NEET पेपर लीक के बाद NTA की बड़ी तैयारी, बदलेगा परीक्षा प्रणाली का पूरा ढांचा

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नए सिस्टम में सवाल बनाने वाले विशेषज्ञों को भी नहीं होगी परीक्षा की जानकारी, AI आधारित ट्रांसलेशन और डिजिटल प्रश्न बैंक पर फोकस

देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG 2026 में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार और एजेंसी दोनों ही इस बात को लेकर गंभीर हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इसी दिशा में एक नए मॉडल पर काम किया जा रहा है, जिसमें प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं होगी कि वे किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं।

NTA एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे। इन प्रश्नों को सीधे किसी परीक्षा से नहीं जोड़ा जाएगा। बाद में इन सवालों को एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो प्रश्नपत्र लीक होने की संभावनाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।

जानकारी के मुताबिक इस डिजिटल बैंक में हजारों प्रश्न शामिल किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में करीब 10 हजार या उससे अधिक प्रश्नों का संग्रह तैयार किया जा सकता है। परीक्षा से पहले तकनीकी माध्यमों और निर्धारित मानकों के आधार पर इन्हीं प्रश्नों में से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। इससे किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरे प्रश्नपत्र की जानकारी होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर मानवीय हस्तक्षेप होता है। यही वजह है कि सुरक्षा से जुड़े जोखिम बने रहते हैं। नई प्रणाली का उद्देश्य प्रक्रिया को व्यक्ति-आधारित बनाने के बजाय सिस्टम आधारित बनाना है। परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के अधिक इस्तेमाल से गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकता है।

पेपर लीक मामले की जांच के दौरान अनुवाद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे थे। कुछ मामलों में अनुवाद से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद NTA इस क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। एजेंसी पहले ही संकेत दे चुकी है कि आने वाले समय में अधिकांश अनुवाद कार्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के माध्यम से कराया जा सकता है। इसके बाद विशेषज्ञ केवल गुणवत्ता और शुद्धता की जांच करेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि कोशिश यह भी होगी कि अनुवाद की प्रक्रिया में शामिल लोगों को यह जानकारी न हो कि वे किस परीक्षा से संबंधित प्रश्नों पर काम कर रहे हैं। इससे संवेदनशील जानकारी के बाहर जाने की संभावना कम होगी। NTA का मानना है कि AI आधारित अनुवाद से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

इस बीच एजेंसी 21 जून को प्रस्तावित NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों में भी जुटी हुई है। परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत करने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नए विषय विशेषज्ञों को जोड़ा गया है और प्रश्नपत्र के प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन तथा स्टोरेज सिस्टम में भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। उनके अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है और व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

रिजिजू ने यह भी कहा कि किसी मंत्री पर सीधे भ्रष्टाचार या किसी गलत गतिविधि का आरोप हो तो इस्तीफे की मांग उचित हो सकती है, लेकिन NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री पर ऐसा कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार द्वारा किए जा रहे सुधार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे। NEET री-एग्जाम को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। कुछ पोस्ट और मैसेज में पेपर लीक होने या प्रश्न पहले से उपलब्ध होने के दावे किए गए हैं। NTA ने इन सभी दावों को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया है। एजेंसी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व और ठग छात्रों तथा अभिभावकों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं।

NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहें। एजेंसी ने यह भी बताया कि फर्जी सूचनाएं फैलाने वाले अकाउंट्स और चैनलों की पहचान की जा रही है। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर एजेंसियों को जानकारी भेजी जा रही है ताकि ऐसे कंटेंट को हटाया जा सके। गौरतलब है कि NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इसी परीक्षा के जरिए देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश मिलता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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07 Jun 2026 By Vaishnavi.J

NEET पेपर लीक के बाद NTA की बड़ी तैयारी, बदलेगा परीक्षा प्रणाली का पूरा ढांचा

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देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG 2026 में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार और एजेंसी दोनों ही इस बात को लेकर गंभीर हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इसी दिशा में एक नए मॉडल पर काम किया जा रहा है, जिसमें प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं होगी कि वे किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं।

NTA एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे। इन प्रश्नों को सीधे किसी परीक्षा से नहीं जोड़ा जाएगा। बाद में इन सवालों को एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो प्रश्नपत्र लीक होने की संभावनाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।

जानकारी के मुताबिक इस डिजिटल बैंक में हजारों प्रश्न शामिल किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में करीब 10 हजार या उससे अधिक प्रश्नों का संग्रह तैयार किया जा सकता है। परीक्षा से पहले तकनीकी माध्यमों और निर्धारित मानकों के आधार पर इन्हीं प्रश्नों में से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। इससे किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरे प्रश्नपत्र की जानकारी होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर मानवीय हस्तक्षेप होता है। यही वजह है कि सुरक्षा से जुड़े जोखिम बने रहते हैं। नई प्रणाली का उद्देश्य प्रक्रिया को व्यक्ति-आधारित बनाने के बजाय सिस्टम आधारित बनाना है। परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के अधिक इस्तेमाल से गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकता है।

पेपर लीक मामले की जांच के दौरान अनुवाद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे थे। कुछ मामलों में अनुवाद से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद NTA इस क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। एजेंसी पहले ही संकेत दे चुकी है कि आने वाले समय में अधिकांश अनुवाद कार्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के माध्यम से कराया जा सकता है। इसके बाद विशेषज्ञ केवल गुणवत्ता और शुद्धता की जांच करेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि कोशिश यह भी होगी कि अनुवाद की प्रक्रिया में शामिल लोगों को यह जानकारी न हो कि वे किस परीक्षा से संबंधित प्रश्नों पर काम कर रहे हैं। इससे संवेदनशील जानकारी के बाहर जाने की संभावना कम होगी। NTA का मानना है कि AI आधारित अनुवाद से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

इस बीच एजेंसी 21 जून को प्रस्तावित NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों में भी जुटी हुई है। परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत करने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नए विषय विशेषज्ञों को जोड़ा गया है और प्रश्नपत्र के प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन तथा स्टोरेज सिस्टम में भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। उनके अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है और व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

रिजिजू ने यह भी कहा कि किसी मंत्री पर सीधे भ्रष्टाचार या किसी गलत गतिविधि का आरोप हो तो इस्तीफे की मांग उचित हो सकती है, लेकिन NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री पर ऐसा कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार द्वारा किए जा रहे सुधार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे। NEET री-एग्जाम को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। कुछ पोस्ट और मैसेज में पेपर लीक होने या प्रश्न पहले से उपलब्ध होने के दावे किए गए हैं। NTA ने इन सभी दावों को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया है। एजेंसी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व और ठग छात्रों तथा अभिभावकों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं।

NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहें। एजेंसी ने यह भी बताया कि फर्जी सूचनाएं फैलाने वाले अकाउंट्स और चैनलों की पहचान की जा रही है। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर एजेंसियों को जानकारी भेजी जा रही है ताकि ऐसे कंटेंट को हटाया जा सके। गौरतलब है कि NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इसी परीक्षा के जरिए देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश मिलता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/after-neet-paper-leak-big-preparation-of-nta-the-entire/article-55208

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