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संसद परिसर में PM मोदी का ‘56 साल के युवा’ वाला तंज, राहुल गांधी का नाम लिए बिना साधा निशाना
Digital Desk
मानसून सत्र के पहले दिन युवा शक्ति और स्पेस स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने किया कटाक्ष, टिप्पणी सुन पीछे खड़े किरेन रिजिजू भी हंस पड़े
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीडिया ब्रीफिंग में एक राजनीतिक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई। पीएम मोदी देश के युवा उद्यमियों और स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ‘56 साल के युवा’ का उल्लेख करते हुए ऐसा तंज किया, जिसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने संसद परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अलग-अलग क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना रही है और देश का नाम आगे बढ़ा रही है। टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं की बढ़ती भूमिका का भी उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पेस सेक्टर से जुड़े भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस का जिक्र किया। उन्होंने कंपनी की युवा टीम की उपलब्धियों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस उपलब्धि से जुड़ी टीम के सदस्यों की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है।
इसी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह किसी ‘56 साल के युवा’ की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इस टिप्पणी को राहुल गांधी पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया। राहुल गांधी की उम्र 56 वर्ष होने के कारण प्रधानमंत्री की टिप्पणी तुरंत चर्चा में आ गई।
प्रधानमंत्री के इतना कहते ही उनके पीछे मौजूद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू हंसते हुए दिखाई दिए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया भी कैमरों में दर्ज हुई। पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए फिर देश के युवाओं और उनकी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक माहौल गर्म दिखाई दिया। विपक्ष कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी के साथ संसद पहुंचा, जबकि सरकार ने सत्र में चर्चा और विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने की बात कही।
मीडिया ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी नए क्षेत्रों में संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है। स्टार्टअप से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक भारतीय युवा अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार से जोड़कर देखा।
स्काईरूट एयरोस्पेस का उल्लेख इसी संदर्भ में किया गया। कंपनी भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख स्टार्टअप में शामिल है। पीएम ने युवा टीम की औसत उम्र का जिक्र करते हुए इसे देश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई पीढ़ी की तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री की ‘56 साल के युवा’ वाली टिप्पणी ने हालांकि उनके युवा शक्ति से जुड़े संदेश के बीच राजनीतिक रंग भी जोड़ दिया। राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया गया, लेकिन उनकी उम्र के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस बयान को उन्हीं पर निशाने के रूप में देखा जाने लगा।
राहुल गांधी भी मानसून सत्र के पहले दिन संसद पहुंचे। विपक्ष की ओर से सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई है। ऐसे में सत्र की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री की टिप्पणी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चलने वाली राजनीतिक बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में संसद के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने मानसून और मानसून सत्र के बीच तुलना करते हुए सक्रिय और उत्पादक माहौल की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि संसद में मुद्दों पर तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी विषयों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।
संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री का मीडिया को संबोधित करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान सरकार अपनी प्राथमिकताओं और सत्र से अपेक्षाओं को सामने रखती है। इस बार पीएम ने संसदीय कामकाज के साथ युवा शक्ति, स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रमुखता से उठाया।
स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। युवा इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इसी बदलाव को नई पीढ़ी की क्षमता से जोड़ते हुए 28 साल की औसत उम्र वाली टीम का उदाहरण दिया।
हालांकि इसी दौरान की गई एक लाइन ने राजनीतिक चर्चा का रुख बदल दिया। ‘56 साल के युवा’ वाली टिप्पणी के बाद किरेन रिजिजू की हंसी का वीडियो भी चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के बयान के इस हिस्से को राहुल गांधी पर किए गए राजनीतिक कटाक्ष के रूप में साझा किया जाने लगा।
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Digital Desk
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीडिया ब्रीफिंग में एक राजनीतिक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई। पीएम मोदी देश के युवा उद्यमियों और स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ‘56 साल के युवा’ का उल्लेख करते हुए ऐसा तंज किया, जिसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने संसद परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अलग-अलग क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना रही है और देश का नाम आगे बढ़ा रही है। टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं की बढ़ती भूमिका का भी उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पेस सेक्टर से जुड़े भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस का जिक्र किया। उन्होंने कंपनी की युवा टीम की उपलब्धियों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस उपलब्धि से जुड़ी टीम के सदस्यों की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है।
इसी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह किसी ‘56 साल के युवा’ की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इस टिप्पणी को राहुल गांधी पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया। राहुल गांधी की उम्र 56 वर्ष होने के कारण प्रधानमंत्री की टिप्पणी तुरंत चर्चा में आ गई।
प्रधानमंत्री के इतना कहते ही उनके पीछे मौजूद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू हंसते हुए दिखाई दिए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया भी कैमरों में दर्ज हुई। पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए फिर देश के युवाओं और उनकी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक माहौल गर्म दिखाई दिया। विपक्ष कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी के साथ संसद पहुंचा, जबकि सरकार ने सत्र में चर्चा और विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने की बात कही।
मीडिया ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी नए क्षेत्रों में संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है। स्टार्टअप से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक भारतीय युवा अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार से जोड़कर देखा।
स्काईरूट एयरोस्पेस का उल्लेख इसी संदर्भ में किया गया। कंपनी भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख स्टार्टअप में शामिल है। पीएम ने युवा टीम की औसत उम्र का जिक्र करते हुए इसे देश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई पीढ़ी की तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री की ‘56 साल के युवा’ वाली टिप्पणी ने हालांकि उनके युवा शक्ति से जुड़े संदेश के बीच राजनीतिक रंग भी जोड़ दिया। राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया गया, लेकिन उनकी उम्र के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस बयान को उन्हीं पर निशाने के रूप में देखा जाने लगा।
राहुल गांधी भी मानसून सत्र के पहले दिन संसद पहुंचे। विपक्ष की ओर से सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई है। ऐसे में सत्र की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री की टिप्पणी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चलने वाली राजनीतिक बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में संसद के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने मानसून और मानसून सत्र के बीच तुलना करते हुए सक्रिय और उत्पादक माहौल की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि संसद में मुद्दों पर तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी विषयों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।
संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री का मीडिया को संबोधित करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान सरकार अपनी प्राथमिकताओं और सत्र से अपेक्षाओं को सामने रखती है। इस बार पीएम ने संसदीय कामकाज के साथ युवा शक्ति, स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रमुखता से उठाया।
स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। युवा इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इसी बदलाव को नई पीढ़ी की क्षमता से जोड़ते हुए 28 साल की औसत उम्र वाली टीम का उदाहरण दिया।
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