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पेट्रोल पंप संचालक पर चाकू से हमला कर कैश लूटने वाला दोषी, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा
रायगढ़,(छ.ग.)
रायगढ़ के घरघोड़ा में हुई वारदात, पेट में चाकू मारकर कैश बैग लूटा था, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को ठहराया दोषी
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक पर जानलेवा हमला कर कैश से भरा बैग लूटने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। करीब एक साल पहले हुई इस घटना में आरोपी ने पेट्रोल पंप कार्यालय में घुसकर नकदी से भरा बैग उठाया था और विरोध करने पर संचालक के पेट में चाकू मार दिया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कसैया स्थित गोमती फ्यूल्स पेट्रोल पंप से जुड़ा है। 28 अप्रैल 2024 की देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच पेट्रोल पंप के कर्मचारी राजकुमार यादव और उमेश यादव कार्यालय परिसर में सो रहे थे। वहीं पेट्रोल पंप संचालक खीरू राय कार्यालय के भीतर कंप्यूटर पर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान अस्मित नाग नाम का युवक कार्यालय में दाखिल हुआ और वहां रखा नकदी से भरा बैग उठाकर बाहर निकलने लगा।
पेट्रोल पंप संचालक खीरू राय की नजर आरोपी पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत उसका पीछा किया और बैग छीनने की कोशिश की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक संचालक ने आरोपी से बैग ले जाने का कारण भी पूछा, लेकिन आरोपी ने कोई जवाब देने के बजाय हमला कर दिया। विरोध होते देख उसने अपने पास रखे चाकू से खीरू राय के पेट में लगातार दो वार कर दिए। हमला इतना अचानक हुआ कि संचालक संभल भी नहीं पाए और गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े।
घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर घरघोड़ा शासकीय कॉलेज की दिशा में भाग निकला। पेट्रोल पंप परिसर में मची अफरा-तफरी और शोर-शराबे की आवाज सुनकर अन्य कर्मचारी भी जाग गए। कर्मचारियों ने तत्काल अपने वरिष्ठों को सूचना दी और घायल संचालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया था।
घटना की शिकायत पेट्रोल पंप कर्मचारी राजकुमार यादव द्वारा घरघोड़ा थाने में दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। तत्कालीन उपनिरीक्षक करमू साय पैंकरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य जुटाए और संदेह के आधार पर अस्मित नाग को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी से लगातार सवाल-जवाब किए गए। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र किए और विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में घायल पक्ष, प्रत्यक्षदर्शियों और जांच अधिकारियों के बयान भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने न्यायालय के समक्ष बताया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से कार्यालय में प्रवेश कर नकदी लूटने की कोशिश की थी और विरोध होने पर जानलेवा हमला किया था। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क रखे, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी अस्मित नाग को भारतीय दंड संहिता की धारा 458, 394 और 307 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि आरोपी का कृत्य गंभीर प्रकृति का है और इससे समाज में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत के फैसले के बाद मामले का कानूनी निपटारा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैसले से अपराध करने वालों को सख्त संदेश जाएगा और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली और अंततः अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया। रायगढ़ जिले में यह मामला काफी चर्चित रहा था क्योंकि घटना में पेट्रोल पंप संचालक पर सीधे जानलेवा हमला किया गया था। अब अदालत के निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की बात कही जा रही है।
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पेट्रोल पंप संचालक पर चाकू से हमला कर कैश लूटने वाला दोषी, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा
रायगढ़,(छ.ग.)
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक पर जानलेवा हमला कर कैश से भरा बैग लूटने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। करीब एक साल पहले हुई इस घटना में आरोपी ने पेट्रोल पंप कार्यालय में घुसकर नकदी से भरा बैग उठाया था और विरोध करने पर संचालक के पेट में चाकू मार दिया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कसैया स्थित गोमती फ्यूल्स पेट्रोल पंप से जुड़ा है। 28 अप्रैल 2024 की देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच पेट्रोल पंप के कर्मचारी राजकुमार यादव और उमेश यादव कार्यालय परिसर में सो रहे थे। वहीं पेट्रोल पंप संचालक खीरू राय कार्यालय के भीतर कंप्यूटर पर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान अस्मित नाग नाम का युवक कार्यालय में दाखिल हुआ और वहां रखा नकदी से भरा बैग उठाकर बाहर निकलने लगा।
पेट्रोल पंप संचालक खीरू राय की नजर आरोपी पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत उसका पीछा किया और बैग छीनने की कोशिश की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक संचालक ने आरोपी से बैग ले जाने का कारण भी पूछा, लेकिन आरोपी ने कोई जवाब देने के बजाय हमला कर दिया। विरोध होते देख उसने अपने पास रखे चाकू से खीरू राय के पेट में लगातार दो वार कर दिए। हमला इतना अचानक हुआ कि संचालक संभल भी नहीं पाए और गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े।
घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर घरघोड़ा शासकीय कॉलेज की दिशा में भाग निकला। पेट्रोल पंप परिसर में मची अफरा-तफरी और शोर-शराबे की आवाज सुनकर अन्य कर्मचारी भी जाग गए। कर्मचारियों ने तत्काल अपने वरिष्ठों को सूचना दी और घायल संचालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया था।
घटना की शिकायत पेट्रोल पंप कर्मचारी राजकुमार यादव द्वारा घरघोड़ा थाने में दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। तत्कालीन उपनिरीक्षक करमू साय पैंकरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य जुटाए और संदेह के आधार पर अस्मित नाग को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी से लगातार सवाल-जवाब किए गए। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र किए और विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में घायल पक्ष, प्रत्यक्षदर्शियों और जांच अधिकारियों के बयान भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने न्यायालय के समक्ष बताया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से कार्यालय में प्रवेश कर नकदी लूटने की कोशिश की थी और विरोध होने पर जानलेवा हमला किया था। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क रखे, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी अस्मित नाग को भारतीय दंड संहिता की धारा 458, 394 और 307 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि आरोपी का कृत्य गंभीर प्रकृति का है और इससे समाज में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत के फैसले के बाद मामले का कानूनी निपटारा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैसले से अपराध करने वालों को सख्त संदेश जाएगा और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली और अंततः अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया। रायगढ़ जिले में यह मामला काफी चर्चित रहा था क्योंकि घटना में पेट्रोल पंप संचालक पर सीधे जानलेवा हमला किया गया था। अब अदालत के निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की बात कही जा रही है।
