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धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा का खुलासा, हेमा मालिनी बोलीं- परिवार हमेशा साथ रहे, यही उनकी सबसे बड़ी चाहत थी
बालीवुड डेस्क
दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को याद करते हुए हेमा मालिनी ने साझा की भावुक बातें, सनी-बॉबी की तारीफ की, फर्जी निधन की खबरों पर जताई नाराजगी और पद्म विभूषण सम्मान स्वीकार करने के पल को बताया जीवन का सबसे भावुक क्षण।
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को दुनिया से विदा हुए कुछ महीने बीत चुके हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी परिवार और करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में जिंदा हैं। हाल ही में अभिनेत्री और उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा का जिक्र करते हुए कई भावुक बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जीवन के अंतिम दिनों में धर्मेंद्र ने परिवार को एकजुट रखने की बात कही थी और यही उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी। हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र ने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि परिवार के सभी सदस्य हमेशा एक-दूसरे के साथ जुड़े रहें। उन्होंने कहा था कि रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत साथ रहने में है और परिवार को हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। हेमा के मुताबिक, धर्मेंद्र का मानना था कि जीवन में चाहे कितनी भी व्यस्तता क्यों न हो, परिवार के लिए समय निकालना सबसे जरूरी है। बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल और छोटे बेटे बॉबी देओल की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों बेहद अच्छे इंसान हैं और पूरे परिवार के बीच हमेशा अपनापन बना रहता है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार दिखावे या प्रचार पर भरोसा नहीं करता। परिवार के सदस्य एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं, लेकिन निजी रिश्तों को सार्वजनिक करने में विश्वास नहीं रखते। यही वजह है कि लोग भले ही उन्हें साथ कम देखते हों, लेकिन परिवार के भीतर मजबूत रिश्ता हमेशा बना रहा।
हेमा मालिनी ने इस दौरान उन फर्जी खबरों पर भी नाराजगी जताई, जो धर्मेंद्र के निधन से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में इस तरह की झूठी खबर फैलाना बेहद दुखद होता है। ऐसे समय में परिवार मानसिक रूप से काफी परेशान हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब ऐसी अफवाहें फैली थीं, तब पूरा परिवार बेहद चिंतित था। बाद में जब वास्तविक रूप से धर्मेंद्र का निधन हुआ तो वह क्षण उनके लिए जीवन का सबसे कठिन समय बन गया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र अपने प्रशंसकों से बेहद लगाव रखते थे। यदि उन्हें पता चलता कि कोई प्रशंसक घर के बाहर उनसे मिलने आया है तो वह बिना देर किए उसे अंदर बुला लेते थे। वह लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बातें करते और उन्हें सम्मान देते थे। यही सादगी और अपनापन उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाता था। हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र अपने बच्चों और पोते-पोतियों से बेहद प्यार करते थे। परिवार के साथ समय बिताना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद था। उनके जाने के बाद बच्चे और पूरा परिवार उन्हें हर दिन याद करता है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र केवल एक सफल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पिता, दयालु पति और स्नेही दादा भी थे।
कुछ समय पहले धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में हेमा मालिनी ने परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया। इस अवसर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मंच पर जाते समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे धर्मेंद्र उनके साथ मौजूद हों और उनका हाथ थामकर उन्हें सम्मान ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ा रहे हों। उन्होंने इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक अनुभव बताया। सम्मान ग्रहण करने के बाद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने लिखा था कि धर्मेंद्र एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने हर रिश्ते को पूरी ईमानदारी से निभाया। वह प्यार करने वाले पति, स्नेही पिता, आदर्श दादा, भरोसेमंद दोस्त और नेकदिल इंसान थे। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की यादें उनके जीवन की सबसे अनमोल पूंजी हैं और वे उन्हें हमेशा अपने दिल में संजोकर रखेंगी।
धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने भी इस अवसर पर भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा कि काश उनके पिता स्वयं यह सम्मान लेने के लिए मंच पर मौजूद होते। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस सम्मान पर गर्व महसूस करता है, लेकिन पिता की कमी हर पल महसूस होती है। ईशा ने लिखा कि यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि धर्मेंद्र के दशकों लंबे योगदान और उनके व्यक्तित्व का सम्मान है। धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने अभिनय के साथ अपनी सादगी, विनम्रता और इंसानियत से लोगों का दिल जीता। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में रोमांटिक, एक्शन, पारिवारिक और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी लोकप्रियता कई पीढ़ियों तक कायम रही और आज भी उनकी फिल्में दर्शकों के बीच उतनी ही पसंद की जाती हैं। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया और बाद में जीवनसाथी बने। उनके परिवार में अलग-अलग रिश्तों के बावजूद आपसी सम्मान और अपनापन हमेशा देखने को मिला। यही कारण है कि धर्मेंद्र की अंतिम इच्छा भी परिवार को एकजुट रखने की थी।
