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भोपाल में सिलेंडरों से गैस निकालने का खेल पकड़ा, एजेंसी के दो कर्मचारी गिरफ्तार
भोपाल (म.प्र.)
आरिफ नगर में खाद्य विभाग की दबिश, 24 घरेलू सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त; भागने के बाद पुलिस ने दबोचा
राजधानी में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी से पहले उनमें कथित तौर पर हेरफेर किए जाने का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की टीम ने टीलाजमालपुरा थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर एक गैस एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों को पकड़ा है। आरोप है कि उपभोक्ताओं के लिए भेजे गए सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में ट्रांसफर की जा रही थी। कार्रवाई के बाद वाहन, 24 घरेलू गैस सिलेंडर और गैस ट्रांसफर करने में इस्तेमाल उपकरण जब्त किया गया है।
खाद्य विभाग को आरिफ नगर मैदान के आसपास संदिग्ध तरीके से एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी अशोक सत्यार्थी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। यहां अर्चना इंडेन गैस एजेंसी से संबंधित एक लोडिंग वाहन खड़ा मिला। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन के पास मौजूद कर्मचारी भारत अहिरवार और भूपेंद्र नौरिया एक विशेष धातु उपकरण की मदद से एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करते मिले।
कार्रवाई देखकर वाहन लेकर निकले कर्मचारी
खाद्य विभाग की टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आरोप है कि दोनों कर्मचारी सिलेंडरों से भरा वाहन लेकर वहां से निकल गए। अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन नहीं रुका। इसके बाद टीलाजमालपुरा पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया और दोनों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि मौके से निकलने के बाद रास्ते में दो सिलेंडर कथित तौर पर बेच दिए गए थे। अब इस बिंदु की भी जांच की जा रही है कि गैस और सिलेंडरों की इस तरह की बिक्री किन लोगों को की गई और यह गतिविधि कब से चल रही थी।
24 सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त
वाहन को थाने लाने के बाद उसमें रखे सिलेंडरों की जांच और वजन कराया गया। टीम ने मौके से कुल 24 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। इसके साथ करीब नौ इंच लंबा धातु का उपकरण भी बरामद किया गया, जिसका कथित तौर पर गैस ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया जा रहा था। संबंधित वाहन को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
जब्त वाहन, सिलेंडर और अन्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 4.63 लाख रुपये बताई गई है। जांच के दौरान कुछ सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से गैस कम मिलने की बात सामने आई, जबकि कुछ सिलेंडरों में दूसरे सिलेंडरों से गैस डाले जाने के संकेत मिले। दो सिलेंडरों की सील भी क्षतिग्रस्त पाई गई।
उपभोक्ताओं के सिलेंडरों से गैस निकालने का आरोप
विभाग को आशंका है कि उपभोक्ताओं के घर पहुंचाए जाने से पहले सिलेंडरों में मौजूद एलपीजी की मात्रा कम की जा रही थी। इसके बाद निकाली गई गैस को दूसरे सिलेंडरों में जमा कर कथित रूप से अलग से बेचा जाता था। मामले में सिलेंडरों के वितरण रिकॉर्ड और एजेंसी से वाहन को जारी किए गए स्टॉक की जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है।
इस कार्रवाई के बाद यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पकड़े गए कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। सिलेंडरों की सप्लाई, वाहन की आवाजाही और स्टॉक रिकॉर्ड से भी वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक, मामले में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त सिलेंडर, वाहन और उपकरण को विभाग ने कार्रवाई में शामिल किया है। प्रकरण को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय वजन और सील की स्थिति जांचने की सलाह दी है। निर्धारित वजन से कम गैस मिलने या सील संदिग्ध दिखाई देने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार विभाग को इसकी सूचना दी जा सकती है।
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भोपाल में सिलेंडरों से गैस निकालने का खेल पकड़ा, एजेंसी के दो कर्मचारी गिरफ्तार
भोपाल (म.प्र.)
राजधानी में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी से पहले उनमें कथित तौर पर हेरफेर किए जाने का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की टीम ने टीलाजमालपुरा थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर एक गैस एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों को पकड़ा है। आरोप है कि उपभोक्ताओं के लिए भेजे गए सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में ट्रांसफर की जा रही थी। कार्रवाई के बाद वाहन, 24 घरेलू गैस सिलेंडर और गैस ट्रांसफर करने में इस्तेमाल उपकरण जब्त किया गया है।
खाद्य विभाग को आरिफ नगर मैदान के आसपास संदिग्ध तरीके से एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी अशोक सत्यार्थी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। यहां अर्चना इंडेन गैस एजेंसी से संबंधित एक लोडिंग वाहन खड़ा मिला। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन के पास मौजूद कर्मचारी भारत अहिरवार और भूपेंद्र नौरिया एक विशेष धातु उपकरण की मदद से एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करते मिले।
कार्रवाई देखकर वाहन लेकर निकले कर्मचारी
खाद्य विभाग की टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आरोप है कि दोनों कर्मचारी सिलेंडरों से भरा वाहन लेकर वहां से निकल गए। अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन नहीं रुका। इसके बाद टीलाजमालपुरा पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया और दोनों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि मौके से निकलने के बाद रास्ते में दो सिलेंडर कथित तौर पर बेच दिए गए थे। अब इस बिंदु की भी जांच की जा रही है कि गैस और सिलेंडरों की इस तरह की बिक्री किन लोगों को की गई और यह गतिविधि कब से चल रही थी।
24 सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त
वाहन को थाने लाने के बाद उसमें रखे सिलेंडरों की जांच और वजन कराया गया। टीम ने मौके से कुल 24 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। इसके साथ करीब नौ इंच लंबा धातु का उपकरण भी बरामद किया गया, जिसका कथित तौर पर गैस ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया जा रहा था। संबंधित वाहन को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
जब्त वाहन, सिलेंडर और अन्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 4.63 लाख रुपये बताई गई है। जांच के दौरान कुछ सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से गैस कम मिलने की बात सामने आई, जबकि कुछ सिलेंडरों में दूसरे सिलेंडरों से गैस डाले जाने के संकेत मिले। दो सिलेंडरों की सील भी क्षतिग्रस्त पाई गई।
उपभोक्ताओं के सिलेंडरों से गैस निकालने का आरोप
विभाग को आशंका है कि उपभोक्ताओं के घर पहुंचाए जाने से पहले सिलेंडरों में मौजूद एलपीजी की मात्रा कम की जा रही थी। इसके बाद निकाली गई गैस को दूसरे सिलेंडरों में जमा कर कथित रूप से अलग से बेचा जाता था। मामले में सिलेंडरों के वितरण रिकॉर्ड और एजेंसी से वाहन को जारी किए गए स्टॉक की जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है।
इस कार्रवाई के बाद यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पकड़े गए कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। सिलेंडरों की सप्लाई, वाहन की आवाजाही और स्टॉक रिकॉर्ड से भी वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक, मामले में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त सिलेंडर, वाहन और उपकरण को विभाग ने कार्रवाई में शामिल किया है। प्रकरण को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय वजन और सील की स्थिति जांचने की सलाह दी है। निर्धारित वजन से कम गैस मिलने या सील संदिग्ध दिखाई देने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार विभाग को इसकी सूचना दी जा सकती है।
