दलीप ट्रॉफी के लिए वेस्ट जोन का स्क्वॉड घोषित, ऋतुराज गायकवाड़ संभालेंगे कमान

स्पोर्ट्स डेस्क

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शम्स मुलानी को मिली उपकप्तानी, पृथ्वी शॉ और सरफराज खान समेत कई बड़े नाम टीम में; 23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू होगा टूर्नामेंट

घरेलू क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए वेस्ट जोन ने अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। महाराष्ट्र के बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि मुंबई के स्पिन ऑलराउंडर शम्स मुलानी उपकप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्क्वॉड में घरेलू क्रिकेट के कई अनुभवी और चर्चित खिलाड़ियों को जगह मिली है। शार्दुल ठाकुर, सरफराज खान, पृथ्वी शॉ, मुशीर खान और तनुश कोटियान जैसे खिलाड़ी भी वेस्ट जोन की ओर से मैदान पर उतरते दिखाई देंगे।

दलीप ट्रॉफी का नया सीजन 23 अगस्त से शुरू होगा और मुकाबले 10 सितंबर तक खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का आयोजन बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में किया जाएगा। घरेलू सीजन के लिहाज से यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के पास आगे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने का मौका होगा। खासकर उन क्रिकेटरों के लिए यह बड़ा मंच है जो टीम इंडिया में जगह बनाने या वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तानी मिलने के साथ बल्लेबाजी में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। सीमित ओवर क्रिकेट में आमतौर पर पारी की शुरुआत करने वाले ऋतुराज दलीप ट्रॉफी में मध्यक्रम में खेलते नजर आ सकते हैं। टीम संयोजन को देखते हुए उनकी बल्लेबाजी की भूमिका में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे प्रारूप में वह पहले भी अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी कर चुके हैं।

गायकवाड़ के पास घरेलू क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज माने जाने वाले ऋतुराज नई और पुरानी दोनों गेंद के खिलाफ लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी पहचान आक्रामक बल्लेबाज की रही है, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी की गति बदल सकते हैं। कप्तान के तौर पर उनसे बल्लेबाजी के साथ टीम को मैदान पर संभालने की भी उम्मीद रहेगी।

वेस्ट जोन के पास बल्लेबाजी में कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं। सबसे ज्यादा नजर पृथ्वी शॉ पर रहेगी, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से फिर चर्चा बटोरी है। मुंबई से अलग होकर महाराष्ट्र के लिए खेलने का फैसला करने वाले पृथ्वी को रणजी ट्रॉफी 2025-26 में किए गए प्रदर्शन का फायदा मिला है। उन्हें वेस्ट जोन की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

पृथ्वी शॉ ने पिछले रणजी सीजन में 537 रन बनाए थे। इस दौरान उनकी सबसे चर्चित पारी चंडीगढ़ के खिलाफ आई, जब उन्होंने सिर्फ 156 गेंदों पर 222 रन ठोक दिए। इस दोहरे शतक में उनका पुराना आक्रामक अंदाज देखने को मिला। तेज गति से रन बनाने की उनकी क्षमता लंबे प्रारूप में भी विपक्षी टीम को जल्दी बैकफुट पर धकेल सकती है।

पृथ्वी के लिए दलीप ट्रॉफी का यह सीजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक समय भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रह चुके पृथ्वी पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन और फिटनेस को लेकर भी वह लगातार चर्चा में रहे। महाराष्ट्र की ओर से रन बनाने के बाद अब उनके पास वेस्ट जोन के लिए मजबूत प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी आगे बढ़ाने का मौका होगा।

पृथ्वी शॉ और ऋतुराज गायकवाड़ के अलावा सरफराज खान टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बड़े स्कोर बनाने वाले सरफराज मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज माने जाते हैं। लंबी पारी खेलने और स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता वेस्ट जोन के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

सरफराज पिछले कई घरेलू सीजन में मुंबई के लिए बड़ी पारियां खेल चुके हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे मल्टी-डे टूर्नामेंट में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो मध्यक्रम को संभालने की जिम्मेदारी ऋतुराज और सरफराज जैसे बल्लेबाजों पर होगी। दोनों के पास पारी को संभालने के साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता है।

