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आज 25 मई 2025 का पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, भोलेनाथ की करें पूजा
Dharm Desk
दिनांक: रविवार, 25 मई 2025
तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
विशेष योग: मासिक शिवरात्रि व सर्वार्थ सिद्धि योग
पूजन योग्य देवता: भगवान शिव
आज का पंचांग (Panchang - 25 May 2025)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | ज्येष्ठ |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | त्रयोदशी |
| वार | रविवार |
| नक्षत्र | अश्विनी |
| योग | सौभाग्य |
| करण | गर |
| चंद्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| सूर्योदय | सुबह 05:55 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 07:17 बजे |
| चंद्रोदय | तड़के 4:16 बजे (26 मई) |
| चंद्रास्त | शाम 5:22 बजे |
| राहुकाल | शाम 17:37 से 19:17 |
| यमगंड | दोपहर 12:36 से 14:16 |
मासिक शिवरात्रि और सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व
आज मासिक शिवरात्रि है, जो हर माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आती है। यह दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। शिवरात्रि पर रात्रि जागरण कर भोलेनाथ की पूजा, अभिषेक व मंत्र जाप से जीवन में पापों का नाश और सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।
इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो किसी भी कार्य की सफलता के लिए अत्यंत शुभ होता है। नया कार्य आरंभ करने, व्यवसाय की शुरुआत, यात्रा या पूजा-पाठ के लिए यह योग उत्तम माना गया है।
अश्विनी नक्षत्र में क्या करें?
-
अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं, जो चिकित्सक देवता कहे जाते हैं।
-
यह नक्षत्र अध्ययन की शुरुआत, वाहन खरीदने, दवा लेने, व्यापार प्रारंभ, खेल-कूद, गहनों से संबंधित कार्य और सौंदर्य व विलासिता से जुड़े कार्यों के लिए शुभ है।
-
यह नक्षत्र तेजी, साहस और उपचार क्षमता से जुड़ा होता है।
आज के वर्जित समय
-
राहुकाल: शाम 05:37 से 07:17 तक – इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।
-
यमगंड: दोपहर 12:36 से 02:16 तक – यात्रा व नए कार्यों के लिए अशुभ।
-
इसके अतिरिक्त दुमुहूर्त, गुलिक काल व वर्ज्यम् में भी शुभ कार्यों से परहेज करें।
आज का विशेष सुझाव
-
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
-
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप कम से कम 108 बार अवश्य करें।
-
रात में शिवलिंग के समीप दीप जलाकर जागरण करें।
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आज 25 मई 2025 का पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, भोलेनाथ की करें पूजा
Dharm Desk
दिनांक: रविवार, 25 मई 2025
तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
विशेष योग: मासिक शिवरात्रि व सर्वार्थ सिद्धि योग
पूजन योग्य देवता: भगवान शिव
आज का पंचांग (Panchang - 25 May 2025)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | ज्येष्ठ |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | त्रयोदशी |
| वार | रविवार |
| नक्षत्र | अश्विनी |
| योग | सौभाग्य |
| करण | गर |
| चंद्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| सूर्योदय | सुबह 05:55 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 07:17 बजे |
| चंद्रोदय | तड़के 4:16 बजे (26 मई) |
| चंद्रास्त | शाम 5:22 बजे |
| राहुकाल | शाम 17:37 से 19:17 |
| यमगंड | दोपहर 12:36 से 14:16 |
मासिक शिवरात्रि और सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व
आज मासिक शिवरात्रि है, जो हर माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आती है। यह दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। शिवरात्रि पर रात्रि जागरण कर भोलेनाथ की पूजा, अभिषेक व मंत्र जाप से जीवन में पापों का नाश और सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।
इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो किसी भी कार्य की सफलता के लिए अत्यंत शुभ होता है। नया कार्य आरंभ करने, व्यवसाय की शुरुआत, यात्रा या पूजा-पाठ के लिए यह योग उत्तम माना गया है।
अश्विनी नक्षत्र में क्या करें?
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अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं, जो चिकित्सक देवता कहे जाते हैं।
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यह नक्षत्र अध्ययन की शुरुआत, वाहन खरीदने, दवा लेने, व्यापार प्रारंभ, खेल-कूद, गहनों से संबंधित कार्य और सौंदर्य व विलासिता से जुड़े कार्यों के लिए शुभ है।
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यह नक्षत्र तेजी, साहस और उपचार क्षमता से जुड़ा होता है।
आज के वर्जित समय
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राहुकाल: शाम 05:37 से 07:17 तक – इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।
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यमगंड: दोपहर 12:36 से 02:16 तक – यात्रा व नए कार्यों के लिए अशुभ।
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इसके अतिरिक्त दुमुहूर्त, गुलिक काल व वर्ज्यम् में भी शुभ कार्यों से परहेज करें।
आज का विशेष सुझाव
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भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
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“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप कम से कम 108 बार अवश्य करें।
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रात में शिवलिंग के समीप दीप जलाकर जागरण करें।
