मध्य प्रदेश मौसम ट्रैकर 2026: बारिश, मानसून घाटा और IMD पूर्वानुमान

Sandeep Patel

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MP Weather Tracker 2026: मध्य प्रदेश में बारिश, मानसून घाटा, जिला अलर्ट, जलभराव जोखिम और 20 से 25 अगस्त तक IMD का ताजा मौसम पूर्वानुमान जानें।

MP Weather Tracker 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय चरण में है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 25 अगस्त तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। हालांकि, बारिश का वितरण जिलों के बीच असमान रहने की संभावना है।

LAST UPDATED: 20 अगस्त 2026 | सुबह 8:47 बजे IST

संकेतक मौजूदा स्थिति
पूर्वी MP में बारिश कई स्थानों पर बारिश से व्यापक बारिश तक
पश्चिमी MP में बारिश कई स्थानों पर बारिश
मुख्य मौसम चिंता भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली
पूर्वी MP का सक्रिय दौर 19–25 अगस्त
पश्चिमी MP का सक्रिय दौर 20–23 अगस्त
मौसमी बारिश की स्थिति नवीनतम सत्यापित IMD आंकड़े आने पर अपडेट किया जाएगा

1. MP में कहां सबसे ज्यादा बारिश?

मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों का फोकस फिलहाल पूर्वी हिस्से की ओर अधिक बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 25 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 20 से 23 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

इसका मतलब है कि पूर्वी जिले इस समय सबसे अहम बारिश वाले क्षेत्र बने हुए हैं। हालांकि, बारिश केवल पूर्वी MP तक सीमित नहीं रहेगी। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।

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IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली झारखंड-बिहार क्षेत्र से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

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2. पूर्वी MP बना मुख्य बारिश जोन

रीवा, सतना, सीधी, शहडोल और आसपास के पूर्वी जिले लगातार बारिश के पूर्वानुमान के कारण निगरानी में बने हुए हैं।

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हालांकि, 18 अगस्त के मौसम अलर्ट को 20 अगस्त के लिए उसी रूप में इस्तेमाल करना सही नहीं होगा। सीधी में अत्यधिक भारी बारिश और सतना में बहुत भारी बारिश का अलर्ट उस समय की विशेष चेतावनी के लिए था।

नवीनतम IMD पूर्वानुमान फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश में व्यापक और लंबे बारिश के दौर की ओर इशारा करता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर जिले में आज समान श्रेणी की भारी बारिश होगी।

मौसम चेतावनियां हर नए बुलेटिन के साथ बदल सकती हैं। इसलिए ताजा जिला-स्तरीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।

3. पूरे MP में बारिश का पैटर्न

मौजूदा पूर्वानुमान सामान्य छिटपुट बारिश के बजाय मध्य प्रदेश में एक व्यापक मानसूनी गतिविधि की ओर संकेत करता है।

पूर्वी MP — सक्रिय बारिश

19 से 25 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक का अनुमान है।

पश्चिमी MP — बारिश का दौर

20 से 23 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। इसके बाहर भी कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है।

हालांकि, बारिश का वितरण पूरी तरह समान नहीं रहेगा। एक जिले में भारी बारिश हो सकती है, जबकि उसके आसपास के इलाके में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज हो सकती है।

इसलिए राज्य के औसत बारिश आंकड़े को यह मानने का आधार नहीं बनाया जा सकता कि मध्य प्रदेश के सभी जिलों का बारिश घाटा पूरा हो गया है।

4. MP मानसून स्कोरकार्ड

अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मध्य प्रदेश के लिए मौसमी बारिश का घाटा सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ों में से एक बना हुआ है।

पिछले ट्रैकर में 17 अगस्त तक मध्य प्रदेश में मौसमी संचयी बारिश 544.4 मिमी और सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम बताई गई थी। इन आंकड़ों को 20 अगस्त की अंतिम स्थिति नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इसके बाद भी राज्य के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण बारिश हुई है।

IMD राज्यों और जिलों के लिए दैनिक, मासिक और संचयी बारिश के अलग-अलग आंकड़े जारी करता है। नया सत्यापित राज्यव्यापी आंकड़ा उपलब्ध होने पर इसी ट्रैकर में उसे अपडेट किया जाना चाहिए।

