- Hindi News
- देश विदेश
- ट्रम्प ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ की घोषणा की, भारत भी शामिल
ट्रम्प ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ की घोषणा की, भारत भी शामिल
अंतराष्ट्रीय न्यूज
टैरिफ तुरंत लागू, ईरान की करेंसी वैल्यू लगभग जीरो, अमेरिका-सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसमें भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख साझेदार भी शामिल हैं।ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस टैरिफ के लागू होने से अमेरिका को आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है।
ईरान में विरोध और करेंसी का संकट
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 648 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें नौ नाबालिग शामिल हैं। ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत अब लगभग जीरो के बराबर पहुँच गई है; 1 रियाल की कीमत भारतीय रुपये में केवल 0.000079 रुपए रह गई है।
भारत और अन्य देशों पर असर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से व्यापार करने वाले देशों में प्रमुख रूप से भारत, चीन और UAE शामिल हैं। अमेरिका पहले ही भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है। नए 25% टैरिफ के लागू होने पर भारत पर कुल टैरिफ 75% तक पहुंच जाएगा। इससे भारत का अमेरिका में निर्यात प्रभावित हो सकता है।
दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद को सुलझाने के लिए आज ट्रेड डील पर बातचीत भी हो रही है। भारत चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से कच्चा तेल आयात पर लगी अतिरिक्त 25% पेनल्टी पूरी तरह हटाई जाए।
अमेरिका का सुरक्षा अलर्ट
ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका में मौजूद नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है। अमेरिकी वर्चुअल एम्बेसी ने सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए कहा कि प्रदर्शन हिंसक हो सकते हैं और गिरफ्तारियां व घायल होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल
टैरिफ लागू करने के ट्रम्प के अधिकार पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोर्ट उनके अधिकार को सीमित करता है तो पहले वसूले गए टैरिफ लौटाना कठिन होगा और इससे अमेरिका को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा हमला किए जाने पर ईरानी सुरक्षा बल अमेरिकी मिलिट्री बेस, शिप्स और इजराइल को निशाना बनाएंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी बात कही।
अमेरिका ने ईरान पर 1979 से आर्थिक प्रतिबंध लागू करना शुरू किया था। 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति और अमेरिकी दूतावास पर कब्जे के बाद यह कदम उठाया गया था। पिछले 45 वर्षों में अमेरिका ने कई प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें तेल, पेट्रोकेमिकल्स और औद्योगिक उत्पादों का व्यापार शामिल है।
------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