युवा बल्लेबाज मुशीर खान को भी 15 सदस्यीय स्क्वॉड में जगह दी गई है। मुशीर ने कम उम्र में घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई है। वह बल्लेबाजी के साथ उपयोगी स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग इलेवन तैयार करते समय अतिरिक्त विकल्प दे सकती है।

वेस्ट जोन की टीम में अनुभवी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण होगी। शार्दुल गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। लंबे प्रारूप में वह कई बार मुश्किल परिस्थितियों में महत्वपूर्ण साझेदारियां कर चुके हैं। तेज गेंदबाज के रूप में नई गेंद और पुरानी गेंद दोनों से विकेट निकालने की क्षमता उन्हें टीम का अहम सदस्य बनाती है।

शार्दुल के अनुभव का फायदा युवा गेंदबाजों को भी मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट के अलावा वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं और विदेशों में भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन कर चुके हैं। लंबे टूर्नामेंट में कप्तान के पास ऐसा गेंदबाज होना उपयोगी रहता है जो लंबे स्पेल डालने के साथ जरूरत के समय विकेट निकाल सके।

स्पिन विभाग में शम्स मुलानी की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। उन्हें टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में मुलानी लगातार गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देते रहे हैं। बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी के साथ वह निचले मध्यक्रम में रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

मुलानी लंबे स्पेल डालने वाले गेंदबाज हैं और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका इस्तेमाल अक्सर विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने के लिए किया जाता है। बेंगलुरु की पिचों पर मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को मदद मिलती है तो उनकी भूमिका और बड़ी हो सकती है। कप्तान ऋतुराज के लिए मुलानी गेंदबाजी में प्रमुख विकल्पों में रहेंगे।

तनुश कोटियान को भी टीम में शामिल किया गया है। वह पिछले कुछ समय में घरेलू क्रिकेट में ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे हैं। ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उनकी बल्लेबाजी कई बार टीम के लिए उपयोगी साबित हुई है। लंबे प्रारूप में ऐसे खिलाड़ी टीम का संतुलन बेहतर करते हैं जो दो विभागों में योगदान दे सकें।

मुलानी और कोटियान की मौजूदगी वेस्ट जोन को स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में गहराई देती है। अगर टीम दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करती है तो निचला क्रम मजबूत हो सकता है। साथ ही कप्तान के पास दो अलग तरह के स्पिन विकल्प उपलब्ध रहेंगे। मैच की पिच और विपक्षी बल्लेबाजी के अनुसार टीम संयोजन तय किया जा सकता है।

इस स्क्वॉड में 19 वर्षीय आयुष म्हात्रे का नाम नहीं है। चोट के कारण वह चयन के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। युवा बल्लेबाज ने घरेलू स्तर पर अपने प्रदर्शन से तेजी से पहचान बनाई है और उन्हें वेस्ट जोन टीम में जगह का दावेदार माना जा रहा था। फिटनेस की समस्या के चलते वह इस बार दलीप ट्रॉफी का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।

आयुष की गैरमौजूदगी के बावजूद वेस्ट जोन का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आता है। टीम के पास अनुभव और युवा प्रतिभा का मिश्रण मौजूद है। ऋतुराज गायकवाड़, पृथ्वी शॉ और सरफराज खान जैसे स्थापित बल्लेबाज हैं, वहीं मुशीर खान जैसे युवा खिलाड़ी भी अपनी जगह बनाने की कोशिश करेंगे।

दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण रेड-बॉल टूर्नामेंट में शामिल है। यहां अलग-अलग जोन की टीमों में देश के बेहतरीन घरेलू खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ उतरते हैं। रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटरों को इस टूर्नामेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि चयनकर्ता भी दलीप ट्रॉफी के प्रदर्शन पर करीब से नजर रखते हैं।

इस बार टूर्नामेंट 23 अगस्त से शुरू होकर 10 सितंबर तक चलेगा। सभी मुकाबले बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित किए जाने हैं। एक ही स्थान पर मुकाबले होने से टीमों को यात्रा की परेशानी कम होगी, लेकिन लगातार क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड महत्वपूर्ण रहेगा।

बेंगलुरु की परिस्थितियां भी टीम संयोजन तय करने में भूमिका निभा सकती हैं। शुरुआती समय में तेज गेंदबाजों को नई गेंद से मदद मिल सकती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनर प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे में वेस्ट जोन के पास शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज और शम्स मुलानी तथा तनुश कोटियान जैसे स्पिन विकल्प मौजूद होना टीम को संतुलन देता है।

