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जैवलिन फाइनल में भारत के तीन खिलाड़ी, नीरज चोपड़ा के साथ रोहित और यश वीर ने बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
नीरज का बेस्ट थ्रो 79.61 मीटर, अरशद नदीम भी मेडल राउंड में पहुंचे
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की जैवलिन थ्रो टीम ने फाइनल में मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी क्वालिफिकेशन की चुनौती पार कर ली है। अब मेडल राउंड में भारत के तीन भाला फेंक खिलाड़ी एक साथ चुनौती पेश करेंगे। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने भी फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे मेडल मुकाबले को लेकर रोमांच और बढ़ गया है।
क्वालिफिकेशन में नीरज चोपड़ा ने 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया और ओवरऑल पांचवें स्थान पर रहे। नीरज ने अपने पहले प्रयास में 76.28 मीटर तक भाला फेंका था। दूसरे प्रयास में उन्होंने प्रदर्शन बेहतर करते हुए 79.61 मीटर की दूरी हासिल की। फाइनल में जगह सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया।
भारत के लिए अच्छी खबर यह रही कि नीरज अकेले फाइनल तक नहीं पहुंचे। रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी टॉप खिलाड़ियों के बीच जगह बनाई। रोहित का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 78.37 मीटर रहा और वह नौवें स्थान पर रहे। यश वीर उनसे सिर्फ एक सेंटीमीटर पीछे रहे। उन्होंने 78.36 मीटर के थ्रो के साथ दसवां स्थान हासिल किया। इस तरह फाइनल में भारत के पास तीन खिलाड़ियों के जरिए पदक जीतने का मौका रहेगा।
क्वालिफिकेशन में पांचवें नंबर पर रहे नीरज
नीरज चोपड़ा से क्वालिफिकेशन में बड़े थ्रो की उम्मीद थी, लेकिन उनका लक्ष्य मुख्य रूप से फाइनल का टिकट हासिल करना रहा। पहले प्रयास में 76.28 मीटर के बाद उन्होंने दूसरे थ्रो में तीन मीटर से ज्यादा का सुधार किया। 79.61 मीटर की दूरी उनके लिए अगले दौर में पहुंचने के लिए पर्याप्त साबित हुई।
नीरज ने इसके बाद तीसरा थ्रो नहीं लिया। फाइनल में उन्हें क्वालिफिकेशन के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि कई खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में ही 80 मीटर की सीमा पार की है।
अरशद नदीम ने 78.63 मीटर के साथ बनाई जगह
पाकिस्तान के अरशद नदीम भी फाइनल में पहुंच गए हैं। क्वालिफिकेशन में उनका सबसे अच्छा प्रयास 78.63 मीटर रहा, जिसके आधार पर उन्हें सातवां स्थान मिला। अरशद ने यह दूरी अपने पहले ही प्रयास में हासिल की। अगले दोनों प्रयासों में वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर नहीं कर सके।
अरशद और नीरज के एक बार फिर एक ही फाइनल में उतरने के कारण इस मुकाबले पर खास नजर रहेगी। दोनों खिलाड़ी पिछले कई वर्षों में विश्व एथलेटिक्स के बड़े मंचों पर आमने-सामने आ चुके हैं।
श्रीलंका के रुमेश ने किया सबसे लंबा थ्रो
क्वालिफिकेशन राउंड में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन श्रीलंका के रुमेश पाथिराजे का रहा। उन्होंने 82.84 मीटर तक भाला फेंककर पहला स्थान हासिल किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने भी मजबूत शुरुआत की और 81.29 मीटर के प्रदर्शन के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट ने 80.64 मीटर का थ्रो किया, जबकि इंग्लैंड के बेन ईस्ट 80.38 मीटर तक पहुंचे। इन चार खिलाड़ियों का क्वालिफिकेशन प्रदर्शन नीरज के 79.61 मीटर से बेहतर रहा। ऐसे में मेडल राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहने की संभावना है।
फाइनल में भारत के तीन जैवलिन थ्रोअर
भारत के लिहाज से रोहित यादव और यश वीर सिंह का फाइनल में पहुंचना भी महत्वपूर्ण है। रोहित ने 78.37 मीटर और यश वीर ने 78.36 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। दोनों के बीच सिर्फ 0.01 मीटर का अंतर रहा।
क्वालिफिकेशन में खिलाड़ियों को अधिकतम तीन प्रयास दिए जाते हैं। निर्धारित ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क हासिल करने वाले एथलीट सीधे आगे बढ़ते हैं। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष खिलाड़ियों को शामिल करते हुए फाइनल लाइनअप तैयार किया जाता है। मेडल राउंड में कुल 12 खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
फिर आमने-सामने होंगे नीरज और अरशद
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की प्रतिद्वंद्विता अंतरराष्ट्रीय जैवलिन में काफी चर्चित रही है। दोनों पहली बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स में आमने-सामने आए थे। इसके बाद कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की।
