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कंगना रनोट और CJP प्रवक्ता सौरव दास आमने-सामने, बयान पर सांसद का तीखा पलटवार
बालीवुड न्यूज़
स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कंगना की टिप्पणियों के बाद बढ़ा विवाद; सौरव ने कहा- उन्हें अपनी पार्टी भी गंभीरता से नहीं लेती, जवाब में अभिनेत्री ने गिनाईं अपनी उपलब्धियां
देश में हाल में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर शुरू हुई बहस अब भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास के बीच सीधे जुबानी टकराव में बदल गई है। कंगना की ओर से प्रदर्शनकारियों और उनकी भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार की जा रही टिप्पणियों के बाद सौरव दास ने उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी के लोग ही ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए युवाओं से भी ऐसी उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। यह बयान सामने आने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए लंबा जवाब दिया और सौरव की उम्र, काम और छात्र के तौर पर उनकी पहचान पर सवाल खड़े किए।
कंगना ने कहा कि वह भले ही करीब दो साल से सक्रिय राजनीति में हैं, लेकिन लगभग दो दशक से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपनी फिल्मी उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि सौरव की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वह दो नेशनल अवॉर्ड हासिल कर चुकी थीं। कंगना यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने सौरव को 'बेरोजगार' और 'बेकार' बताते हुए उन्हें पहले कोई स्किल सीखने की सलाह तक दे डाली। सौरव ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में कंगना के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया था, जिसमें सांसद बनने के बाद काम के दबाव को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी थी। सौरव ने इसी आधार पर कंगना की राजनीतिक गंभीरता पर सवाल उठाया और कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को अपनी शब्दावली और पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि युवा पीढ़ी ने हाल के आंदोलन के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी दिखाई है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर कंगना के सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। हाल के दिनों में CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे थे। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सहित कई मांगें उठाई थीं। इसी आंदोलन को लेकर कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और सोशल मीडिया रील्स की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक रूप से सरकार और देश के नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने वाले लोगों को दूसरी तरफ से आने वाली प्रतिक्रिया भी सुननी चाहिए। इसी टिप्पणी पर सौरव दास ने जवाब देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी कंगना को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कंगना के सांसद के रूप में कामकाज पर भी टिप्पणी की।
इसके बाद विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया। कंगना ने सौरव के बारे में ऑनलाइन जानकारी देखने का जिक्र करते हुए उनकी उम्र 28 वर्ष बताई और सवाल किया कि इस उम्र में वह खुद को छात्र कैसे बता रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कंगना ने अपने जवाब में फिल्ममेकर, कलाकार, निर्माता, स्क्रीनराइटर और उद्यमी के तौर पर अपनी अलग-अलग जिम्मेदारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई सांसद के रूप में काम का दबाव महसूस करने की उनकी पुरानी टिप्पणी को काम के प्रति गंभीरता की कमी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने अपनी फिल्मी उपलब्धियों और नेशनल अवॉर्ड का हवाला दिया और सौरव पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उनकी रोजगार स्थिति पर टिप्पणी की। दोनों तरफ से आए इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
CJP पिछले कुछ समय से परीक्षा संबंधी विवादों और छात्र मुद्दों को लेकर सक्रिय है। जून में संगठन ने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और जवाबदेही के मुद्दे पर प्रदर्शन की घोषणा की थी। जुलाई में आंदोलन और तेज हुआ तथा संगठन के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बातचीत भी की। हाल के घटनाक्रम में CJP ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई है और सौरव दास इस मुद्दे पर संगठन की तरफ से लगातार बयान दे रहे हैं।
इस बीच कंगना और सौरव के बीच हुआ ताजा विवाद आंदोलन के मूल मुद्दों से निकलकर व्यक्तिगत उपलब्धियों और सार्वजनिक छवि तक पहुंच गया है। कंगना ने अपनी राजनीतिक पारी से ज्यादा अपने लंबे फिल्मी करियर को आधार बनाते हुए सौरव की टिप्पणी का जवाब दिया है, जबकि सौरव ने सांसद के रूप में उनकी टिप्पणियों और प्रदर्शनकारी युवाओं को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल दोनों तरफ से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। CJP की ओर से प्रदर्शनकारियों से जुड़े कानूनी मामलों पर भी दबाव बनाया जा रहा है और संगठन ने कहा है कि सरकार से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