ऋतुराज के लिए कप्तानी का यह मौका उनके रेड-बॉल करियर के लिहाज से भी अहम होगा। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में कप्तानी अलग तरह की चुनौती होगी। मल्टी-डे क्रिकेट में गेंदबाजों का इस्तेमाल, फील्ड सेटिंग और लंबे समय तक मैच की स्थिति को पढ़ना कप्तान की बड़ी परीक्षा होती है।

बल्लेबाजी क्रम में भी उन्हें अपनी व्यक्तिगत भूमिका और कप्तानी के बीच संतुलन बनाना होगा। मध्यक्रम में उतरने की स्थिति में ऋतुराज को कई बार नई गेंद पुरानी होने के बाद बल्लेबाजी करनी होगी। वहीं शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर आना पड़ सकता है। टीम को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी।

पृथ्वी शॉ के प्रदर्शन पर इस टूर्नामेंट में खास नजर रहने वाली है। रणजी ट्रॉफी में 537 रन बनाने के बाद वह अपनी फॉर्म को दलीप ट्रॉफी में जारी रखना चाहेंगे। चंडीगढ़ के खिलाफ 222 रन की तेज पारी ने दिखाया कि लय में होने पर वह कुछ ही सेशन में मैच का रुख बदल सकते हैं।

उनके लिए निरंतरता सबसे बड़ा मुद्दा रहेगी। एक या दो बड़ी पारियों के बजाय पूरे टूर्नामेंट में लगातार रन बनाना उनकी आगे की दावेदारी के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। घरेलू स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ प्रदर्शन चयनकर्ताओं को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

सरफराज खान के लिए भी दलीप ट्रॉफी महत्वपूर्ण रहेगी। मध्यक्रम में उनका और ऋतुराज का कॉम्बिनेशन वेस्ट जोन की बल्लेबाजी की दिशा तय कर सकता है। दोनों लंबे समय तक बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। अगर शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देता है तो सरफराज तेजी से रन बनाकर विपक्ष पर दबाव बढ़ा सकते हैं।

मुशीर खान और तनुश कोटियान जैसे खिलाड़ियों के पास भी इस टूर्नामेंट के जरिए अपनी रेड-बॉल साख मजबूत करने का मौका रहेगा। घरेलू क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के लिए दलीप ट्रॉफी रणजी से ऊपर की प्रतिस्पर्धा का मंच मानी जाती है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने पर इंडिया-A और राष्ट्रीय टीम के आसपास पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।

शम्स मुलानी पर उपकप्तान होने के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी में लंबे स्पेल के साथ वह कप्तान को रणनीतिक फैसलों में भी सहयोग करेंगे। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने का उनका लंबा अनुभव वेस्ट जोन के लिए उपयोगी रहेगा। खासकर मैच के तीसरे और चौथे दिन पिच टूटने पर उनकी स्पिन निर्णायक साबित हो सकती है।

शार्दुल ठाकुर जैसे सीनियर खिलाड़ी की मौजूदगी टीम के गेंदबाजी विभाग को अनुभव देती है। जरूरत पड़ने पर वह नई गेंद संभाल सकते हैं और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बल्लेबाजी में उनकी आक्रामक शैली निचले क्रम में तेजी से रन जोड़ने में मदद कर सकती है।

दलीप ट्रॉफी का यह संस्करण कई खिलाड़ियों के लिए आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीजन से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका होगा। वेस्ट जोन के स्क्वॉड में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो पहले भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं या राष्ट्रीय चयन के करीब माने जाते हैं। इसलिए हर मुकाबले और हर पारी पर चयनकर्ताओं की नजर रहने की संभावना है।

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21 Jul 2026 By Priyanka

दलीप ट्रॉफी के लिए वेस्ट जोन का स्क्वॉड घोषित, ऋतुराज गायकवाड़ संभालेंगे कमान

स्पोर्ट्स डेस्क

घरेलू क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए वेस्ट जोन ने अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। महाराष्ट्र के बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि मुंबई के स्पिन ऑलराउंडर शम्स मुलानी उपकप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्क्वॉड में घरेलू क्रिकेट के कई अनुभवी और चर्चित खिलाड़ियों को जगह मिली है। शार्दुल ठाकुर, सरफराज खान, पृथ्वी शॉ, मुशीर खान और तनुश कोटियान जैसे खिलाड़ी भी वेस्ट जोन की ओर से मैदान पर उतरते दिखाई देंगे।

