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फ्रांस की शानदार शुरुआत, सेनेगल को 3-1 से हराया; एम्बापे ने रचा नया इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
वर्ल्ड कप में एम्बापे के 14 गोल, गर्ड मुलर की बराबरी; नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया
फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को खेले गए मुकाबलों में फ्रांस और नॉर्वे ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। न्यू जर्सी में खेले गए ग्रुप-आई के मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। मैच का सबसे बड़ा आकर्षण स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागे और फ्रांस के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी इस उपलब्धि ने फ्रांस की जीत को और खास बना दिया। मुकाबले की शुरुआत काफी संतुलित रही। पहले हाफ में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। सेनेगल ने शुरुआती 45 मिनट में फ्रांस को कई मौकों पर दबाव में रखा। हाफ टाइम से ठीक पहले इस्माइला सार के पास गोल करने का सुनहरा मौका आया था। वह गोलकीपर के सामने लगभग खुली स्थिति में थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। अगर यह गेंद गोल में चली जाती तो मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल सकती थी। पहले हाफ में फ्रांस की मजबूत डिफेंस लाइन ने भी कई हमलों को विफल किया।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति बदली और आक्रमण तेज कर दिया। इसका असर जल्द ही देखने को मिला जब किलियन एम्बापे ने शानदार फिनिश के साथ टीम को बढ़त दिलाई। इस गोल के बाद फ्रांस का आत्मविश्वास बढ़ गया और कुछ ही मिनट बाद ब्रेडली बारकोला ने दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह फ्रांस की पकड़ में आ चुका है, लेकिन सेनेगल ने हार नहीं मानी। टीम के युवा खिलाड़ी इब्राहिम म्बाए ने शानदार गोल कर अंतर को कम कर दिया। इस गोल के साथ वह वर्ल्ड कप इतिहास में गोल करने वाले सबसे युवा अफ्रीकी खिलाड़ियों में शामिल हो गए। सेनेगल के गोल के बाद मुकाबला रोमांचक हो गया और कुछ समय के लिए फ्रांस पर दबाव भी दिखाई दिया। हालांकि इंजरी टाइम में एक बार फिर एम्बापे ने अपनी क्लास दिखाई और मैच का तीसरा गोल दागकर फ्रांस की जीत सुनिश्चित कर दी। उनके इस गोल के साथ फ्रांस ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने एम्बापे की इस उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया।
मैच के दौरान एक विवादित क्षण भी सामने आया। दूसरे हाफ में फ्रांस ने पेनल्टी की जोरदार अपील की थी। मामला वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR तक पहुंचा और लंबी समीक्षा की गई। इसके बावजूद रेफरी ने अपना फैसला नहीं बदला और पेनल्टी देने से इनकार कर दिया। इस फैसले पर फ्रांस के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने नाराजगी जताई। हालांकि कुछ ही मिनट बाद एम्बापे के गोल ने इस विवाद को पीछे छोड़ दिया। एम्बापे के लिए यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। उनके अब फीफा वर्ल्ड कप में कुल 14 गोल हो चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर गर्ड मुलर की बराबरी कर ली है। वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के नाम है, जिन्होंने 16 गोल किए थे। एम्बापे अब उस रिकॉर्ड से सिर्फ दो गोल दूर हैं। उनकी उम्र और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फुटबॉल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वह आने वाले मुकाबलों में यह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।
यह जीत फ्रांस के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उसने 2002 वर्ल्ड कप की यादों को पीछे छोड़ दिया। उस टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में सेनेगल ने फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस हार के बाद फ्रांस ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया था। करीब दो दशक बाद फ्रांस ने उसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर पुराना हिसाब बराबर कर लिया। उधर ग्रुप-आई के दूसरे मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराकर दमदार शुरुआत की। नॉर्वे की टीम पूरे मैच में हावी रही और उसने आक्रमण में बेहतरीन तालमेल दिखाया। इस जीत के साथ ग्रुप की अंक तालिका में प्रतिस्पर्धा और दिलचस्प हो गई है। शुरुआती मुकाबलों के बाद फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अगले दौर में पहुंचने के मजबूत दावेदार हैं।