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धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा का खुलासा, हेमा मालिनी बोलीं- परिवार हमेशा साथ रहे, यही उनकी सबसे बड़ी चाहत थी
बालीवुड डेस्क
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को दुनिया से विदा हुए कुछ महीने बीत चुके हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी परिवार और करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में जिंदा हैं। हाल ही में अभिनेत्री और उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा का जिक्र करते हुए कई भावुक बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जीवन के अंतिम दिनों में धर्मेंद्र ने परिवार को एकजुट रखने की बात कही थी और यही उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी। हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र ने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि परिवार के सभी सदस्य हमेशा एक-दूसरे के साथ जुड़े रहें। उन्होंने कहा था कि रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत साथ रहने में है और परिवार को हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। हेमा के मुताबिक, धर्मेंद्र का मानना था कि जीवन में चाहे कितनी भी व्यस्तता क्यों न हो, परिवार के लिए समय निकालना सबसे जरूरी है। बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल और छोटे बेटे बॉबी देओल की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों बेहद अच्छे इंसान हैं और पूरे परिवार के बीच हमेशा अपनापन बना रहता है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार दिखावे या प्रचार पर भरोसा नहीं करता। परिवार के सदस्य एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं, लेकिन निजी रिश्तों को सार्वजनिक करने में विश्वास नहीं रखते। यही वजह है कि लोग भले ही उन्हें साथ कम देखते हों, लेकिन परिवार के भीतर मजबूत रिश्ता हमेशा बना रहा।
हेमा मालिनी ने इस दौरान उन फर्जी खबरों पर भी नाराजगी जताई, जो धर्मेंद्र के निधन से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में इस तरह की झूठी खबर फैलाना बेहद दुखद होता है। ऐसे समय में परिवार मानसिक रूप से काफी परेशान हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब ऐसी अफवाहें फैली थीं, तब पूरा परिवार बेहद चिंतित था। बाद में जब वास्तविक रूप से धर्मेंद्र का निधन हुआ तो वह क्षण उनके लिए जीवन का सबसे कठिन समय बन गया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र अपने प्रशंसकों से बेहद लगाव रखते थे। यदि उन्हें पता चलता कि कोई प्रशंसक घर के बाहर उनसे मिलने आया है तो वह बिना देर किए उसे अंदर बुला लेते थे। वह लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बातें करते और उन्हें सम्मान देते थे। यही सादगी और अपनापन उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाता था। हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र अपने बच्चों और पोते-पोतियों से बेहद प्यार करते थे। परिवार के साथ समय बिताना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद था। उनके जाने के बाद बच्चे और पूरा परिवार उन्हें हर दिन याद करता है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र केवल एक सफल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पिता, दयालु पति और स्नेही दादा भी थे।
कुछ समय पहले धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में हेमा मालिनी ने परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया। इस अवसर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मंच पर जाते समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे धर्मेंद्र उनके साथ मौजूद हों और उनका हाथ थामकर उन्हें सम्मान ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ा रहे हों। उन्होंने इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक अनुभव बताया। सम्मान ग्रहण करने के बाद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने लिखा था कि धर्मेंद्र एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने हर रिश्ते को पूरी ईमानदारी से निभाया। वह प्यार करने वाले पति, स्नेही पिता, आदर्श दादा, भरोसेमंद दोस्त और नेकदिल इंसान थे। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की यादें उनके जीवन की सबसे अनमोल पूंजी हैं और वे उन्हें हमेशा अपने दिल में संजोकर रखेंगी।
धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने भी इस अवसर पर भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा कि काश उनके पिता स्वयं यह सम्मान लेने के लिए मंच पर मौजूद होते। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस सम्मान पर गर्व महसूस करता है, लेकिन पिता की कमी हर पल महसूस होती है। ईशा ने लिखा कि यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि धर्मेंद्र के दशकों लंबे योगदान और उनके व्यक्तित्व का सम्मान है। धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने अभिनय के साथ अपनी सादगी, विनम्रता और इंसानियत से लोगों का दिल जीता। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में रोमांटिक, एक्शन, पारिवारिक और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी लोकप्रियता कई पीढ़ियों तक कायम रही और आज भी उनकी फिल्में दर्शकों के बीच उतनी ही पसंद की जाती हैं। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया और बाद में जीवनसाथी बने। उनके परिवार में अलग-अलग रिश्तों के बावजूद आपसी सम्मान और अपनापन हमेशा देखने को मिला। यही कारण है कि धर्मेंद्र की अंतिम इच्छा भी परिवार को एकजुट रखने की थी।
