स्पेन से हारकर पुर्तगाल वर्ल्ड कप से बाहर, रोनाल्डो के करियर का यादगार अध्याय हुआ खत्म

स्पोर्ट्स डेस्क

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क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने 1-0 से दर्ज की जीत, बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर अंतिम आठ में बनाई जगह

फुटबॉल विश्व कप में मंगलवार का दिन कई बड़े उलटफेर और भावुक पलों का गवाह बना। दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल टूर्नामेंट से बाहर हो गई। क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को 1-0 से मात दी और सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। इस हार के साथ ही 41 वर्षीय रोनाल्डो के विश्व कप करियर का भी अंत हो गया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका सम्मान किया। रोनाल्डो ने भी भावुक अंदाज में हाथ हिलाकर प्रशंसकों का अभिवादन किया, लेकिन उनके चेहरे पर हार की मायूसी साफ दिखाई दे रही थी। स्पेन ने पूरे मुकाबले में अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। टीम की मजबूत डिफेंस लाइन ने पुर्तगाल के आक्रमण को लगभग पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। रोनाल्डो को मैच में कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने बेहतरीन बचाव करते हुए उन्हें गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। पहले हाफ में रोनाल्डो के दो खतरनाक प्रयासों को सिमोन ने शानदार तरीके से रोककर मैच का रुख बदल दिया।

इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप इतिहास में लगातार छह मुकाबलों तक क्लीन शीट रखने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले लगातार पांच मैचों तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था। स्पेन की यह उपलब्धि उसकी मजबूत रक्षात्मक रणनीति और खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल को दर्शाती है। स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाकर विश्व कप का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के महान गोलकीपर वाल्टर जेंगा के नाम था। सिमोन की लगातार शानदार फॉर्म ने स्पेन को खिताब का मजबूत दावेदार बना दिया है।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी इस मुकाबले के साथ समाप्त हो गया। उन्होंने वर्ष 2006 में पहली बार विश्व कप खेला था और उसी टूर्नामेंट में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद कई विश्व कप में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व किया और कई यादगार मुकाबले खेले। वर्ष 2018 में स्पेन के खिलाफ उनकी हैट्रिक आज भी फुटबॉल प्रेमियों को याद है। हालांकि इस बार उनका सपना अधूरा रह गया और वे विश्व कप ट्रॉफी जीतने से एक बार फिर चूक गए। मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम में भावुक माहौल देखने को मिला। पुर्तगाल के खिलाड़ी निराश नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन की संतुलित टीम और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा दावेदार बना रही है।

दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाया। आठवें मिनट में चार्ल्स डी केटेलारे ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। अमेरिका ने 31वें मिनट में फ्री-किक के जरिए बराबरी कर ली, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।सिर्फ एक मिनट बाद डी केटेलारे ने दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर बढ़त दिला दी। इसके बाद अमेरिकी टीम दबाव में आ गई। 57वें मिनट में गोलकीपर की गलती का फायदा उठाकर हैंस वानाकेन ने तीसरा गोल किया। अतिरिक्त समय में अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने चौथा गोल दागकर बेल्जियम की जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।

बेल्जियम की जीत में चार्ल्स डी केटेलारे सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने दो गोल करने के अलावा एक अन्य गोल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के मिडफील्ड और डिफेंस ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिससे अमेरिका को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। मेजबान अमेरिका के लिए यह हार निराशाजनक रही। घरेलू दर्शकों के सामने टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन रक्षात्मक गलतियां और गोलकीपर की चूक टीम पर भारी पड़ गई। पूरे मैच में अमेरिका ने कुछ अच्छे अवसर बनाए, लेकिन उन्हें गोल में बदलने में सफलता नहीं मिल सकी। अब विश्व कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। स्पेन और बेल्जियम जैसी टीमें शानदार लय में दिखाई दे रही हैं। स्पेन जहां अपनी मजबूत रक्षा के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं बेल्जियम का आक्रामक खेल विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

