शहर में लंबे समय से विवाद और अदालती निर्देशों के घेरे में रहे बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) को हटाने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। नगर निगम ने BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप तोड़ने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, मार्ग पर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सेंटर डिवाइडर निर्माण का काम भी अगले एक से दो दिन में शुरू होने जा रहा है।
नगर निगम के अनुसार, BRTS को लेकर उच्च न्यायालय की लगातार नाराजगी के बाद यह कदम उठाया गया है। कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि BRTS से जुड़ी बाधाओं को हटाकर सड़क को सामान्य यातायात के लिए तैयार किया जाए। इसी के तहत निगम ने दो अलग-अलग टेंडर आमंत्रित किए हैं—एक BRTS रैलिंग हटाने के लिए और दूसरा बस स्टॉप को तोड़ने के लिए।
अधिकारियों का कहना है कि यदि तय समय में कोई ठेकेदार सामने नहीं आता है, तो नगर निगम स्वयं अपने संसाधनों से यह कार्य शुरू कर सकता है। इससे पहले भी BRTS हटाने का काम ठेकेदारों के पीछे हटने के कारण अटक चुका है, जिससे परियोजना में देरी हुई। अब निगम इस प्रक्रिया को और टालने के मूड में नहीं है।
निगम के मुताबिक, रैलिंग हटाने का काम आंशिक रूप से पहले ही शुरू हो चुका है। एक दिशा की रैलिंग को पहले हटाया जा चुका है, जबकि दूसरी दिशा की रैलिंग तोड़ने की तैयारी अंतिम चरण में है। बस स्टॉप हटाने का काम भी रैलिंग हटने के साथ-साथ शुरू किया जाएगा। दोनों कार्यों को पूरा करने के लिए ठेकेदार को लगभग दो महीने का समय दिया जाएगा।
BRTS हटने के बाद सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने सेंटर डिवाइडर निर्माण की योजना भी तैयार कर ली है। इस कार्य का भूमि पूजन पहले ही किया जा चुका है। योजना के अनुसार, डिवाइडर निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र से दूसरे बड़े चौराहे तक काम किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में शेष हिस्से को कवर किया जाएगा। पूरे डिवाइडर निर्माण में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है।
नगर निगम का कहना है कि BRTS हटाने और डिवाइडर निर्माण का उद्देश्य केवल अदालती आदेशों का पालन करना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। BRTS के कारण कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम और हादसों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
आने वाले दिनों में जैसे-जैसे यह काम आगे बढ़ेगा, ट्रैफिक डायवर्जन और अस्थायी असुविधाओं की संभावना भी रहेगी। निगम ने संकेत दिए हैं कि कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। इसे इंदौर की सड़क व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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