इन मुकाबलों में ज्यादातर मौकों पर नीरज का प्रदर्शन अरशद से बेहतर रहा, लेकिन पेरिस ओलिंपिक 2024 में कहानी बदल गई थी। वहां अरशद नदीम ने 92.97 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। नीरज ने 89.45 मीटर के प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन में इस बार नीरज का प्रदर्शन अरशद से बेहतर रहा। नीरज ने 79.61 मीटर और अरशद ने 78.63 मीटर का थ्रो किया, लेकिन मेडल राउंड में क्वालिफिकेशन के प्रदर्शन का कोई सीधा फायदा नहीं मिलेगा और मुकाबला नए सिरे से शुरू होगा।
90 मीटर क्लब में शामिल हो चुके हैं नीरज
नीरज चोपड़ा भारतीय जैवलिन के इतिहास में 90 मीटर की दूरी पार करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2025 की दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो दर्ज किया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ा मुकाम हासिल किया।
नीरज का अंतरराष्ट्रीय करियर पहले ही कई बड़ी उपलब्धियों से भरा हुआ है। टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने 87.58 मीटर के थ्रो के साथ भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 और एशियन गेम्स 2023 में भी वह चैंपियन बने। पेरिस ओलिंपिक में उन्हें सिल्वर मेडल मिला था।
मेडल टैली में आठवें स्थान पर भारत
कॉमनवेल्थ गेम्स की मौजूदा मेडल टैली में भारतीय दल आठवें स्थान पर है। भारत के खाते में अब तक कुल 15 पदक बताए गए हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। जैवलिन फाइनल में तीन भारतीय खिलाड़ियों के उतरने से इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया फिलहाल मेडल टैली में सबसे आगे है। उसके खाते में 47 गोल्ड सहित कुल 103 पदक हैं। अन्य प्रमुख देशों के खिलाड़ी भी एथलेटिक्स के बचे हुए मुकाबलों में अपनी स्थिति मजबूत करने उतरेंगे।
शुक्रवार को कई भारतीयों के मेडल मुकाबले
जैवलिन के अलावा भारतीय एथलीट दूसरे इवेंट्स में भी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। शॉट पुट फाइनल में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल उतरेंगे। दोनों से भारतीय दल को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
महिला डिस्कस थ्रो में सीमा कलिरमाना और निधि रानी भारत की चुनौती संभालेंगी। लंबी दूरी की दौड़ में पारुल चौधरी महिला 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगी।
वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल की दौड़ में रहेंगे। महिला 86+ किलोग्राम वर्ग में मार्टिना देवी मैबाम और पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में लवप्रीत सिंह अपनी चुनौती पेश करेंगे। जैवलिन थ्रो का मेडल मुकाबला शुक्रवार देर रात 12:45 बजे निर्धारित है, जिसमें नीरज, रोहित और यश वीर भारत की ओर से उतरेंगे।
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जैवलिन फाइनल में भारत के तीन खिलाड़ी, नीरज चोपड़ा के साथ रोहित और यश वीर ने बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की जैवलिन थ्रो टीम ने फाइनल में मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी क्वालिफिकेशन की चुनौती पार कर ली है। अब मेडल राउंड में भारत के तीन भाला फेंक खिलाड़ी एक साथ चुनौती पेश करेंगे। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने भी फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे मेडल मुकाबले को लेकर रोमांच और बढ़ गया है।
क्वालिफिकेशन में नीरज चोपड़ा ने 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया और ओवरऑल पांचवें स्थान पर रहे। नीरज ने अपने पहले प्रयास में 76.28 मीटर तक भाला फेंका था। दूसरे प्रयास में उन्होंने प्रदर्शन बेहतर करते हुए 79.61 मीटर की दूरी हासिल की। फाइनल में जगह सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया।
भारत के लिए अच्छी खबर यह रही कि नीरज अकेले फाइनल तक नहीं पहुंचे। रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी टॉप खिलाड़ियों के बीच जगह बनाई। रोहित का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 78.37 मीटर रहा और वह नौवें स्थान पर रहे। यश वीर उनसे सिर्फ एक सेंटीमीटर पीछे रहे। उन्होंने 78.36 मीटर के थ्रो के साथ दसवां स्थान हासिल किया। इस तरह फाइनल में भारत के पास तीन खिलाड़ियों के जरिए पदक जीतने का मौका रहेगा।
क्वालिफिकेशन में पांचवें नंबर पर रहे नीरज
नीरज चोपड़ा से क्वालिफिकेशन में बड़े थ्रो की उम्मीद थी, लेकिन उनका लक्ष्य मुख्य रूप से फाइनल का टिकट हासिल करना रहा। पहले प्रयास में 76.28 मीटर के बाद उन्होंने दूसरे थ्रो में तीन मीटर से ज्यादा का सुधार किया। 79.61 मीटर की दूरी उनके लिए अगले दौर में पहुंचने के लिए पर्याप्त साबित हुई।
नीरज ने इसके बाद तीसरा थ्रो नहीं लिया। फाइनल में उन्हें क्वालिफिकेशन के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि कई खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में ही 80 मीटर की सीमा पार की है।
अरशद नदीम ने 78.63 मीटर के साथ बनाई जगह
पाकिस्तान के अरशद नदीम भी फाइनल में पहुंच गए हैं। क्वालिफिकेशन में उनका सबसे अच्छा प्रयास 78.63 मीटर रहा, जिसके आधार पर उन्हें सातवां स्थान मिला। अरशद ने यह दूरी अपने पहले ही प्रयास में हासिल की। अगले दोनों प्रयासों में वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर नहीं कर सके।
