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ड्रॉप बॉक्स से चोरी अकाउंट-पे चेक कैश कराने वाला पकड़ा गया, पंजाब से हुई गिरफ्तारी
ग्वालियर (म.प्र.)
पंजाब के अमृतसर से आरोपी की गिरफ्तारी, आधार कार्ड की गलती से खुली चेक चोरी और फर्जी कैशिंग की साजिश
ग्वालियर में बैंक के चेक ड्रॉप बॉक्स से अकाउंट-पे चेक चोरी कर उसे कैश कराने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पंजाब के अमृतसर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी किए गए चेक के जरिए एक लाख रुपए नकद निकलवाए थे। आरोपी की पहचान आधार कार्ड की मदद से हुई, जो उसने खुद बैंक में भुगतान के दौरान जमा कराया था।
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि चेक ड्रॉप बॉक्स से चोरी किसने की और चेक में छेड़छाड़ किस स्तर पर हुई। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि चेक उसे जम्मू निवासी उसके दोस्त ने दिया था, जिसने कथित तौर पर पूरी साजिश रची थी। फिलहाल पुलिस उस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
कैसे खुला मामला
यह मामला नवंबर 2025 का है। नंदीगेट स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की प्रिंसिपल कल्पना सिकरवार ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि स्कूल की ओर से बैंक ऑफ बड़ौदा का एक लाख रुपए का अकाउंट-पे चेक स्कूल कर्मचारी के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक की अचलेश्वर शाखा के ड्रॉप बॉक्स में जमा कराया गया था।
अगले ही दिन पता चला कि उसी चेक से बैंक ऑफ बड़ौदा की जिंसी नाला शाखा से एक लाख रुपए नकद निकाल लिए गए हैं। जबकि अकाउंट-पे चेक से कैश भुगतान संभव नहीं होता। इससे साफ हो गया कि चेक चोरी कर उसमें हेरफेर की गई है।
आधार कार्ड बना आरोपी की कमजोरी
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंची, जहां जानकारी मिली कि 50 हजार रुपए से अधिक की राशि निकालने पर आधार कार्ड का विवरण लिया जाता है। आरोपी ने कैश निकालते वक्त अपना असली आधार कार्ड बैंक में दे दिया था।
आधार नंबर की जांच में आरोपी की पहचान अमृतसर के साहिबजादा फतेह सिंह नगर, गेट हकीमा निवासी 44 वर्षीय रजनीश चौहान के रूप में हुई। पुलिस टीम ने अमृतसर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद ग्वालियर लाकर गिरफ्तार कर लिया।
जम्मू निवासी दोस्त बताया मास्टरमाइंड
पूछताछ में रजनीश ने कबूल किया कि चेक चोरी करना और उसमें बदलाव करना उसके दोस्त सुनील कुमार का काम था, जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। रजनीश के मुताबिक, दोनों की पहचान कोविड काल के बाद एक मेले में हुई थी, जहां वे साथ में काम करते थे।
नवंबर 2025 में दोनों काम की तलाश में ग्वालियर आए थे। इसी दौरान सुनील ने उसे चोरी किया हुआ चेक दिया और नकद निकालने के लिए कहा। पुलिस का मानना है कि सुनील ने ही ड्रॉप बॉक्स से चेक निकालकर अकाउंट-पे को सामान्य चेक में बदला था।
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथी की तलाश की जा रही है। दूसरे आरोपी के पकड़े जाने के बाद पूरे मामले की कड़ियां पूरी तरह जुड़ सकेंगी।
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