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वैभव सूर्यवंशी फिर नाकाम, अफगानिस्तान-ए के खिलाफ इंडिया-ए मजबूत
स्पोर्ट्स डेस्क
लगातार चौथे मैच में बड़ी पारी खेलने से चूके वैभव, प्रियांश आर्या और कुमार कुशाग्र की शानदार बल्लेबाजी से इंडिया-ए ने मजबूत स्थिति बनाई
श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन सीरीज में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का खराब फॉर्म जारी है। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बुधवार को खेले गए मुकाबले में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और 28 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हो गए। लगातार चौथे मैच में अर्धशतक से चूकने वाले वैभव एक बार फिर चर्चा में रहे। हालांकि उनकी तेज शुरुआत और बाद में प्रियांश आर्या तथा कुमार कुशाग्र की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत इंडिया-ए ने मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली। मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान-ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए तेजी से रन बटोरे। शुरुआती विकेट नहीं गिरने से भारतीय ड्रेसिंग रूम भी काफी संतुष्ट नजर आया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम के लिए बड़े स्कोर की नींव रखी।
वैभव सूर्यवंशी शुरुआत से ही सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कुछ आकर्षक चौके और दमदार शॉट लगाए, जिससे लग रहा था कि इस बार वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहेंगे। लेकिन जब उनकी पारी गति पकड़ रही थी, तभी अफगानिस्तान-ए के गेंदबाज फरिदून दऊदजई ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। 38 रन के स्कोर पर आउट होने के बाद वैभव निराश दिखाई दिए, क्योंकि एक बार फिर वे अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। वैभव के आउट होने के बाद अफगानिस्तान-ए के खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया। गेंदबाज फरिदून दऊदजई ने विकेट लेने के बाद खास अंदाज में सेलिब्रेशन किया, जिसकी चर्चा पूरे मैच के दौरान होती रही। भारतीय खेमे को उम्मीद थी कि वैभव इस मुकाबले में अपनी पहली फिफ्टी लगाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इस ट्राई सीरीज में वैभव सूर्यवंशी से काफी उम्मीदें थीं। युवा बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा माना जा रहा है, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। चार मैचों में उन्होंने कुल 117 रन बनाए हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा है। लगातार अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल पाना उनके लिए चिंता का विषय बन गया है। दूसरी ओर प्रियांश आर्या ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। 24 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों पर 58 रन बनाए और अपनी पारी के दौरान कई आकर्षक शॉट खेले। यह उनके लिस्ट-ए करियर का चौथा अर्धशतक रहा। प्रियांश की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था और उन्होंने अफगानिस्तान-ए के गेंदबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
प्रियांश के आउट होने के बाद कप्तान तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। जब टीम ने 129 रन के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाया, तब कुछ समय के लिए दबाव जरूर बना, लेकिन इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने शानदार साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।कुमार कुशाग्र ने एक और प्रभावशाली पारी खेली और अर्धशतक पूरा किया। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। वहीं कप्तान तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच शतकीय साझेदारी ने अफगानिस्तान-ए की वापसी की उम्मीदों को काफी हद तक खत्म कर दिया।
अफगानिस्तान-ए की टीम ने शुरुआती झटके देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिलने दी। गेंदबाजों ने बीच-बीच में दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाज लगातार रन बनाते रहे। खासकर मध्य ओवरों में भारत ने तेजी से रन जुटाकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ टीम के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ चयनकर्ताओं की नजर भी इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। ऐसे में हर खिलाड़ी खुद को साबित करने की कोशिश कर रहा है। वैभव सूर्यवंशी का लगातार चार मैचों में अर्धशतक नहीं लगा पाना जरूर चर्चा का विषय बना हुआ है, उनके अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने की है। आने वाले मुकाबलों में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
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वैभव सूर्यवंशी फिर नाकाम, अफगानिस्तान-ए के खिलाफ इंडिया-ए मजबूत
स्पोर्ट्स डेस्क
श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन सीरीज में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का खराब फॉर्म जारी है। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बुधवार को खेले गए मुकाबले में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और 28 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हो गए। लगातार चौथे मैच में अर्धशतक से चूकने वाले वैभव एक बार फिर चर्चा में रहे। हालांकि उनकी तेज शुरुआत और बाद में प्रियांश आर्या तथा कुमार कुशाग्र की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत इंडिया-ए ने मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली। मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान-ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए तेजी से रन बटोरे। शुरुआती विकेट नहीं गिरने से भारतीय ड्रेसिंग रूम भी काफी संतुष्ट नजर आया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम के लिए बड़े स्कोर की नींव रखी।
वैभव सूर्यवंशी शुरुआत से ही सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कुछ आकर्षक चौके और दमदार शॉट लगाए, जिससे लग रहा था कि इस बार वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहेंगे। लेकिन जब उनकी पारी गति पकड़ रही थी, तभी अफगानिस्तान-ए के गेंदबाज फरिदून दऊदजई ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। 38 रन के स्कोर पर आउट होने के बाद वैभव निराश दिखाई दिए, क्योंकि एक बार फिर वे अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। वैभव के आउट होने के बाद अफगानिस्तान-ए के खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया। गेंदबाज फरिदून दऊदजई ने विकेट लेने के बाद खास अंदाज में सेलिब्रेशन किया, जिसकी चर्चा पूरे मैच के दौरान होती रही। भारतीय खेमे को उम्मीद थी कि वैभव इस मुकाबले में अपनी पहली फिफ्टी लगाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इस ट्राई सीरीज में वैभव सूर्यवंशी से काफी उम्मीदें थीं। युवा बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा माना जा रहा है, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। चार मैचों में उन्होंने कुल 117 रन बनाए हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा है। लगातार अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल पाना उनके लिए चिंता का विषय बन गया है। दूसरी ओर प्रियांश आर्या ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। 24 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों पर 58 रन बनाए और अपनी पारी के दौरान कई आकर्षक शॉट खेले। यह उनके लिस्ट-ए करियर का चौथा अर्धशतक रहा। प्रियांश की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था और उन्होंने अफगानिस्तान-ए के गेंदबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
प्रियांश के आउट होने के बाद कप्तान तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। जब टीम ने 129 रन के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाया, तब कुछ समय के लिए दबाव जरूर बना, लेकिन इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने शानदार साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।कुमार कुशाग्र ने एक और प्रभावशाली पारी खेली और अर्धशतक पूरा किया। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। वहीं कप्तान तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच शतकीय साझेदारी ने अफगानिस्तान-ए की वापसी की उम्मीदों को काफी हद तक खत्म कर दिया।
अफगानिस्तान-ए की टीम ने शुरुआती झटके देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिलने दी। गेंदबाजों ने बीच-बीच में दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाज लगातार रन बनाते रहे। खासकर मध्य ओवरों में भारत ने तेजी से रन जुटाकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ टीम के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ चयनकर्ताओं की नजर भी इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। ऐसे में हर खिलाड़ी खुद को साबित करने की कोशिश कर रहा है। वैभव सूर्यवंशी का लगातार चार मैचों में अर्धशतक नहीं लगा पाना जरूर चर्चा का विषय बना हुआ है, उनके अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने की है। आने वाले मुकाबलों में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