अरशद और नीरज के एक बार फिर एक ही फाइनल में उतरने के कारण इस मुकाबले पर खास नजर रहेगी। दोनों खिलाड़ी पिछले कई वर्षों में विश्व एथलेटिक्स के बड़े मंचों पर आमने-सामने आ चुके हैं।
श्रीलंका के रुमेश ने किया सबसे लंबा थ्रो
क्वालिफिकेशन राउंड में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन श्रीलंका के रुमेश पाथिराजे का रहा। उन्होंने 82.84 मीटर तक भाला फेंककर पहला स्थान हासिल किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने भी मजबूत शुरुआत की और 81.29 मीटर के प्रदर्शन के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट ने 80.64 मीटर का थ्रो किया, जबकि इंग्लैंड के बेन ईस्ट 80.38 मीटर तक पहुंचे। इन चार खिलाड़ियों का क्वालिफिकेशन प्रदर्शन नीरज के 79.61 मीटर से बेहतर रहा। ऐसे में मेडल राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहने की संभावना है।
फाइनल में भारत के तीन जैवलिन थ्रोअर
भारत के लिहाज से रोहित यादव और यश वीर सिंह का फाइनल में पहुंचना भी महत्वपूर्ण है। रोहित ने 78.37 मीटर और यश वीर ने 78.36 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। दोनों के बीच सिर्फ 0.01 मीटर का अंतर रहा।
क्वालिफिकेशन में खिलाड़ियों को अधिकतम तीन प्रयास दिए जाते हैं। निर्धारित ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क हासिल करने वाले एथलीट सीधे आगे बढ़ते हैं। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष खिलाड़ियों को शामिल करते हुए फाइनल लाइनअप तैयार किया जाता है। मेडल राउंड में कुल 12 खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
फिर आमने-सामने होंगे नीरज और अरशद
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की प्रतिद्वंद्विता अंतरराष्ट्रीय जैवलिन में काफी चर्चित रही है। दोनों पहली बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स में आमने-सामने आए थे। इसके बाद कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की।
इन मुकाबलों में ज्यादातर मौकों पर नीरज का प्रदर्शन अरशद से बेहतर रहा, लेकिन पेरिस ओलिंपिक 2024 में कहानी बदल गई थी। वहां अरशद नदीम ने 92.97 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। नीरज ने 89.45 मीटर के प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन में इस बार नीरज का प्रदर्शन अरशद से बेहतर रहा। नीरज ने 79.61 मीटर और अरशद ने 78.63 मीटर का थ्रो किया, लेकिन मेडल राउंड में क्वालिफिकेशन के प्रदर्शन का कोई सीधा फायदा नहीं मिलेगा और मुकाबला नए सिरे से शुरू होगा।
90 मीटर क्लब में शामिल हो चुके हैं नीरज
नीरज चोपड़ा भारतीय जैवलिन के इतिहास में 90 मीटर की दूरी पार करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2025 की दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो दर्ज किया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ा मुकाम हासिल किया।
नीरज का अंतरराष्ट्रीय करियर पहले ही कई बड़ी उपलब्धियों से भरा हुआ है। टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने 87.58 मीटर के थ्रो के साथ भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 और एशियन गेम्स 2023 में भी वह चैंपियन बने। पेरिस ओलिंपिक में उन्हें सिल्वर मेडल मिला था।
मेडल टैली में आठवें स्थान पर भारत
कॉमनवेल्थ गेम्स की मौजूदा मेडल टैली में भारतीय दल आठवें स्थान पर है। भारत के खाते में अब तक कुल 15 पदक बताए गए हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। जैवलिन फाइनल में तीन भारतीय खिलाड़ियों के उतरने से इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया फिलहाल मेडल टैली में सबसे आगे है। उसके खाते में 47 गोल्ड सहित कुल 103 पदक हैं। अन्य प्रमुख देशों के खिलाड़ी भी एथलेटिक्स के बचे हुए मुकाबलों में अपनी स्थिति मजबूत करने उतरेंगे।
शुक्रवार को कई भारतीयों के मेडल मुकाबले
जैवलिन के अलावा भारतीय एथलीट दूसरे इवेंट्स में भी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। शॉट पुट फाइनल में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल उतरेंगे। दोनों से भारतीय दल को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
महिला डिस्कस थ्रो में सीमा कलिरमाना और निधि रानी भारत की चुनौती संभालेंगी। लंबी दूरी की दौड़ में पारुल चौधरी महिला 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगी।
वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल की दौड़ में रहेंगे। महिला 86+ किलोग्राम वर्ग में मार्टिना देवी मैबाम और पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में लवप्रीत सिंह अपनी चुनौती पेश करेंगे। जैवलिन थ्रो का मेडल मुकाबला शुक्रवार देर रात 12:45 बजे निर्धारित है, जिसमें नीरज, रोहित और यश वीर भारत की ओर से उतरेंगे।
