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नेपाल में बाढ़ का कहर: देवघाट की सफाई पूरी होने तक लौटेंगे नहीं लिक्खु के मेयर
अंतराष्ट्रीय न्यूज
150 से अधिक स्वयंसेवक, JCB और टिपर लेकर देवघाट पहुंचे; मलबा हटाने, राहत और शवों की तलाश में जुटी स्थानीय टीम
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद नुवाकोट जिले के देवघाट में राहत और सफाई अभियान तेज हो गया है। लिक्खु ग्रामीण नगरपालिका के मेयर ध्रुव श्रेष्ठ के नेतृत्व में 150 से अधिक स्वयंसेवक सोमवार को देवघाट पहुंचे। टीम के साथ टिपर ट्रक और दो JCB मशीनें भी भेजी गई हैं, ताकि बाढ़ से जमा मलबा हटाया जा सके और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
मेयर ध्रुव श्रेष्ठ ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि टीम कम से कम दो दिन देवघाट में रहकर राहत और सफाई का काम करेगी। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने और मौके की स्थिति को संभालने के बाद ही टीम वापस लौटेगी। नगरपालिका की ओर से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है।
20 लोग अब भी लापता
लिक्खु ग्रामीण नगरपालिका के मेयर के अनुसार, इस आपदा में नगरपालिका क्षेत्र के 20 लोग लापता हैं। इनमें से अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है और बाकी लोगों की तलाश जारी है। नगरपालिका के वार्ड 1 से 6 तक के लोग राहत अभियान में शामिल हैं। स्वयंसेवक प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की मदद करने, रास्ते खोलने, मलबा हटाने और जरूरत पड़ने पर शवों को निकालने के काम में सुरक्षा बलों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
देवघाट में हर तरफ मलबा
देवघाट बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई घर, दुकानें और दूसरी संरचनाएं पूरी तरह बह गईं या मलबे में दब गईं। स्थानीय स्वयंसेवकों ने इलाके की स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। एक स्थानीय स्वयंसेवक ने बताया कि देवघाट में कई जगहों पर सिर्फ मलबा दिखाई दे रहा है। टीम का तत्काल लक्ष्य रास्ते साफ करना और प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी तथा अस्थायी आश्रय जैसी मदद पहुंचाना है।
भारी मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
राहत अभियान में करीब 10 टिपर ट्रक और दो JCB मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन मशीनों की मदद से सड़कों और बस्तियों में जमा मलबा हटाकर आवागमन बहाल करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय स्वयंसेवकों का कहना है कि कई इलाकों में मलबे के नीचे लोगों और पशुओं के दबे होने की आशंका है। इसलिए सफाई अभियान का एक अहम उद्देश्य संभावित शवों की तलाश और उन्हें निकालने के लिए रास्ते तैयार करना भी है।
नेपाल में बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर राहत अभियान
26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई जिलों को प्रभावित किया है। नुवाकोट और पड़ोसी रसुवा सहित कई इलाकों में घरों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। देवघाट और आसपास के क्षेत्र में बाढ़ के बाद पूरा इलाका मलबे में बदल गया है।
नेपाल में राहत अभियान के दौरान सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर बचाव एवं राहत कार्य कर रहे हैं। 30 अगस्त तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका था और कई इलाकों में अब बचाव के साथ-साथ मलबा हटाने और शवों की तलाश का काम भी तेज किया गया है। सोमवार की रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में आपदा से 788 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 2,502 लोग अब भी लापता थे। आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं क्योंकि दुर्गम और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तलाश अभियान जारी है।
देवघाट में अभी चुनौती बड़ी
बाढ़ के बाद देवघाट में सबसे बड़ी चुनौती मलबे से ढके रास्तों को साफ करना, प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश है। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक फिलहाल इन्हीं प्राथमिकताओं पर काम कर रहे हैं। लिक्खु नगरपालिका की टीम ने साफ कर दिया है कि राहत और सफाई अभियान पूरा किए बिना वह क्षेत्र छोड़ने के पक्ष में नहीं है। मेयर श्रेष्ठ का कहना है कि नगरपालिका प्रभावित लोगों को स्थिति सामान्य होने तक हर संभव मदद देगी।
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