मौजूदा बारिश का दौर राज्य के मौसमी घाटे को और कम कर सकता है, खासकर अगर पूर्वी और पश्चिमी MP में व्यापक बारिश का अनुमान वास्तविक बारिश में बदलता है।

फिर भी जिलों की स्थिति अलग-अलग रह सकती है, क्योंकि हर जिले में बारिश की कमी का स्तर समान नहीं है।

5. तापमान और उमस पर नजर

सक्रिय मानसून के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने की संभावना है।

बादल और बारिश अधिकतम तापमान को अस्थायी रूप से कम कर सकते हैं। वहीं, बारिश के बीच बादल हटने पर गर्मी और उमस तेजी से बढ़ सकती है।

हवा में नमी अधिक रहने के कारण बारिश कम होने के दौरान भी मौसम उमस भरा महसूस हो सकता है।

इस समय मौसम की मुख्य चिंता तेज गर्मी से हटकर बारिश की तीव्रता, आकाशीय बिजली, जलभराव और स्थानीय व्यवधान पर केंद्रित हो गई है।

6. खेती, बाढ़ और जलभराव का खतरा

लगातार बारिश खरीफ फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन बहुत तेज या लंबे समय तक होने वाली बारिश खेतों में जल निकासी की समस्या भी पैदा कर सकती है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने और फसलों पर कीटनाशक या अन्य रसायनों के छिड़काव से बचना चाहिए।

कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को भी बारिश से सुरक्षित रखना जरूरी है।

जिन क्षेत्रों में पहले से मिट्टी में पर्याप्त नमी या पानी जमा है, वहां तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

पहले जारी IMD फ्लैश-फ्लड आकलन में रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, कटनी, बालाघाट और मंडला समेत पूर्वी MP के कुछ जिलों में कम से मध्यम जोखिम का उल्लेख किया गया था। यह पुराना आकलन था और इसे आज का लाइव जिला अलर्ट नहीं माना जाना चाहिए।

7. 21 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर गुरुवार के बाद भी जारी रहने की संभावना है।

21 अगस्त: पूर्वी MP में बारिश की गतिविधि व्यापक रह सकती है। पश्चिमी हिस्से भी सक्रिय बारिश के दौर में बने रहेंगे।

22–23 अगस्त: पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी, हालांकि बारिश की तीव्रता स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

24–25 अगस्त: पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक का पूर्वानुमान बना हुआ है। पश्चिमी MP में व्यापक बारिश का सक्रिय दौर 23 अगस्त के बाद कमजोर पड़ सकता है।

इससे संकेत मिलता है कि पूर्वी मध्य प्रदेश अगले कुछ दिनों तक राज्य का अधिक लगातार बारिश वाला क्षेत्र बना रह सकता है।

मानसून का सबसे अहम सवाल

अब मध्य प्रदेश के लिए सवाल केवल यह नहीं है कि 24 घंटे में कितनी बारिश हुई।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल है:

मौजूदा बारिश मध्य प्रदेश के मौसमी बारिश घाटे को कितना कम करेगी और कौन से जिले अब भी सामान्य से पीछे रह जाएंगे?

इसका स्पष्ट जवाब आने वाले दिनों में जारी होने वाले IMD के नए संचयी बारिश आंकड़ों से मिलेगा।

मौसम का निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय चरण में है। पूर्वी MP में 25 अगस्त तक और पश्चिमी MP में 23 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है।

18 अगस्त को सीधी और सतना के लिए जारी अत्यधिक भारी और बहुत भारी बारिश की चेतावनी को बिना नई जिला-स्तरीय पुष्टि के 20 अगस्त के लिए दोहराना उचित नहीं होगा।

आज की सबसे मजबूत और सत्यापित मौसम खबर यह है कि मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर जारी है और पूर्वी MP अगले कई दिनों तक मुख्य बारिश क्षेत्र बना रह सकता है।

