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श्रीलंका ने टेस्ट मैच में बनाई मजबूत बढ़त, वेस्टइंडीज पर जीत की ओर बढ़ाए कदम
स्पोर्ट्स डेस्क
ग्रीव्स के 180 रन भी नहीं बदल सके मैच का रुख, चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका 142 रन आगे
श्रीलंका और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा रोमांचक टेस्ट मुकाबला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वेस्टइंडीज की पहली पारी 499 रन पर समाप्त होने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 92 रन बना लिए हैं। पहली पारी में मिली 50 रन की बढ़त को जोड़ते हुए मेजबान टीम अब कुल 142 रन की बढ़त हासिल कर चुकी है। पांचवें और अंतिम दिन श्रीलंका के पास इस बढ़त को और बड़ा करने के साथ मैच जीतने का सुनहरा अवसर रहेगा, जबकि वेस्टइंडीज को मुकाबले में बने रहने के लिए शुरुआती विकेट निकालने होंगे।
दिन का खेल शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज अपनी पहली पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश में था। टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 499 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इस पारी में सबसे बड़ी भूमिका जस्टिन ग्रीव्स और शाई होप ने निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 242 रन की बेहतरीन साझेदारी कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। एक समय ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज पहली पारी में श्रीलंका पर बढ़त बना सकता है, लेकिन लंच से ठीक पहले शाई होप के आउट होने के बाद मैच का रुख बदल गया।
शाई होप ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए 198 गेंदों में टेस्ट करियर का पांचवां शतक लगाया। खास बात यह रही कि यह उनके घरेलू मैदान पर टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक था। उन्होंने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट लगाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया। दूसरी ओर जस्टिन ग्रीव्स ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेली। उन्होंने 325 गेंदों पर 180 रन बनाए और लगातार श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी इस शानदार पारी में धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
ग्रीव्स और होप की साझेदारी ने श्रीलंका की बढ़त को काफी हद तक कम कर दिया था। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 457 गेंदों में 242 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि श्रीलंका ने सही समय पर वापसी की। सोनल दिनुषा ने शाई होप को स्टंप आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी समेट दी।
श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और टेस्ट क्रिकेट में तीसरी बार फाइव विकेट हॉल पूरा किया। असिथा ने रोस्टन चेज, एंडरसन फिलिप, शमर जोसेफ समेत कई अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। दूसरी ओर स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने जस्टिन ग्रीव्स का महत्वपूर्ण विकेट लेकर वेस्टइंडीज की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इसके बाद मिलन रथनायके ने अंतिम विकेट लेकर पहली पारी का अंत किया।
50 रन की बढ़त हासिल करने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी की शुरुआत की, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले लाहिरू उदारा इस बार बिना खाता खोले आउट हो गए। शमर जोसेफ की इनस्विंग गेंद पर वे एलबीडब्ल्यू हो गए और श्रीलंका को पहला झटका लगा। इसके बाद निशान मदुष्का ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन 15 रन बनाकर अलजारी जोसेफ की गेंद पर पहली स्लिप में कैच दे बैठे।
32 रन पर दो विकेट गिरने के बाद श्रीलंका पर दबाव बढ़ गया था, लेकिन अनुभवी दिनेश चंडीमल और कामिंदु मेंडिस ने जिम्मेदारी संभाल ली। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए नाबाद 60 रन जोड़ दिए। कामिंदु मेंडिस ने 35 गेंदों पर 30 रन बनाए, जबकि दिनेश चंडीमल 40 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल विकेट बचाए बल्कि तेज रन गति से स्कोर भी आगे बढ़ाया।
श्रीलंका ने दूसरी पारी में 4.18 की रनरेट से बल्लेबाजी की, जिससे यह साफ हो गया कि टीम अंतिम दिन तेजी से रन बनाकर वेस्टइंडीज के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखना चाहती है। यदि पांचवें दिन शुरुआती सत्र में चंडीमल और कामिंदु अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाते हैं तो श्रीलंका आसानी से 250 से अधिक रन की कुल बढ़त हासिल कर सकता है, जो अंतिम दिन किसी भी टीम के लिए आसान लक्ष्य नहीं माना जाता। वेस्टइंडीज के लिए अंतिम दिन सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती विकेट हासिल करना होगी। यदि श्रीलंका की साझेदारी लंबी चली तो मैच पूरी तरह मेजबान टीम की पकड़ में चला जाएगा। गेंदबाजों को नई गेंद का सही उपयोग करते हुए जल्दी सफलता हासिल करनी होगी। बल्लेबाजी में पहली पारी का आत्मविश्वास टीम के लिए सकारात्मक पहलू जरूर है, लेकिन चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं रहेगा।