दलीप ट्रॉफी का नया सीजन 23 अगस्त से शुरू होगा और मुकाबले 10 सितंबर तक खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का आयोजन बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में किया जाएगा। घरेलू सीजन के लिहाज से यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के पास आगे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने का मौका होगा। खासकर उन क्रिकेटरों के लिए यह बड़ा मंच है जो टीम इंडिया में जगह बनाने या वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तानी मिलने के साथ बल्लेबाजी में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। सीमित ओवर क्रिकेट में आमतौर पर पारी की शुरुआत करने वाले ऋतुराज दलीप ट्रॉफी में मध्यक्रम में खेलते नजर आ सकते हैं। टीम संयोजन को देखते हुए उनकी बल्लेबाजी की भूमिका में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे प्रारूप में वह पहले भी अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी कर चुके हैं।

गायकवाड़ के पास घरेलू क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज माने जाने वाले ऋतुराज नई और पुरानी दोनों गेंद के खिलाफ लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी पहचान आक्रामक बल्लेबाज की रही है, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी की गति बदल सकते हैं। कप्तान के तौर पर उनसे बल्लेबाजी के साथ टीम को मैदान पर संभालने की भी उम्मीद रहेगी।

वेस्ट जोन के पास बल्लेबाजी में कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं। सबसे ज्यादा नजर पृथ्वी शॉ पर रहेगी, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से फिर चर्चा बटोरी है। मुंबई से अलग होकर महाराष्ट्र के लिए खेलने का फैसला करने वाले पृथ्वी को रणजी ट्रॉफी 2025-26 में किए गए प्रदर्शन का फायदा मिला है। उन्हें वेस्ट जोन की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

पृथ्वी शॉ ने पिछले रणजी सीजन में 537 रन बनाए थे। इस दौरान उनकी सबसे चर्चित पारी चंडीगढ़ के खिलाफ आई, जब उन्होंने सिर्फ 156 गेंदों पर 222 रन ठोक दिए। इस दोहरे शतक में उनका पुराना आक्रामक अंदाज देखने को मिला। तेज गति से रन बनाने की उनकी क्षमता लंबे प्रारूप में भी विपक्षी टीम को जल्दी बैकफुट पर धकेल सकती है।

पृथ्वी के लिए दलीप ट्रॉफी का यह सीजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक समय भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रह चुके पृथ्वी पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन और फिटनेस को लेकर भी वह लगातार चर्चा में रहे। महाराष्ट्र की ओर से रन बनाने के बाद अब उनके पास वेस्ट जोन के लिए मजबूत प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी आगे बढ़ाने का मौका होगा।

पृथ्वी शॉ और ऋतुराज गायकवाड़ के अलावा सरफराज खान टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बड़े स्कोर बनाने वाले सरफराज मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज माने जाते हैं। लंबी पारी खेलने और स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता वेस्ट जोन के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

सरफराज पिछले कई घरेलू सीजन में मुंबई के लिए बड़ी पारियां खेल चुके हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे मल्टी-डे टूर्नामेंट में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो मध्यक्रम को संभालने की जिम्मेदारी ऋतुराज और सरफराज जैसे बल्लेबाजों पर होगी। दोनों के पास पारी को संभालने के साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता है।

युवा बल्लेबाज मुशीर खान को भी 15 सदस्यीय स्क्वॉड में जगह दी गई है। मुशीर ने कम उम्र में घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई है। वह बल्लेबाजी के साथ उपयोगी स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग इलेवन तैयार करते समय अतिरिक्त विकल्प दे सकती है।

वेस्ट जोन की टीम में अनुभवी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण होगी। शार्दुल गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। लंबे प्रारूप में वह कई बार मुश्किल परिस्थितियों में महत्वपूर्ण साझेदारियां कर चुके हैं। तेज गेंदबाज के रूप में नई गेंद और पुरानी गेंद दोनों से विकेट निकालने की क्षमता उन्हें टीम का अहम सदस्य बनाती है।

शार्दुल के अनुभव का फायदा युवा गेंदबाजों को भी मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट के अलावा वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं और विदेशों में भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन कर चुके हैं। लंबे टूर्नामेंट में कप्तान के पास ऐसा गेंदबाज होना उपयोगी रहता है जो लंबे स्पेल डालने के साथ जरूरत के समय विकेट निकाल सके।

