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'फिल्म रिलीज नहीं रोकी तो जान से मार देंगे': 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी को पाकिस्तान नंबर से धमकी, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट
दतिया,(म.प्र.)
दतिया में दर्शन के दौरान फिल्म निर्माता अमित जानी को व्हाट्सएप पर ऑडियो, वीडियो और कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली।
दतिया में फिल्म 'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आरोप है कि पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, ऑडियो और वीडियो भेजकर फिल्म की रिलीज रोकने की चेतावनी दी गई। शिकायत मिलने के बाद दतिया कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान और उसके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
नोएडा निवासी फिल्म निर्माता अमित जानी धार्मिक यात्रा के सिलसिले में दतिया पहुंचे थे। वे यहां स्थित प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने आए थे और एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप संदेश और कॉल आने लगे। शुरुआत में उन्हें ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गईं, जिसके बाद सीधे कॉल कर फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी गई।
अमित जानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई की देर रात करीब एक बजे पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबर से एक ऑडियो और वीडियो क्लिप प्राप्त हुई। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर दूसरे पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को पाकिस्तान से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए फिल्म की रिलीज रोकने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि फिल्म निर्धारित समय पर रिलीज हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और जान से मार दिया जाएगा।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वाले ने वीडियो में आधुनिक हथियार दिखाने का दावा किया। वीडियो में कथित रूप से ग्रेनेड, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) और अन्य हथियार दिखाई देने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो वास्तविक है या किसी अन्य स्रोत से तैयार कर भेजा गया है।
धमकी मिलने के बाद अमित जानी सीधे दतिया कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और साइबर सेल के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आजकल इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर कई बार विदेशी नंबरों का इस्तेमाल दिखाया जाता है। इसलिए केवल नंबर देखकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में विदेश में था या किसी अन्य स्थान से इंटरनेट आधारित तकनीक का उपयोग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी भेज दी है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सभी डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो फाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी जांच करेगी ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आता है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर जांच होगी। घटना के बाद दतिया में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिल्म निर्माता अमित जानी ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्हें मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों को अपने मोबाइल में मौजूद सभी ऑडियो, वीडियो और कॉल संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक जांच के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि भेजे गए वीडियो और ऑडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या मॉर्फिंग तो नहीं की गई। इसके अलावा कॉल की लोकेशन, इंटरनेट सर्वर और उपयोग किए गए प्लेटफॉर्म की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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'फिल्म रिलीज नहीं रोकी तो जान से मार देंगे': 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी को पाकिस्तान नंबर से धमकी, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट
दतिया,(म.प्र.)
दतिया में फिल्म 'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आरोप है कि पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, ऑडियो और वीडियो भेजकर फिल्म की रिलीज रोकने की चेतावनी दी गई। शिकायत मिलने के बाद दतिया कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान और उसके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
नोएडा निवासी फिल्म निर्माता अमित जानी धार्मिक यात्रा के सिलसिले में दतिया पहुंचे थे। वे यहां स्थित प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने आए थे और एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप संदेश और कॉल आने लगे। शुरुआत में उन्हें ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गईं, जिसके बाद सीधे कॉल कर फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी गई।
अमित जानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई की देर रात करीब एक बजे पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबर से एक ऑडियो और वीडियो क्लिप प्राप्त हुई। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर दूसरे पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को पाकिस्तान से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए फिल्म की रिलीज रोकने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि फिल्म निर्धारित समय पर रिलीज हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और जान से मार दिया जाएगा।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वाले ने वीडियो में आधुनिक हथियार दिखाने का दावा किया। वीडियो में कथित रूप से ग्रेनेड, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) और अन्य हथियार दिखाई देने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो वास्तविक है या किसी अन्य स्रोत से तैयार कर भेजा गया है।
धमकी मिलने के बाद अमित जानी सीधे दतिया कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और साइबर सेल के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आजकल इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर कई बार विदेशी नंबरों का इस्तेमाल दिखाया जाता है। इसलिए केवल नंबर देखकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में विदेश में था या किसी अन्य स्थान से इंटरनेट आधारित तकनीक का उपयोग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी भेज दी है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सभी डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो फाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी जांच करेगी ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आता है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर जांच होगी। घटना के बाद दतिया में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिल्म निर्माता अमित जानी ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्हें मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों को अपने मोबाइल में मौजूद सभी ऑडियो, वीडियो और कॉल संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक जांच के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि भेजे गए वीडियो और ऑडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या मॉर्फिंग तो नहीं की गई। इसके अलावा कॉल की लोकेशन, इंटरनेट सर्वर और उपयोग किए गए प्लेटफॉर्म की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