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कंगना रनोट और CJP प्रवक्ता सौरव दास आमने-सामने, बयान पर सांसद का तीखा पलटवार
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देश में हाल में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर शुरू हुई बहस अब भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास के बीच सीधे जुबानी टकराव में बदल गई है। कंगना की ओर से प्रदर्शनकारियों और उनकी भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार की जा रही टिप्पणियों के बाद सौरव दास ने उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी के लोग ही ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए युवाओं से भी ऐसी उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। यह बयान सामने आने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए लंबा जवाब दिया और सौरव की उम्र, काम और छात्र के तौर पर उनकी पहचान पर सवाल खड़े किए।
कंगना ने कहा कि वह भले ही करीब दो साल से सक्रिय राजनीति में हैं, लेकिन लगभग दो दशक से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपनी फिल्मी उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि सौरव की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वह दो नेशनल अवॉर्ड हासिल कर चुकी थीं। कंगना यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने सौरव को 'बेरोजगार' और 'बेकार' बताते हुए उन्हें पहले कोई स्किल सीखने की सलाह तक दे डाली। सौरव ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में कंगना के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया था, जिसमें सांसद बनने के बाद काम के दबाव को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी थी। सौरव ने इसी आधार पर कंगना की राजनीतिक गंभीरता पर सवाल उठाया और कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को अपनी शब्दावली और पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि युवा पीढ़ी ने हाल के आंदोलन के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी दिखाई है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर कंगना के सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। हाल के दिनों में CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे थे। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सहित कई मांगें उठाई थीं। इसी आंदोलन को लेकर कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और सोशल मीडिया रील्स की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक रूप से सरकार और देश के नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने वाले लोगों को दूसरी तरफ से आने वाली प्रतिक्रिया भी सुननी चाहिए। इसी टिप्पणी पर सौरव दास ने जवाब देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी कंगना को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कंगना के सांसद के रूप में कामकाज पर भी टिप्पणी की।
इसके बाद विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया। कंगना ने सौरव के बारे में ऑनलाइन जानकारी देखने का जिक्र करते हुए उनकी उम्र 28 वर्ष बताई और सवाल किया कि इस उम्र में वह खुद को छात्र कैसे बता रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कंगना ने अपने जवाब में फिल्ममेकर, कलाकार, निर्माता, स्क्रीनराइटर और उद्यमी के तौर पर अपनी अलग-अलग जिम्मेदारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई सांसद के रूप में काम का दबाव महसूस करने की उनकी पुरानी टिप्पणी को काम के प्रति गंभीरता की कमी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने अपनी फिल्मी उपलब्धियों और नेशनल अवॉर्ड का हवाला दिया और सौरव पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उनकी रोजगार स्थिति पर टिप्पणी की। दोनों तरफ से आए इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
CJP पिछले कुछ समय से परीक्षा संबंधी विवादों और छात्र मुद्दों को लेकर सक्रिय है। जून में संगठन ने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और जवाबदेही के मुद्दे पर प्रदर्शन की घोषणा की थी। जुलाई में आंदोलन और तेज हुआ तथा संगठन के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बातचीत भी की। हाल के घटनाक्रम में CJP ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई है और सौरव दास इस मुद्दे पर संगठन की तरफ से लगातार बयान दे रहे हैं।
इस बीच कंगना और सौरव के बीच हुआ ताजा विवाद आंदोलन के मूल मुद्दों से निकलकर व्यक्तिगत उपलब्धियों और सार्वजनिक छवि तक पहुंच गया है। कंगना ने अपनी राजनीतिक पारी से ज्यादा अपने लंबे फिल्मी करियर को आधार बनाते हुए सौरव की टिप्पणी का जवाब दिया है, जबकि सौरव ने सांसद के रूप में उनकी टिप्पणियों और प्रदर्शनकारी युवाओं को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल दोनों तरफ से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। CJP की ओर से प्रदर्शनकारियों से जुड़े कानूनी मामलों पर भी दबाव बनाया जा रहा है और संगठन ने कहा है कि सरकार से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
