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आज का पंचांग : वैशाख कृष्ण पंचमी पर व्यतिपात योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
मंगलवार को ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव, शाम 4:34 बजे तक पंचमी तिथि; राहुकाल दोपहर में
आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। सनातन परंपरा के अनुसार यह दिन साधना, संयम और ईश्वर आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि आज सायं 4 बजकर 34 मिनट तक विद्यमान रहेगी, तत्पश्चात षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
आज चंद्रदेव वृश्चिक राशि में स्थित होकर ज्येष्ठा नक्षत्र में विराजमान हैं, जिससे मन में गहराई और आत्मचिंतन की प्रवृत्ति जागृत होती है। ज्येष्ठा नक्षत्र के अधिष्ठाता देव इंद्र हैं, जो शक्ति, प्रतिष्ठा और संरक्षण के प्रतीक माने जाते हैं। इस नक्षत्र में किया गया साधना और जप विशेष फल प्रदान करता है।
आज के दिन व्यतिपात योग का भी संयोग बना है, जो सायं 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों में इस योग को विशेष साधना और प्रायश्चित के लिए उपयुक्त बताया गया है। इसके पश्चात वरियान योग का आरंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सूर्यदेव उत्तरायण में स्थित हैं और वसंत ऋतु का प्रभाव प्रकृति में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर रहा है। यह समय नए संकल्प लेने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
शुभ मुहूर्त की दृष्टि से आज ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:37 से 5:21 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, जप और साधना के लिए अत्यंत पवित्र समय है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 से 12:49 बजे तक रहेगा, जिसमें किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ किया जा सकता है। वहीं अमृत काल रात्रि 8:01 से 9:49 बजे तक रहेगा, जो विशेष कृपा प्राप्ति का समय माना जाता है।
इसके विपरीत राहुकाल दोपहर 3:00 से 4:30 बजे तक रहेगा, जिसमें मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। गुलिक काल और यमगंड काल भी अशुभ माने गए हैं, इसलिए इस समय में नए कार्यों को टालना ही हितकर है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है। आज के दिन हनुमान जी के मंदिर में चोला अर्पित करना, सुंदरकांड का पाठ करना तथा गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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आज का पंचांग : वैशाख कृष्ण पंचमी पर व्यतिपात योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। सनातन परंपरा के अनुसार यह दिन साधना, संयम और ईश्वर आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि आज सायं 4 बजकर 34 मिनट तक विद्यमान रहेगी, तत्पश्चात षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
आज चंद्रदेव वृश्चिक राशि में स्थित होकर ज्येष्ठा नक्षत्र में विराजमान हैं, जिससे मन में गहराई और आत्मचिंतन की प्रवृत्ति जागृत होती है। ज्येष्ठा नक्षत्र के अधिष्ठाता देव इंद्र हैं, जो शक्ति, प्रतिष्ठा और संरक्षण के प्रतीक माने जाते हैं। इस नक्षत्र में किया गया साधना और जप विशेष फल प्रदान करता है।
आज के दिन व्यतिपात योग का भी संयोग बना है, जो सायं 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों में इस योग को विशेष साधना और प्रायश्चित के लिए उपयुक्त बताया गया है। इसके पश्चात वरियान योग का आरंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सूर्यदेव उत्तरायण में स्थित हैं और वसंत ऋतु का प्रभाव प्रकृति में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर रहा है। यह समय नए संकल्प लेने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
शुभ मुहूर्त की दृष्टि से आज ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:37 से 5:21 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, जप और साधना के लिए अत्यंत पवित्र समय है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 से 12:49 बजे तक रहेगा, जिसमें किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ किया जा सकता है। वहीं अमृत काल रात्रि 8:01 से 9:49 बजे तक रहेगा, जो विशेष कृपा प्राप्ति का समय माना जाता है।
इसके विपरीत राहुकाल दोपहर 3:00 से 4:30 बजे तक रहेगा, जिसमें मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। गुलिक काल और यमगंड काल भी अशुभ माने गए हैं, इसलिए इस समय में नए कार्यों को टालना ही हितकर है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है। आज के दिन हनुमान जी के मंदिर में चोला अर्पित करना, सुंदरकांड का पाठ करना तथा गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