स्पिन विभाग में शम्स मुलानी की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। उन्हें टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में मुलानी लगातार गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देते रहे हैं। बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी के साथ वह निचले मध्यक्रम में रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

मुलानी लंबे स्पेल डालने वाले गेंदबाज हैं और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका इस्तेमाल अक्सर विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने के लिए किया जाता है। बेंगलुरु की पिचों पर मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को मदद मिलती है तो उनकी भूमिका और बड़ी हो सकती है। कप्तान ऋतुराज के लिए मुलानी गेंदबाजी में प्रमुख विकल्पों में रहेंगे।

तनुश कोटियान को भी टीम में शामिल किया गया है। वह पिछले कुछ समय में घरेलू क्रिकेट में ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे हैं। ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उनकी बल्लेबाजी कई बार टीम के लिए उपयोगी साबित हुई है। लंबे प्रारूप में ऐसे खिलाड़ी टीम का संतुलन बेहतर करते हैं जो दो विभागों में योगदान दे सकें।

मुलानी और कोटियान की मौजूदगी वेस्ट जोन को स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में गहराई देती है। अगर टीम दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करती है तो निचला क्रम मजबूत हो सकता है। साथ ही कप्तान के पास दो अलग तरह के स्पिन विकल्प उपलब्ध रहेंगे। मैच की पिच और विपक्षी बल्लेबाजी के अनुसार टीम संयोजन तय किया जा सकता है।

इस स्क्वॉड में 19 वर्षीय आयुष म्हात्रे का नाम नहीं है। चोट के कारण वह चयन के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। युवा बल्लेबाज ने घरेलू स्तर पर अपने प्रदर्शन से तेजी से पहचान बनाई है और उन्हें वेस्ट जोन टीम में जगह का दावेदार माना जा रहा था। फिटनेस की समस्या के चलते वह इस बार दलीप ट्रॉफी का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।

आयुष की गैरमौजूदगी के बावजूद वेस्ट जोन का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आता है। टीम के पास अनुभव और युवा प्रतिभा का मिश्रण मौजूद है। ऋतुराज गायकवाड़, पृथ्वी शॉ और सरफराज खान जैसे स्थापित बल्लेबाज हैं, वहीं मुशीर खान जैसे युवा खिलाड़ी भी अपनी जगह बनाने की कोशिश करेंगे।

दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण रेड-बॉल टूर्नामेंट में शामिल है। यहां अलग-अलग जोन की टीमों में देश के बेहतरीन घरेलू खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ उतरते हैं। रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटरों को इस टूर्नामेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि चयनकर्ता भी दलीप ट्रॉफी के प्रदर्शन पर करीब से नजर रखते हैं।

इस बार टूर्नामेंट 23 अगस्त से शुरू होकर 10 सितंबर तक चलेगा। सभी मुकाबले बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित किए जाने हैं। एक ही स्थान पर मुकाबले होने से टीमों को यात्रा की परेशानी कम होगी, लेकिन लगातार क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड महत्वपूर्ण रहेगा।

बेंगलुरु की परिस्थितियां भी टीम संयोजन तय करने में भूमिका निभा सकती हैं। शुरुआती समय में तेज गेंदबाजों को नई गेंद से मदद मिल सकती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनर प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे में वेस्ट जोन के पास शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज और शम्स मुलानी तथा तनुश कोटियान जैसे स्पिन विकल्प मौजूद होना टीम को संतुलन देता है।

ऋतुराज के लिए कप्तानी का यह मौका उनके रेड-बॉल करियर के लिहाज से भी अहम होगा। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में कप्तानी अलग तरह की चुनौती होगी। मल्टी-डे क्रिकेट में गेंदबाजों का इस्तेमाल, फील्ड सेटिंग और लंबे समय तक मैच की स्थिति को पढ़ना कप्तान की बड़ी परीक्षा होती है।

बल्लेबाजी क्रम में भी उन्हें अपनी व्यक्तिगत भूमिका और कप्तानी के बीच संतुलन बनाना होगा। मध्यक्रम में उतरने की स्थिति में ऋतुराज को कई बार नई गेंद पुरानी होने के बाद बल्लेबाजी करनी होगी। वहीं शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर आना पड़ सकता है। टीम को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी।