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फ्रांस की शानदार शुरुआत, सेनेगल को 3-1 से हराया; एम्बापे ने रचा नया इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को खेले गए मुकाबलों में फ्रांस और नॉर्वे ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। न्यू जर्सी में खेले गए ग्रुप-आई के मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। मैच का सबसे बड़ा आकर्षण स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागे और फ्रांस के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी इस उपलब्धि ने फ्रांस की जीत को और खास बना दिया। मुकाबले की शुरुआत काफी संतुलित रही। पहले हाफ में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। सेनेगल ने शुरुआती 45 मिनट में फ्रांस को कई मौकों पर दबाव में रखा। हाफ टाइम से ठीक पहले इस्माइला सार के पास गोल करने का सुनहरा मौका आया था। वह गोलकीपर के सामने लगभग खुली स्थिति में थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। अगर यह गेंद गोल में चली जाती तो मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल सकती थी। पहले हाफ में फ्रांस की मजबूत डिफेंस लाइन ने भी कई हमलों को विफल किया।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति बदली और आक्रमण तेज कर दिया। इसका असर जल्द ही देखने को मिला जब किलियन एम्बापे ने शानदार फिनिश के साथ टीम को बढ़त दिलाई। इस गोल के बाद फ्रांस का आत्मविश्वास बढ़ गया और कुछ ही मिनट बाद ब्रेडली बारकोला ने दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह फ्रांस की पकड़ में आ चुका है, लेकिन सेनेगल ने हार नहीं मानी। टीम के युवा खिलाड़ी इब्राहिम म्बाए ने शानदार गोल कर अंतर को कम कर दिया। इस गोल के साथ वह वर्ल्ड कप इतिहास में गोल करने वाले सबसे युवा अफ्रीकी खिलाड़ियों में शामिल हो गए। सेनेगल के गोल के बाद मुकाबला रोमांचक हो गया और कुछ समय के लिए फ्रांस पर दबाव भी दिखाई दिया। हालांकि इंजरी टाइम में एक बार फिर एम्बापे ने अपनी क्लास दिखाई और मैच का तीसरा गोल दागकर फ्रांस की जीत सुनिश्चित कर दी। उनके इस गोल के साथ फ्रांस ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने एम्बापे की इस उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया।
मैच के दौरान एक विवादित क्षण भी सामने आया। दूसरे हाफ में फ्रांस ने पेनल्टी की जोरदार अपील की थी। मामला वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR तक पहुंचा और लंबी समीक्षा की गई। इसके बावजूद रेफरी ने अपना फैसला नहीं बदला और पेनल्टी देने से इनकार कर दिया। इस फैसले पर फ्रांस के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने नाराजगी जताई। हालांकि कुछ ही मिनट बाद एम्बापे के गोल ने इस विवाद को पीछे छोड़ दिया। एम्बापे के लिए यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। उनके अब फीफा वर्ल्ड कप में कुल 14 गोल हो चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर गर्ड मुलर की बराबरी कर ली है। वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के नाम है, जिन्होंने 16 गोल किए थे। एम्बापे अब उस रिकॉर्ड से सिर्फ दो गोल दूर हैं। उनकी उम्र और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फुटबॉल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वह आने वाले मुकाबलों में यह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।
यह जीत फ्रांस के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उसने 2002 वर्ल्ड कप की यादों को पीछे छोड़ दिया। उस टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में सेनेगल ने फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस हार के बाद फ्रांस ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया था। करीब दो दशक बाद फ्रांस ने उसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर पुराना हिसाब बराबर कर लिया। उधर ग्रुप-आई के दूसरे मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराकर दमदार शुरुआत की। नॉर्वे की टीम पूरे मैच में हावी रही और उसने आक्रमण में बेहतरीन तालमेल दिखाया। इस जीत के साथ ग्रुप की अंक तालिका में प्रतिस्पर्धा और दिलचस्प हो गई है। शुरुआती मुकाबलों के बाद फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अगले दौर में पहुंचने के मजबूत दावेदार हैं।
