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200 रुपये के बिल पर अस्पताल में बवाल, चाकू लहराकर दी धमकी
बिलासपुर,(छ.ग.)
बिलासपुर के निजी अस्पताल में देर रात हंगामा, गेट पर पत्थर फेंककर तोड़फोड़; पूरी घटना CCTV में कैद
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक निजी अस्पताल के भीतर मामूली बिल भुगतान को लेकर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। तिफरा स्थित न्यू जनता अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे दो युवकों पर अस्पताल कर्मचारियों को चाकू दिखाकर धमकाने, गाली-गलौज करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। घटना देर रात हुई और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 16 जून 2026 की रात दो युवक इलाज के लिए न्यू जनता अस्पताल पहुंचे थे। उपचार के बाद जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से ड्रेसिंग के लिए 200 रुपये का शुल्क मांगा गया, तब विवाद शुरू हो गया। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि युवकों से केवल ड्रेसिंग चार्ज लिया जा रहा था और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया था। इसके बावजूद दोनों युवक भुगतान को लेकर नाराज हो गए और कर्मचारियों के साथ बहस करने लगे। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक पहले कर्मचारियों से बहस करते रहे और फिर गाली-गलौज पर उतर आए। आरोप है कि विवाद बढ़ने के दौरान एक युवक ने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाल लिया और अस्पताल स्टाफ को डराने-धमकाने लगा। कर्मचारियों का कहना है कि युवकों ने जान से मारने की धमकी भी दी। अस्पताल में उस समय अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे, जिसके कारण वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग डर के कारण अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में चले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि हंगामे के दौरान सुरक्षा गार्ड और अन्य स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक लगातार आक्रामक बने रहे। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कुछ कर्मचारियों के हाथों में हल्की चोटें आने की बात कही जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना देने की तैयारी की गई, लेकिन उससे पहले ही दोनों युवक वहां से भाग निकले।
आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय भी दोनों युवक शांत नहीं हुए। जाते-जाते उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर पत्थर फेंक दिया, जिससे गेट क्षतिग्रस्त हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इस घटना को देखकर हैरानी जताई। एक स्वास्थ्य संस्थान के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल मरीजों के इलाज और सेवा के लिए होते हैं, लेकिन अब यहां काम करने वाले लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत में दो युवकों की पहचान आदित्य बंसोड और युवराज के रूप में बताई गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिरगिट्टी थाना पुलिस के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय आरोपी किसी नशे की हालत में थे या नहीं। इसके अलावा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई बार मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की जरूरत है। मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं कर्मचारियों को भी बिना डर के काम करने का अवसर मिलना चाहिए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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200 रुपये के बिल पर अस्पताल में बवाल, चाकू लहराकर दी धमकी
बिलासपुर,(छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक निजी अस्पताल के भीतर मामूली बिल भुगतान को लेकर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। तिफरा स्थित न्यू जनता अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे दो युवकों पर अस्पताल कर्मचारियों को चाकू दिखाकर धमकाने, गाली-गलौज करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। घटना देर रात हुई और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 16 जून 2026 की रात दो युवक इलाज के लिए न्यू जनता अस्पताल पहुंचे थे। उपचार के बाद जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से ड्रेसिंग के लिए 200 रुपये का शुल्क मांगा गया, तब विवाद शुरू हो गया। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि युवकों से केवल ड्रेसिंग चार्ज लिया जा रहा था और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया था। इसके बावजूद दोनों युवक भुगतान को लेकर नाराज हो गए और कर्मचारियों के साथ बहस करने लगे। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक पहले कर्मचारियों से बहस करते रहे और फिर गाली-गलौज पर उतर आए। आरोप है कि विवाद बढ़ने के दौरान एक युवक ने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाल लिया और अस्पताल स्टाफ को डराने-धमकाने लगा। कर्मचारियों का कहना है कि युवकों ने जान से मारने की धमकी भी दी। अस्पताल में उस समय अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे, जिसके कारण वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग डर के कारण अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में चले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि हंगामे के दौरान सुरक्षा गार्ड और अन्य स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक लगातार आक्रामक बने रहे। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कुछ कर्मचारियों के हाथों में हल्की चोटें आने की बात कही जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना देने की तैयारी की गई, लेकिन उससे पहले ही दोनों युवक वहां से भाग निकले।
आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय भी दोनों युवक शांत नहीं हुए। जाते-जाते उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर पत्थर फेंक दिया, जिससे गेट क्षतिग्रस्त हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इस घटना को देखकर हैरानी जताई। एक स्वास्थ्य संस्थान के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल मरीजों के इलाज और सेवा के लिए होते हैं, लेकिन अब यहां काम करने वाले लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत में दो युवकों की पहचान आदित्य बंसोड और युवराज के रूप में बताई गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिरगिट्टी थाना पुलिस के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय आरोपी किसी नशे की हालत में थे या नहीं। इसके अलावा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई बार मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की जरूरत है। मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं कर्मचारियों को भी बिना डर के काम करने का अवसर मिलना चाहिए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
