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शराब नीति मामला: केजरीवाल आज खुद रखेंगे हाईकोर्ट में पक्ष, जस्टिस शर्मा से रिक्यूजल की मांग
नेशनल न्यूज
दिल्ली हाईकोर्ट में CBI याचिका पर सुनवाई, निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब नीति घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में स्वयं अपनी दलील पेश कर सकते हैं। यह सुनवाई CBI की उस याचिका पर होगी, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी गई है।
रविवार को केजरीवाल और अन्य 22 पूर्व आरोपियों ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से मामले से अलग होने (रिक्यूजल) की मांग की। आरोपियों ने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि रिक्यूजल का निर्णय स्वयं जज तय करेंगे।
सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को होगी। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया था। कोर्ट ने CBI की जांच की कड़ी आलोचना की और आरोपियों को राहत दी।
केजरीवाल ने उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर जज बदलने की मांग की थी। उनका कहना था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश पर जस्टिस शर्मा की टिप्पणियां स्पष्ट कारण के बिना हैं। इसके अलावा जस्टिस शर्मा ने पहले कई आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया था, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी।
दिल्ली सरकार ने 2021 में आबकारी नीति लागू की थी, लेकिन इसमें अनियमितताओं और निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के आरोप लगे। उपराज्यपाल ने CBI जांच के आदेश दिए। केजरीवाल को 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 156 दिन जेल में रहना पड़ा, जबकि सिसोदिया 530 दिन तक हिरासत में रहे।
27 फरवरी को बरी होने के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल भावुक हो गए और कहा, “मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज साबित हो गया कि हम कट्टर ईमानदार हैं।” मनीष सिसोदिया ने कहा, “सच की जीत हुई। हमें अपने संविधान और बी.आर. अंबेडकर पर गर्व है।”
पूर्व बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में खुद पैरवी कर चुकी हैं। इस घटना के बाद केजरीवाल हाईकोर्ट में स्वयं दलील पेश करेंगे।
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शराब नीति मामला: केजरीवाल आज खुद रखेंगे हाईकोर्ट में पक्ष, जस्टिस शर्मा से रिक्यूजल की मांग
नेशनल न्यूज
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब नीति घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में स्वयं अपनी दलील पेश कर सकते हैं। यह सुनवाई CBI की उस याचिका पर होगी, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी गई है।
रविवार को केजरीवाल और अन्य 22 पूर्व आरोपियों ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से मामले से अलग होने (रिक्यूजल) की मांग की। आरोपियों ने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि रिक्यूजल का निर्णय स्वयं जज तय करेंगे।
सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को होगी। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया था। कोर्ट ने CBI की जांच की कड़ी आलोचना की और आरोपियों को राहत दी।
केजरीवाल ने उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर जज बदलने की मांग की थी। उनका कहना था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश पर जस्टिस शर्मा की टिप्पणियां स्पष्ट कारण के बिना हैं। इसके अलावा जस्टिस शर्मा ने पहले कई आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया था, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी।
दिल्ली सरकार ने 2021 में आबकारी नीति लागू की थी, लेकिन इसमें अनियमितताओं और निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के आरोप लगे। उपराज्यपाल ने CBI जांच के आदेश दिए। केजरीवाल को 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 156 दिन जेल में रहना पड़ा, जबकि सिसोदिया 530 दिन तक हिरासत में रहे।
27 फरवरी को बरी होने के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल भावुक हो गए और कहा, “मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज साबित हो गया कि हम कट्टर ईमानदार हैं।” मनीष सिसोदिया ने कहा, “सच की जीत हुई। हमें अपने संविधान और बी.आर. अंबेडकर पर गर्व है।”
पूर्व बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में खुद पैरवी कर चुकी हैं। इस घटना के बाद केजरीवाल हाईकोर्ट में स्वयं दलील पेश करेंगे।