प्राथमिक स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल तथा नवीनतम IMD राष्ट्रीय एवं वर्षा बुलेटिन।

www.dainikjagranmpcg.com
20 Aug 2026 By Sandeep.P

मध्य प्रदेश मौसम ट्रैकर 2026: बारिश, मानसून घाटा और IMD पूर्वानुमान

Sandeep Patel

MP Weather Tracker 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय चरण में है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 25 अगस्त तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। हालांकि, बारिश का वितरण जिलों के बीच असमान रहने की संभावना है।

LAST UPDATED: 20 अगस्त 2026 | सुबह 8:47 बजे IST

संकेतक मौजूदा स्थिति
पूर्वी MP में बारिश कई स्थानों पर बारिश से व्यापक बारिश तक
पश्चिमी MP में बारिश कई स्थानों पर बारिश
मुख्य मौसम चिंता भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली
पूर्वी MP का सक्रिय दौर 19–25 अगस्त
पश्चिमी MP का सक्रिय दौर 20–23 अगस्त
मौसमी बारिश की स्थिति नवीनतम सत्यापित IMD आंकड़े आने पर अपडेट किया जाएगा

1. MP में कहां सबसे ज्यादा बारिश?

मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों का फोकस फिलहाल पूर्वी हिस्से की ओर अधिक बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 25 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 20 से 23 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

इसका मतलब है कि पूर्वी जिले इस समय सबसे अहम बारिश वाले क्षेत्र बने हुए हैं। हालांकि, बारिश केवल पूर्वी MP तक सीमित नहीं रहेगी। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।

IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली झारखंड-बिहार क्षेत्र से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

2. पूर्वी MP बना मुख्य बारिश जोन

रीवा, सतना, सीधी, शहडोल और आसपास के पूर्वी जिले लगातार बारिश के पूर्वानुमान के कारण निगरानी में बने हुए हैं।

हालांकि, 18 अगस्त के मौसम अलर्ट को 20 अगस्त के लिए उसी रूप में इस्तेमाल करना सही नहीं होगा। सीधी में अत्यधिक भारी बारिश और सतना में बहुत भारी बारिश का अलर्ट उस समय की विशेष चेतावनी के लिए था।

नवीनतम IMD पूर्वानुमान फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश में व्यापक और लंबे बारिश के दौर की ओर इशारा करता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर जिले में आज समान श्रेणी की भारी बारिश होगी।

मौसम चेतावनियां हर नए बुलेटिन के साथ बदल सकती हैं। इसलिए ताजा जिला-स्तरीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।

3. पूरे MP में बारिश का पैटर्न

मौजूदा पूर्वानुमान सामान्य छिटपुट बारिश के बजाय मध्य प्रदेश में एक व्यापक मानसूनी गतिविधि की ओर संकेत करता है।

पूर्वी MP — सक्रिय बारिश

19 से 25 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक का अनुमान है।

पश्चिमी MP — बारिश का दौर

20 से 23 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। इसके बाहर भी कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है।

हालांकि, बारिश का वितरण पूरी तरह समान नहीं रहेगा। एक जिले में भारी बारिश हो सकती है, जबकि उसके आसपास के इलाके में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज हो सकती है।

इसलिए राज्य के औसत बारिश आंकड़े को यह मानने का आधार नहीं बनाया जा सकता कि मध्य प्रदेश के सभी जिलों का बारिश घाटा पूरा हो गया है।

4. MP मानसून स्कोरकार्ड

अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मध्य प्रदेश के लिए मौसमी बारिश का घाटा सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ों में से एक बना हुआ है।

पिछले ट्रैकर में 17 अगस्त तक मध्य प्रदेश में मौसमी संचयी बारिश 544.4 मिमी और सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम बताई गई थी। इन आंकड़ों को 20 अगस्त की अंतिम स्थिति नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इसके बाद भी राज्य के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण बारिश हुई है।

IMD राज्यों और जिलों के लिए दैनिक, मासिक और संचयी बारिश के अलग-अलग आंकड़े जारी करता है। नया सत्यापित राज्यव्यापी आंकड़ा उपलब्ध होने पर इसी ट्रैकर में उसे अपडेट किया जाना चाहिए।

