों में ज्ञापन लेकर वाहन रुकवाया। शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन मंत्री ने खुद स्थिति को समझने के लिए वाहन रुकवाया और लोगों की बात सुनने का फैसला किया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और स्थानीय नागरिक उनके आसपास एकत्र हो गए। कई लोगों ने अपनी समस्याएं विस्तार से बताते हुए कहा कि कॉलोनी बसने के कई वर्ष बाद भी यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
रहवासियों ने मंत्री को सौंपे ज्ञापन में दावा किया कि कॉलोनी विकसित किए जाने के समय उन्हें बेहतर सड़क, पेयजल, नाली, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। लोगों का कहना है कि प्लॉट खरीदने के दौरान विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन समय बीतने के बावजूद अधिकांश सुविधाएं कागजों तक ही सीमित रहीं। उनका आरोप था कि बारिश के दिनों में कॉलोनी की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। कई हिस्सों में जलभराव की समस्या बन जाती है, जबकि पक्की सड़कें नहीं होने से लोगों को रोजाना आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि पेयजल की नियमित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई परिवारों को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने शिकायतें रखीं। रहवासियों का कहना था कि कई बार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, जबकि जमीन पर हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं।
कॉलोनीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों की जिम्मेदारी तय नहीं होने से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना था कि कई बार संबंधित कॉलोनाइजर से भी संपर्क किया गया, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से उन्होंने सीधे केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग रखी। ज्ञापन में कॉलोनी के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का अनुरोध भी किया गया।
लोगों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान वाहन से उतरकर सीधे नागरिकों के बीच पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मंत्री ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि वे केवल ज्ञापन लेकर आगे नहीं बढ़ेंगे, बल्कि स्वयं कॉलोनी का दौरा कर वास्तविक स्थिति भी देखेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों और अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि वे अलग से समय निकालकर कॉलोनी आएंगे और स्थानीय लोगों के बीच रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर जो भी संभव होगा, उसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मंत्री की बात सुनने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी समस्याओं से जुड़े कुछ और बिंदु भी उनके सामने रखे, जिन पर अधिकारियों को आवश्यक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए।
घटना के दौरान मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे। कुछ देर तक मंत्री और रहवासियों के बीच चर्चा चलती रही। इस दौरान कॉलोनी की स्थिति, विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं और अब चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई दिखाई दे।
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सांची में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने फूटा रहवासियों का गुस्सा, मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रोका काफिला
सांची
रायसेन जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगर सांची में रविवार रात उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला वार्ड क्रमांक-14 स्थित बांके बिहारी कॉलोनी के पास पहुंचा। बड़ी संख्या में पहले से मौजूद रहवासियों ने मंत्री का काफिला रुकवाकर अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि वर्षों से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी बुनियादी जरूरतें आज तक पूरी नहीं हुईं। लोगों ने सड़क, पेयजल, नाली, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही केंद्रीय मंत्री का काफिला कॉलोनी के समीप पहुंचा, रहवासियों ने हाथों में ज्ञापन लेकर वाहन रुकवाया। शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन मंत्री ने खुद स्थिति को समझने के लिए वाहन रुकवाया और लोगों की बात सुनने का फैसला किया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और स्थानीय नागरिक उनके आसपास एकत्र हो गए। कई लोगों ने अपनी समस्याएं विस्तार से बताते हुए कहा कि कॉलोनी बसने के कई वर्ष बाद भी यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
रहवासियों ने मंत्री को सौंपे ज्ञापन में दावा किया कि कॉलोनी विकसित किए जाने के समय उन्हें बेहतर सड़क, पेयजल, नाली, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। लोगों का कहना है कि प्लॉट खरीदने के दौरान विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन समय बीतने के बावजूद अधिकांश सुविधाएं कागजों तक ही सीमित रहीं। उनका आरोप था कि बारिश के दिनों में कॉलोनी की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। कई हिस्सों में जलभराव की समस्या बन जाती है, जबकि पक्की सड़कें नहीं होने से लोगों को रोजाना आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि पेयजल की नियमित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई परिवारों को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने शिकायतें रखीं। रहवासियों का कहना था कि कई बार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, जबकि जमीन पर हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं।
कॉलोनीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों की जिम्मेदारी तय नहीं होने से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना था कि कई बार संबंधित कॉलोनाइजर से भी संपर्क किया गया, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से उन्होंने सीधे केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग रखी। ज्ञापन में कॉलोनी के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का अनुरोध भी किया गया।
लोगों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान वाहन से उतरकर सीधे नागरिकों के बीच पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मंत्री ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि वे केवल ज्ञापन लेकर आगे नहीं बढ़ेंगे, बल्कि स्वयं कॉलोनी का दौरा कर वास्तविक स्थिति भी देखेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों और अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि वे अलग से समय निकालकर कॉलोनी आएंगे और स्थानीय लोगों के बीच रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर जो भी संभव होगा, उसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मंत्री की बात सुनने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी समस्याओं से जुड़े कुछ और बिंदु भी उनके सामने रखे, जिन पर अधिकारियों को आवश्यक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए।
घटना के दौरान मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे। कुछ देर तक मंत्री और रहवासियों के बीच चर्चा चलती रही। इस दौरान कॉलोनी की स्थिति, विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं और अब चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई दिखाई दे।
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