पृथ्वी शॉ के प्रदर्शन पर इस टूर्नामेंट में खास नजर रहने वाली है। रणजी ट्रॉफी में 537 रन बनाने के बाद वह अपनी फॉर्म को दलीप ट्रॉफी में जारी रखना चाहेंगे। चंडीगढ़ के खिलाफ 222 रन की तेज पारी ने दिखाया कि लय में होने पर वह कुछ ही सेशन में मैच का रुख बदल सकते हैं।

उनके लिए निरंतरता सबसे बड़ा मुद्दा रहेगी। एक या दो बड़ी पारियों के बजाय पूरे टूर्नामेंट में लगातार रन बनाना उनकी आगे की दावेदारी के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। घरेलू स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ प्रदर्शन चयनकर्ताओं को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

सरफराज खान के लिए भी दलीप ट्रॉफी महत्वपूर्ण रहेगी। मध्यक्रम में उनका और ऋतुराज का कॉम्बिनेशन वेस्ट जोन की बल्लेबाजी की दिशा तय कर सकता है। दोनों लंबे समय तक बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। अगर शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देता है तो सरफराज तेजी से रन बनाकर विपक्ष पर दबाव बढ़ा सकते हैं।

मुशीर खान और तनुश कोटियान जैसे खिलाड़ियों के पास भी इस टूर्नामेंट के जरिए अपनी रेड-बॉल साख मजबूत करने का मौका रहेगा। घरेलू क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के लिए दलीप ट्रॉफी रणजी से ऊपर की प्रतिस्पर्धा का मंच मानी जाती है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने पर इंडिया-A और राष्ट्रीय टीम के आसपास पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।

शम्स मुलानी पर उपकप्तान होने के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी में लंबे स्पेल के साथ वह कप्तान को रणनीतिक फैसलों में भी सहयोग करेंगे। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने का उनका लंबा अनुभव वेस्ट जोन के लिए उपयोगी रहेगा। खासकर मैच के तीसरे और चौथे दिन पिच टूटने पर उनकी स्पिन निर्णायक साबित हो सकती है।

शार्दुल ठाकुर जैसे सीनियर खिलाड़ी की मौजूदगी टीम के गेंदबाजी विभाग को अनुभव देती है। जरूरत पड़ने पर वह नई गेंद संभाल सकते हैं और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बल्लेबाजी में उनकी आक्रामक शैली निचले क्रम में तेजी से रन जोड़ने में मदद कर सकती है।

दलीप ट्रॉफी का यह संस्करण कई खिलाड़ियों के लिए आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीजन से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका होगा। वेस्ट जोन के स्क्वॉड में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो पहले भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं या राष्ट्रीय चयन के करीब माने जाते हैं। इसलिए हर मुकाबले और हर पारी पर चयनकर्ताओं की नजर रहने की संभावना है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/west-zone-squad-announced-for-duleep-trophy-ruturaj-gaikwad-will/article-59386

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अप्रैल-जून में कंपनी का रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़; ट्रांसमिशन, स्मार्ट मीटरिंग और एनर्जी सॉल्यूशंस कारोबार में मजबूत बढ़त
बिजनेस 
अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा

सस्ते कपड़ों की असली कीमत कौन चुकाए? Fast Fashion ब्रांड्स पर ‘वेस्ट टैक्स’ लगाने की बढ़ी बहस

कुछ बार पहनकर फेंके जाने वाले कपड़ों से बढ़ रहा टेक्सटाइल कचरा; सवाल- सफाई और रिसाइक्लिंग का खर्च ग्राहक उठाए,...
ओपीनियन 
सस्ते कपड़ों की असली कीमत कौन चुकाए? Fast Fashion ब्रांड्स पर ‘वेस्ट टैक्स’ लगाने की बढ़ी बहस

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शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी पर वैश्विक तनाव का असर; कच्चे तेल और बिटकॉइन पर भी नजर
सरकार का बड़ा बयान: E20 पेट्रोल से इंजन पर असर नहीं, LTCG टैक्स में राहत का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं
सर्राफा बाजार में फिर चमका सोना-चांदी, गोल्ड ₹1.42 लाख के करीब; चांदी ₹2.19 लाख प्रति किलो
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई भारत की चिंता, ब्रेंट $90 के पार; महंगाई से रुपए तक दिख सकता है असर
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