मौजूदा बारिश का दौर राज्य के मौसमी घाटे को और कम कर सकता है, खासकर अगर पूर्वी और पश्चिमी MP में व्यापक बारिश का अनुमान वास्तविक बारिश में बदलता है।

फिर भी जिलों की स्थिति अलग-अलग रह सकती है, क्योंकि हर जिले में बारिश की कमी का स्तर समान नहीं है।

5. तापमान और उमस पर नजर

सक्रिय मानसून के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने की संभावना है।

बादल और बारिश अधिकतम तापमान को अस्थायी रूप से कम कर सकते हैं। वहीं, बारिश के बीच बादल हटने पर गर्मी और उमस तेजी से बढ़ सकती है।

हवा में नमी अधिक रहने के कारण बारिश कम होने के दौरान भी मौसम उमस भरा महसूस हो सकता है।

इस समय मौसम की मुख्य चिंता तेज गर्मी से हटकर बारिश की तीव्रता, आकाशीय बिजली, जलभराव और स्थानीय व्यवधान पर केंद्रित हो गई है।

6. खेती, बाढ़ और जलभराव का खतरा

लगातार बारिश खरीफ फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन बहुत तेज या लंबे समय तक होने वाली बारिश खेतों में जल निकासी की समस्या भी पैदा कर सकती है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने और फसलों पर कीटनाशक या अन्य रसायनों के छिड़काव से बचना चाहिए।

कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को भी बारिश से सुरक्षित रखना जरूरी है।

जिन क्षेत्रों में पहले से मिट्टी में पर्याप्त नमी या पानी जमा है, वहां तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

पहले जारी IMD फ्लैश-फ्लड आकलन में रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, कटनी, बालाघाट और मंडला समेत पूर्वी MP के कुछ जिलों में कम से मध्यम जोखिम का उल्लेख किया गया था। यह पुराना आकलन था और इसे आज का लाइव जिला अलर्ट नहीं माना जाना चाहिए।

7. 21 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर गुरुवार के बाद भी जारी रहने की संभावना है।

21 अगस्त: पूर्वी MP में बारिश की गतिविधि व्यापक रह सकती है। पश्चिमी हिस्से भी सक्रिय बारिश के दौर में बने रहेंगे।

22–23 अगस्त: पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी, हालांकि बारिश की तीव्रता स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

24–25 अगस्त: पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश से लेकर व्यापक बारिश तक का पूर्वानुमान बना हुआ है। पश्चिमी MP में व्यापक बारिश का सक्रिय दौर 23 अगस्त के बाद कमजोर पड़ सकता है।

इससे संकेत मिलता है कि पूर्वी मध्य प्रदेश अगले कुछ दिनों तक राज्य का अधिक लगातार बारिश वाला क्षेत्र बना रह सकता है।

मानसून का सबसे अहम सवाल

अब मध्य प्रदेश के लिए सवाल केवल यह नहीं है कि 24 घंटे में कितनी बारिश हुई।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल है:

मौजूदा बारिश मध्य प्रदेश के मौसमी बारिश घाटे को कितना कम करेगी और कौन से जिले अब भी सामान्य से पीछे रह जाएंगे?

इसका स्पष्ट जवाब आने वाले दिनों में जारी होने वाले IMD के नए संचयी बारिश आंकड़ों से मिलेगा।

मौसम का निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय चरण में है। पूर्वी MP में 25 अगस्त तक और पश्चिमी MP में 23 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है।

18 अगस्त को सीधी और सतना के लिए जारी अत्यधिक भारी और बहुत भारी बारिश की चेतावनी को बिना नई जिला-स्तरीय पुष्टि के 20 अगस्त के लिए दोहराना उचित नहीं होगा।

आज की सबसे मजबूत और सत्यापित मौसम खबर यह है कि मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर जारी है और पूर्वी MP अगले कई दिनों तक मुख्य बारिश क्षेत्र बना रह सकता है।

प्राथमिक स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल तथा नवीनतम IMD राष्ट्रीय एवं वर्षा बुलेटिन।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-weather-tracker-2026-rain-monsoon-deficit-and-imd/article-61851

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