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टीम इंडिया को मिलेगा नया फील्डिंग कोच, शुभदीप घोष संभालेंगे जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क
टी दिलीप का कार्यकाल खत्म होने के बाद BCCI ने शुभदीप घोष को चुना, अगस्त के श्रीलंका दौरे से टीम के साथ जुड़ने की तैयारी
भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की तैयारी है। असम के पूर्व घरेलू क्रिकेटर और लंबे समय से कोचिंग से जुड़े शुभदीप घोष टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच होंगे। वे टी दिलीप की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद खत्म हो गया था। बताया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। शुभदीप का पहला असाइनमेंट अगस्त में होने वाला श्रीलंका दौरा हो सकता है, जहां भारतीय टीम दो टेस्ट मैच खेलेगी। हालांकि BCCI की तरफ से उनकी नियुक्ति को लेकर अभी औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
शुभदीप घोष का घरेलू क्रिकेट से पुराना नाता रहा है। उनका जन्म 1968 में असम के डिगबोई में हुआ था। दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले शुभदीप मध्यक्रम में खेलते थे और जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते थे। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने असम के साथ रेलवे का भी प्रतिनिधित्व किया। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने कुल 17 फर्स्ट क्लास और इतने ही लिस्ट-ए मुकाबले खेले। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 316 रन हैं, जबकि लिस्ट-ए में उन्होंने 307 रन बनाए। उन्होंने 1994-95 के घरेलू सीजन में अपने करियर की शुरुआत की थी। करीब एक दशक तक खेलने के बाद 2004 में आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला, जबकि उनका अंतिम लिस्ट-ए मैच 2005 में आया।
खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद शुभदीप ने कोचिंग की तरफ रुख किया। पिछले करीब छह-सात वर्षों से वह नेशनल क्रिकेट एकेडमी के सिस्टम से जुड़े रहे हैं और इस दौरान युवा भारतीय खिलाड़ियों के साथ काफी काम किया है। राहुल द्रविड़ के NCA प्रमुख रहने के दौरान भी शुभदीप वहां कोचिंग सेटअप का हिस्सा रहे। अलग-अलग आयु वर्ग की भारतीय टीमों के साथ उन्हें फील्डिंग कोच के रूप में जिम्मेदारी मिलती रही है। इसी अनुभव को उनके सीनियर भारतीय टीम के साथ जुड़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है।
टी दिलीप ने भारतीय टीम के फील्डिंग स्तर को बेहतर करने के साथ खिलाड़ियों के बीच फील्डिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर भी काम किया था। मैच के बाद बेस्ट फील्डर को मेडल देने की परंपरा उनके कार्यकाल में काफी लोकप्रिय हुई। अब शुभदीप के सामने इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए टीम की कैचिंग, ग्राउंड फील्डिंग और थ्रोइंग को और बेहतर करने की चुनौती होगी। भारतीय टीम के व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल को देखते हुए फिटनेस और फील्डिंग पर लगातार काम करना सपोर्ट स्टाफ की अहम जिम्मेदारी रहेगी।
अगस्त में प्रस्तावित श्रीलंका दौरा शुभदीप के लिए सीनियर टीम के साथ पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान स्लिप कैचिंग और क्लोज-इन फील्डिंग पर खास काम करना पड़ सकता है। लंबे फॉर्मेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है, ऐसे में भारतीय टीम नए फील्डिंग कोच के साथ श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी करेगी। BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद शुभदीप के कार्यकाल और सपोर्ट स्टाफ में उनकी भूमिका की बाकी जानकारी भी साफ होने की उम्मीद है।
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टीम इंडिया को मिलेगा नया फील्डिंग कोच, शुभदीप घोष संभालेंगे जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की तैयारी है। असम के पूर्व घरेलू क्रिकेटर और लंबे समय से कोचिंग से जुड़े शुभदीप घोष टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच होंगे। वे टी दिलीप की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद खत्म हो गया था। बताया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। शुभदीप का पहला असाइनमेंट अगस्त में होने वाला श्रीलंका दौरा हो सकता है, जहां भारतीय टीम दो टेस्ट मैच खेलेगी। हालांकि BCCI की तरफ से उनकी नियुक्ति को लेकर अभी औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
शुभदीप घोष का घरेलू क्रिकेट से पुराना नाता रहा है। उनका जन्म 1968 में असम के डिगबोई में हुआ था। दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले शुभदीप मध्यक्रम में खेलते थे और जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते थे। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने असम के साथ रेलवे का भी प्रतिनिधित्व किया। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने कुल 17 फर्स्ट क्लास और इतने ही लिस्ट-ए मुकाबले खेले। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 316 रन हैं, जबकि लिस्ट-ए में उन्होंने 307 रन बनाए। उन्होंने 1994-95 के घरेलू सीजन में अपने करियर की शुरुआत की थी। करीब एक दशक तक खेलने के बाद 2004 में आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला, जबकि उनका अंतिम लिस्ट-ए मैच 2005 में आया।
खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद शुभदीप ने कोचिंग की तरफ रुख किया। पिछले करीब छह-सात वर्षों से वह नेशनल क्रिकेट एकेडमी के सिस्टम से जुड़े रहे हैं और इस दौरान युवा भारतीय खिलाड़ियों के साथ काफी काम किया है। राहुल द्रविड़ के NCA प्रमुख रहने के दौरान भी शुभदीप वहां कोचिंग सेटअप का हिस्सा रहे। अलग-अलग आयु वर्ग की भारतीय टीमों के साथ उन्हें फील्डिंग कोच के रूप में जिम्मेदारी मिलती रही है। इसी अनुभव को उनके सीनियर भारतीय टीम के साथ जुड़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है।
टी दिलीप ने भारतीय टीम के फील्डिंग स्तर को बेहतर करने के साथ खिलाड़ियों के बीच फील्डिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर भी काम किया था। मैच के बाद बेस्ट फील्डर को मेडल देने की परंपरा उनके कार्यकाल में काफी लोकप्रिय हुई। अब शुभदीप के सामने इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए टीम की कैचिंग, ग्राउंड फील्डिंग और थ्रोइंग को और बेहतर करने की चुनौती होगी। भारतीय टीम के व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल को देखते हुए फिटनेस और फील्डिंग पर लगातार काम करना सपोर्ट स्टाफ की अहम जिम्मेदारी रहेगी।
अगस्त में प्रस्तावित श्रीलंका दौरा शुभदीप के लिए सीनियर टीम के साथ पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान स्लिप कैचिंग और क्लोज-इन फील्डिंग पर खास काम करना पड़ सकता है। लंबे फॉर्मेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है, ऐसे में भारतीय टीम नए फील्डिंग कोच के साथ श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी करेगी। BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद शुभदीप के कार्यकाल और सपोर्ट स्टाफ में उनकी भूमिका की बाकी जानकारी भी साफ होने की उम्मीद है।