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07 Jul 2026 By Vaishnavi.J

स्पेन से हारकर पुर्तगाल वर्ल्ड कप से बाहर, रोनाल्डो के करियर का यादगार अध्याय हुआ खत्म

स्पोर्ट्स डेस्क

फुटबॉल विश्व कप में मंगलवार का दिन कई बड़े उलटफेर और भावुक पलों का गवाह बना। दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल टूर्नामेंट से बाहर हो गई। क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को 1-0 से मात दी और सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। इस हार के साथ ही 41 वर्षीय रोनाल्डो के विश्व कप करियर का भी अंत हो गया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका सम्मान किया। रोनाल्डो ने भी भावुक अंदाज में हाथ हिलाकर प्रशंसकों का अभिवादन किया, लेकिन उनके चेहरे पर हार की मायूसी साफ दिखाई दे रही थी। स्पेन ने पूरे मुकाबले में अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। टीम की मजबूत डिफेंस लाइन ने पुर्तगाल के आक्रमण को लगभग पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। रोनाल्डो को मैच में कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने बेहतरीन बचाव करते हुए उन्हें गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। पहले हाफ में रोनाल्डो के दो खतरनाक प्रयासों को सिमोन ने शानदार तरीके से रोककर मैच का रुख बदल दिया।

इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप इतिहास में लगातार छह मुकाबलों तक क्लीन शीट रखने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले लगातार पांच मैचों तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था। स्पेन की यह उपलब्धि उसकी मजबूत रक्षात्मक रणनीति और खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल को दर्शाती है। स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाकर विश्व कप का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के महान गोलकीपर वाल्टर जेंगा के नाम था। सिमोन की लगातार शानदार फॉर्म ने स्पेन को खिताब का मजबूत दावेदार बना दिया है।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी इस मुकाबले के साथ समाप्त हो गया। उन्होंने वर्ष 2006 में पहली बार विश्व कप खेला था और उसी टूर्नामेंट में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद कई विश्व कप में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व किया और कई यादगार मुकाबले खेले। वर्ष 2018 में स्पेन के खिलाफ उनकी हैट्रिक आज भी फुटबॉल प्रेमियों को याद है। हालांकि इस बार उनका सपना अधूरा रह गया और वे विश्व कप ट्रॉफी जीतने से एक बार फिर चूक गए। मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम में भावुक माहौल देखने को मिला। पुर्तगाल के खिलाड़ी निराश नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन की संतुलित टीम और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा दावेदार बना रही है।

दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाया। आठवें मिनट में चार्ल्स डी केटेलारे ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। अमेरिका ने 31वें मिनट में फ्री-किक के जरिए बराबरी कर ली, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।सिर्फ एक मिनट बाद डी केटेलारे ने दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर बढ़त दिला दी। इसके बाद अमेरिकी टीम दबाव में आ गई। 57वें मिनट में गोलकीपर की गलती का फायदा उठाकर हैंस वानाकेन ने तीसरा गोल किया। अतिरिक्त समय में अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने चौथा गोल दागकर बेल्जियम की जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।

बेल्जियम की जीत में चार्ल्स डी केटेलारे सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने दो गोल करने के अलावा एक अन्य गोल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के मिडफील्ड और डिफेंस ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिससे अमेरिका को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। मेजबान अमेरिका के लिए यह हार निराशाजनक रही। घरेलू दर्शकों के सामने टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन रक्षात्मक गलतियां और गोलकीपर की चूक टीम पर भारी पड़ गई। पूरे मैच में अमेरिका ने कुछ अच्छे अवसर बनाए, लेकिन उन्हें गोल में बदलने में सफलता नहीं मिल सकी। अब विश्व कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। स्पेन और बेल्जियम जैसी टीमें शानदार लय में दिखाई दे रही हैं। स्पेन जहां अपनी मजबूत रक्षा के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं बेल्जियम का आक्रामक खेल विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/the-memorable-chapter-of-ronaldos-career-ended-after-portugal-lost/article-58098

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