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अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ने RKC प्रिंसिपल पर लगाए अपमान के आरोप
रायपुर,(छ.ग.)
नीता डुमरे बोलीं- मैच के दौरान स्कूल बुलाकर अभद्र व्यवहार किया गया, महिला आयोग में शिकायत के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं
रायपुर के प्रतिष्ठित राजकुमार कॉलेज (RKC) से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में आ गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने कॉलेज के प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। खिलाड़ी का कहना है कि वर्ष 2023 में कॉलेज परिसर में आयोजित एक हॉकी प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची। मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग तक पहुंची, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
नीता डुमरे देश की जानी-मानी हॉकी खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राजकुमार कॉलेज में आयोजित एक हॉकी मुकाबले के दौरान उन्हें ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रतियोगिता के दौरान एक अंपायर के फैसले को लेकर कुछ समय के लिए खेल रुका था, लेकिन बाद में नियमों के अनुसार मैच दोबारा शुरू कर दिया गया। नीता के अनुसार इसी दौरान उन्हें कॉलेज प्रशासन की ओर से बुलाया गया। खिलाड़ी का आरोप है कि जब वह प्रिंसिपल के कार्यालय पहुंचीं तो वहां उनसे ऊंची आवाज में सवाल-जवाब किए गए। उन्होंने दावा किया कि बातचीत का तरीका सम्मानजनक नहीं था और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जो किसी भी खेल अधिकारी या खिलाड़ी के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। नीता का कहना है कि वह उस समय अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रही थीं और मैच संचालन से जुड़े नियमों के तहत काम कर रही थीं।
उनके मुताबिक घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। बाद में उनसे पूरे मामले को लेकर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया। खिलाड़ी का कहना है कि हॉकी संघ और प्रतियोगिताओं में किसी भी विवाद या निर्णय को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, लेकिन इस मामले में उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई। नीता डुमरे ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को लिखित रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा करेगा और उनका पक्ष सुनेगा। हालांकि उनके अनुसार कॉलेज की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मामला राज्य महिला आयोग तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
खिलाड़ी का कहना है कि महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद कई बार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। आयोग ने संबंधित पक्ष को नोटिस भी जारी किए, लेकिन आरोप है कि कई मौकों पर संबंधित पक्ष सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। अब एक बार फिर आयोग द्वारा मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीता का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वह चाहती हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि एक महिला और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें हमेशा सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद रहती है। खेल जगत में वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद इस तरह की स्थिति का सामना करना उनके लिए बेहद पीड़ादायक रहा। उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से किसी महिला खिलाड़ी के साथ अभद्र व्यवहार न केवल उसकी व्यक्तिगत गरिमा को प्रभावित करता है बल्कि खेल संस्कृति पर भी सवाल खड़े करता है।
मामले के सामने आने के बाद खेल जगत और सामाजिक संगठनों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ संस्थानों को संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई तभी सामने आएगी जब दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी और जांच पूरी होगी। इस मामले में राजकुमार कॉलेज प्रबंधन और प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों और तथ्यों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। यही वजह है कि सभी की नजर अब महिला आयोग की आगामी सुनवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है। यह मामला केवल एक खिलाड़ी और एक शैक्षणिक संस्थान के बीच विवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह उन सवालों को भी सामने ला रहा है जो खेलों में महिला सहभागिता, सम्मानजनक व्यवहार और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े हुए हैं। यदि किसी खिलाड़ी को अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, तो यह व्यवस्था के लिए भी आत्ममंथन का विषय बन जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ने RKC प्रिंसिपल पर लगाए अपमान के आरोप
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर के प्रतिष्ठित राजकुमार कॉलेज (RKC) से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में आ गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने कॉलेज के प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। खिलाड़ी का कहना है कि वर्ष 2023 में कॉलेज परिसर में आयोजित एक हॉकी प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची। मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग तक पहुंची, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
नीता डुमरे देश की जानी-मानी हॉकी खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राजकुमार कॉलेज में आयोजित एक हॉकी मुकाबले के दौरान उन्हें ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रतियोगिता के दौरान एक अंपायर के फैसले को लेकर कुछ समय के लिए खेल रुका था, लेकिन बाद में नियमों के अनुसार मैच दोबारा शुरू कर दिया गया। नीता के अनुसार इसी दौरान उन्हें कॉलेज प्रशासन की ओर से बुलाया गया। खिलाड़ी का आरोप है कि जब वह प्रिंसिपल के कार्यालय पहुंचीं तो वहां उनसे ऊंची आवाज में सवाल-जवाब किए गए। उन्होंने दावा किया कि बातचीत का तरीका सम्मानजनक नहीं था और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जो किसी भी खेल अधिकारी या खिलाड़ी के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। नीता का कहना है कि वह उस समय अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रही थीं और मैच संचालन से जुड़े नियमों के तहत काम कर रही थीं।
उनके मुताबिक घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। बाद में उनसे पूरे मामले को लेकर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया। खिलाड़ी का कहना है कि हॉकी संघ और प्रतियोगिताओं में किसी भी विवाद या निर्णय को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, लेकिन इस मामले में उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई। नीता डुमरे ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को लिखित रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा करेगा और उनका पक्ष सुनेगा। हालांकि उनके अनुसार कॉलेज की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मामला राज्य महिला आयोग तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
खिलाड़ी का कहना है कि महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद कई बार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। आयोग ने संबंधित पक्ष को नोटिस भी जारी किए, लेकिन आरोप है कि कई मौकों पर संबंधित पक्ष सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। अब एक बार फिर आयोग द्वारा मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीता का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वह चाहती हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि एक महिला और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें हमेशा सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद रहती है। खेल जगत में वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद इस तरह की स्थिति का सामना करना उनके लिए बेहद पीड़ादायक रहा। उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से किसी महिला खिलाड़ी के साथ अभद्र व्यवहार न केवल उसकी व्यक्तिगत गरिमा को प्रभावित करता है बल्कि खेल संस्कृति पर भी सवाल खड़े करता है।
मामले के सामने आने के बाद खेल जगत और सामाजिक संगठनों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ संस्थानों को संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई तभी सामने आएगी जब दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी और जांच पूरी होगी। इस मामले में राजकुमार कॉलेज प्रबंधन और प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों और तथ्यों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। यही वजह है कि सभी की नजर अब महिला आयोग की आगामी सुनवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है। यह मामला केवल एक खिलाड़ी और एक शैक्षणिक संस्थान के बीच विवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह उन सवालों को भी सामने ला रहा है जो खेलों में महिला सहभागिता, सम्मानजनक व्यवहार और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े हुए हैं। यदि किसी खिलाड़ी को अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, तो यह व्यवस्था के लिए भी आत्ममंथन का विषय बन जाता है।