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श्रीलंका ने टेस्ट मैच में बनाई मजबूत बढ़त, वेस्टइंडीज पर जीत की ओर बढ़ाए कदम
स्पोर्ट्स डेस्क
श्रीलंका और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा रोमांचक टेस्ट मुकाबला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वेस्टइंडीज की पहली पारी 499 रन पर समाप्त होने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 92 रन बना लिए हैं। पहली पारी में मिली 50 रन की बढ़त को जोड़ते हुए मेजबान टीम अब कुल 142 रन की बढ़त हासिल कर चुकी है। पांचवें और अंतिम दिन श्रीलंका के पास इस बढ़त को और बड़ा करने के साथ मैच जीतने का सुनहरा अवसर रहेगा, जबकि वेस्टइंडीज को मुकाबले में बने रहने के लिए शुरुआती विकेट निकालने होंगे।
दिन का खेल शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज अपनी पहली पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश में था। टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 499 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इस पारी में सबसे बड़ी भूमिका जस्टिन ग्रीव्स और शाई होप ने निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 242 रन की बेहतरीन साझेदारी कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। एक समय ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज पहली पारी में श्रीलंका पर बढ़त बना सकता है, लेकिन लंच से ठीक पहले शाई होप के आउट होने के बाद मैच का रुख बदल गया।
शाई होप ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए 198 गेंदों में टेस्ट करियर का पांचवां शतक लगाया। खास बात यह रही कि यह उनके घरेलू मैदान पर टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक था। उन्होंने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट लगाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया। दूसरी ओर जस्टिन ग्रीव्स ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेली। उन्होंने 325 गेंदों पर 180 रन बनाए और लगातार श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी इस शानदार पारी में धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
ग्रीव्स और होप की साझेदारी ने श्रीलंका की बढ़त को काफी हद तक कम कर दिया था। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 457 गेंदों में 242 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि श्रीलंका ने सही समय पर वापसी की। सोनल दिनुषा ने शाई होप को स्टंप आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी समेट दी।
श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और टेस्ट क्रिकेट में तीसरी बार फाइव विकेट हॉल पूरा किया। असिथा ने रोस्टन चेज, एंडरसन फिलिप, शमर जोसेफ समेत कई अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। दूसरी ओर स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने जस्टिन ग्रीव्स का महत्वपूर्ण विकेट लेकर वेस्टइंडीज की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इसके बाद मिलन रथनायके ने अंतिम विकेट लेकर पहली पारी का अंत किया।
50 रन की बढ़त हासिल करने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी की शुरुआत की, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले लाहिरू उदारा इस बार बिना खाता खोले आउट हो गए। शमर जोसेफ की इनस्विंग गेंद पर वे एलबीडब्ल्यू हो गए और श्रीलंका को पहला झटका लगा। इसके बाद निशान मदुष्का ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन 15 रन बनाकर अलजारी जोसेफ की गेंद पर पहली स्लिप में कैच दे बैठे।
32 रन पर दो विकेट गिरने के बाद श्रीलंका पर दबाव बढ़ गया था, लेकिन अनुभवी दिनेश चंडीमल और कामिंदु मेंडिस ने जिम्मेदारी संभाल ली। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए नाबाद 60 रन जोड़ दिए। कामिंदु मेंडिस ने 35 गेंदों पर 30 रन बनाए, जबकि दिनेश चंडीमल 40 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल विकेट बचाए बल्कि तेज रन गति से स्कोर भी आगे बढ़ाया।
श्रीलंका ने दूसरी पारी में 4.18 की रनरेट से बल्लेबाजी की, जिससे यह साफ हो गया कि टीम अंतिम दिन तेजी से रन बनाकर वेस्टइंडीज के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखना चाहती है। यदि पांचवें दिन शुरुआती सत्र में चंडीमल और कामिंदु अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाते हैं तो श्रीलंका आसानी से 250 से अधिक रन की कुल बढ़त हासिल कर सकता है, जो अंतिम दिन किसी भी टीम के लिए आसान लक्ष्य नहीं माना जाता। वेस्टइंडीज के लिए अंतिम दिन सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती विकेट हासिल करना होगी। यदि श्रीलंका की साझेदारी लंबी चली तो मैच पूरी तरह मेजबान टीम की पकड़ में चला जाएगा। गेंदबाजों को नई गेंद का सही उपयोग करते हुए जल्दी सफलता हासिल करनी होगी। बल्लेबाजी में पहली पारी का आत्मविश्वास टीम के लिए सकारात्मक पहलू जरूर है, लेकिन चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं रहेगा।
