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बिलासपुर रेलवे सुरक्षा: बिलासपुर सहित प्रमुख रेलवे पर चेहरा पहचानेंगे हाईटेक कैमरे, मोबाइल पर तुरंत होगा एक्शन
बिलासपुर (छ.ग.)
एक महीने में तैयार होगा संदिग्धों का डिजिटल रिकॉर्ड, RPF-GRP और जिला पुलिस मिलकर चलाएगी अभियान
रेलवे स्टेशनों पर अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बिलासपुर रेलवे जोन में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत करने की तैयारी की गई है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के साथ फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक की मदद से स्टेशन परिसर में आने वाले ऐसे लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनका रिकॉर्ड पुलिस के डेटाबेस में पहले से मौजूद होगा।
नई व्यवस्था केवल स्टेशन पर होने वाली चोरी या यात्रियों से जुड़े अपराधों तक सीमित नहीं रहेगी। रेल मार्ग का इस्तेमाल कर मादक पदार्थों की तस्करी, रेलवे संपत्ति की चोरी, अवैध कबाड़ कारोबार और दूसरे अपराधों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), शासकीय रेल पुलिस (GRP) और संबंधित जिलों की पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता आईजी रामगोपाल गर्ग ने की। बैठक में RPF और GRP के अधिकारियों के साथ बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सक्ती जिले के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के बीच रेलवे क्षेत्र में सामने आने वाले अपराधों और उनकी रोकथाम के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई।
एक महीने में बनेगा अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड
फेशियल रिकग्निशन तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपराधियों और संदिग्ध लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक महीने के भीतर आदतन अपराधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों और लापता बच्चों से संबंधित डिजिटल डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह जानकारी RPF के साथ साझा की जाएगी। इसके बाद स्टेशन पर लगे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम को उपलब्ध रिकॉर्ड से जोड़कर संदिग्धों की पहचान में इस्तेमाल किया जा सकेगा। किसी रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की पहचान होने की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों की जांच कर सकेंगी।
नशे की तस्करी रोकने के लिए सरप्राइज चेकिंग
रेल मार्ग से नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकना भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा। गांजा, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई के लिए RPF, GRP और जिला पुलिस की संयुक्त सरप्राइज चेकिंग टीम बनाने की योजना है।
ये टीमें ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अचानक जांच कर सकेंगी। संदिग्ध यात्रियों, सामान और अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। अलग-अलग एजेंसियों के पास मौजूद सूचनाओं को साझा कर तस्करी से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
रेलवे संपत्ति की चोरी पर भी सख्ती
रेलवे की संपत्ति चोरी कर उसे कबाड़ के रूप में बेचने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से ऐसे कबाड़ कारोबारियों और संदिग्ध ठिकानों की पहचान करने को कहा गया है, जहां चोरी की रेलवे संपत्ति की खरीद-बिक्री की आशंका हो।
ऐसे मामलों में रेलवे संपत्ति से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। RPF और स्थानीय पुलिस को सूचनाओं का आदान-प्रदान कर चोरी से लेकर अवैध बिक्री तक की पूरी कड़ी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
रात में ट्रेनों और स्टेशन परिसरों की बढ़ेगी जांच
स्टेशनों पर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। विशेष रूप से देर रात स्टेशन परिसर में बेवजह मौजूद रहने वाले संदिग्ध लोगों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी। रात में रुकने वाली ट्रेनों की व्यापक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेलवे स्टेशन की पार्किंग और आसपास लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा और Rail Madad पर फोकस
रेल यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। छेड़छाड़, चोरी, संदिग्ध गतिविधियों और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में Rail Madad के जरिए मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
साइबर सुरक्षा भी रेलवे की नई रणनीति का हिस्सा होगी। रेलवे के सार्वजनिक वाई-फाई का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध या आपत्तिजनक गतिविधियां करने वालों की पहचान के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे फाटकों और ट्रैफिक की समस्या पर भी मंथन
सुरक्षा बैठक में रेलवे स्टेशनों के साथ रेलवे फाटक, अंडरब्रिज और आसपास की यातायात समस्याओं को भी शामिल किया गया। सक्ती क्षेत्र के जेठा रेलवे स्टेशन के अंडरब्रिज में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त सर्वे टीम बनाने का निर्णय लिया गया है।
पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में रेलवे क्षेत्र के आसपास लगने वाले जाम से राहत के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर पर भी अधिकारियों ने चर्चा की। वहीं बाराद्वार में रविवार को लगने वाले बाजार के दौरान रेलवे फाटक के आसपास भीड़ बढ़ने को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
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बिलासपुर रेलवे सुरक्षा: बिलासपुर सहित प्रमुख रेलवे पर चेहरा पहचानेंगे हाईटेक कैमरे, मोबाइल पर तुरंत होगा एक्शन
बिलासपुर (छ.ग.)
