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मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रक्रिया शुरू, नामांकन दाखिल होना प्रारंभ
चुनाव
निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की। 13 जुलाई तक नामांकन, 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश और शराबबंदी के निर्देश भी जारी।
देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने तीनों राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इन उपचुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों की राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की 22-दतिया विधानसभा सीट, गुजरात की 145-मंजलपुर विधानसभा सीट और बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इन तीनों सीटों के लिए 6 जुलाई 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 जुलाई 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहता है तो वह 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकता है। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद चुनाव मैदान में अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी और इसके बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह गति पकड़ लेगा। निर्वाचन आयोग ने बताया है कि यदि आवश्यक हुआ तो इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने चुनाव वाले क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को कहा है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाए ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। यह व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत लागू होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यवसाय, औद्योगिक इकाई, व्यापारिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, उन्हें मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा। यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह सुविधा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिक भी इसके दायरे में आएंगे।
निर्वाचन आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी अन्य शहर या जिले में कार्यरत हैं। यदि उनका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है तो वे भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश पाने के अधिकारी होंगे, जिससे वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आयोग ने शराबबंदी को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135सी के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में होटल, बार, रेस्तरां, शराब की दुकानों और अन्य सार्वजनिक या निजी स्थानों पर मादक पेय पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि मतदान से पहले निर्धारित अवधि के लिए 'ड्राई डे' घोषित किया जाए। इसके अलावा मतगणना वाले दिन यानी 3 अगस्त 2026 को भी संबंधित क्षेत्रों में शराबबंदी लागू रहेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
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मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रक्रिया शुरू, नामांकन दाखिल होना प्रारंभ
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देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने तीनों राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इन उपचुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों की राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की 22-दतिया विधानसभा सीट, गुजरात की 145-मंजलपुर विधानसभा सीट और बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इन तीनों सीटों के लिए 6 जुलाई 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 जुलाई 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहता है तो वह 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकता है। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद चुनाव मैदान में अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी और इसके बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह गति पकड़ लेगा। निर्वाचन आयोग ने बताया है कि यदि आवश्यक हुआ तो इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने चुनाव वाले क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को कहा है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाए ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। यह व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत लागू होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यवसाय, औद्योगिक इकाई, व्यापारिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, उन्हें मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा। यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह सुविधा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिक भी इसके दायरे में आएंगे।
निर्वाचन आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी अन्य शहर या जिले में कार्यरत हैं। यदि उनका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है तो वे भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश पाने के अधिकारी होंगे, जिससे वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आयोग ने शराबबंदी को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135सी के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में होटल, बार, रेस्तरां, शराब की दुकानों और अन्य सार्वजनिक या निजी स्थानों पर मादक पेय पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि मतदान से पहले निर्धारित अवधि के लिए 'ड्राई डे' घोषित किया जाए। इसके अलावा मतगणना वाले दिन यानी 3 अगस्त 2026 को भी संबंधित क्षेत्रों में शराबबंदी लागू रहेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