रेलवे स्टेशनों पर अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बिलासपुर रेलवे जोन में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत करने की तैयारी की गई है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के साथ फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक की मदद से स्टेशन परिसर में आने वाले ऐसे लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनका रिकॉर्ड पुलिस के डेटाबेस में पहले से मौजूद होगा।
नई व्यवस्था केवल स्टेशन पर होने वाली चोरी या यात्रियों से जुड़े अपराधों तक सीमित नहीं रहेगी। रेल मार्ग का इस्तेमाल कर मादक पदार्थों की तस्करी, रेलवे संपत्ति की चोरी, अवैध कबाड़ कारोबार और दूसरे अपराधों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), शासकीय रेल पुलिस (GRP) और संबंधित जिलों की पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता आईजी रामगोपाल गर्ग ने की। बैठक में RPF और GRP के अधिकारियों के साथ बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सक्ती जिले के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के बीच रेलवे क्षेत्र में सामने आने वाले अपराधों और उनकी रोकथाम के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई।
एक महीने में बनेगा अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड
फेशियल रिकग्निशन तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपराधियों और संदिग्ध लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक महीने के भीतर आदतन अपराधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों और लापता बच्चों से संबंधित डिजिटल डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह जानकारी RPF के साथ साझा की जाएगी। इसके बाद स्टेशन पर लगे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम को उपलब्ध रिकॉर्ड से जोड़कर संदिग्धों की पहचान में इस्तेमाल किया जा सकेगा। किसी रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की पहचान होने की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों की जांच कर सकेंगी।
नशे की तस्करी रोकने के लिए सरप्राइज चेकिंग
रेल मार्ग से नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकना भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा। गांजा, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई के लिए RPF, GRP और जिला पुलिस की संयुक्त सरप्राइज चेकिंग टीम बनाने की योजना है।
ये टीमें ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अचानक जांच कर सकेंगी। संदिग्ध यात्रियों, सामान और अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। अलग-अलग एजेंसियों के पास मौजूद सूचनाओं को साझा कर तस्करी से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
रेलवे संपत्ति की चोरी पर भी सख्ती
रेलवे की संपत्ति चोरी कर उसे कबाड़ के रूप में बेचने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से ऐसे कबाड़ कारोबारियों और संदिग्ध ठिकानों की पहचान करने को कहा गया है, जहां चोरी की रेलवे संपत्ति की खरीद-बिक्री की आशंका हो।
ऐसे मामलों में रेलवे संपत्ति से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। RPF और स्थानीय पुलिस को सूचनाओं का आदान-प्रदान कर चोरी से लेकर अवैध बिक्री तक की पूरी कड़ी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
रात में ट्रेनों और स्टेशन परिसरों की बढ़ेगी जांच
स्टेशनों पर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। विशेष रूप से देर रात स्टेशन परिसर में बेवजह मौजूद रहने वाले संदिग्ध लोगों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी। रात में रुकने वाली ट्रेनों की व्यापक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेलवे स्टेशन की पार्किंग और आसपास लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा और Rail Madad पर फोकस
रेल यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। छेड़छाड़, चोरी, संदिग्ध गतिविधियों और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में Rail Madad के जरिए मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
साइबर सुरक्षा भी रेलवे की नई रणनीति का हिस्सा होगी। रेलवे के सार्वजनिक वाई-फाई का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध या आपत्तिजनक गतिविधियां करने वालों की पहचान के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे फाटकों और ट्रैफिक की समस्या पर भी मंथन
सुरक्षा बैठक में रेलवे स्टेशनों के साथ रेलवे फाटक, अंडरब्रिज और आसपास की यातायात समस्याओं को भी शामिल किया गया। सक्ती क्षेत्र के जेठा रेलवे स्टेशन के अंडरब्रिज में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त सर्वे टीम बनाने का निर्णय लिया गया है।
पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में रेलवे क्षेत्र के आसपास लगने वाले जाम से राहत के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर पर भी अधिकारियों ने चर्चा की। वहीं बाराद्वार में रविवार को लगने वाले बाजार के दौरान रेलवे फाटक के आसपास भीड़ बढ़ने को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
