नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

स्पोर्ट्स

On

नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड और ट्रिब्यूनल के गठन की प्रक्रिया शुरू, खेल संघों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस

देश में खेल प्रशासन को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट गुरुवार से आंशिक रूप से लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इस कानून के उन प्रावधानों को प्रभाव में लाया है, जिनसे नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB) और नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (NST) के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो सकेगी। खेल मंत्रालय के मुताबिक, यह फैसला खेल संगठनों में संरचनात्मक सुधार और विवाद निपटान की स्वतंत्र व्यवस्था खड़ी करने के उद्देश्य से लिया गया है।

आंशिक रूप से लागू किए गए प्रावधानों के तहत अब केंद्र सरकार NSB और NST के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड में एक चेयरपर्सन और अन्य सदस्य होंगे, जिन्हें सार्वजनिक प्रशासन, खेल प्रशासन, खेल कानून और संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों में से चुना जाएगा। इन नियुक्तियों के लिए सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर चयन होगा।

सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से कानून लागू करने का उद्देश्य खेल संघों और मौजूदा व्यवस्थाओं को बिना अचानक झटके के नए कानूनी स्पोर्ट्स गवर्नेंस फ्रेमवर्क से जोड़ना है।

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 को 23 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था। 11 अगस्त को लोकसभा से पारित होने के बाद, अगले दिन राज्यसभा ने करीब दो घंटे की चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को इसे अधिसूचित किया गया। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे अब तक का सबसे बड़ा खेल सुधार बताते हुए कहा था कि यह कानून भारतीय खेलों को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने में मदद करेगा।

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस से जुड़े कानून की मांग कोई नई नहीं है। इसकी पहली औपचारिक पहल 1975 में हुई थी, लेकिन राजनीतिक असहमति और संघीय ढांचे से जुड़े विवादों के कारण यह प्रस्ताव दशकों तक आगे नहीं बढ़ सका। 2011 में नेशनल स्पोर्ट्स कोड लाया गया, जिसे बाद में कानून का रूप देने की कोशिश हुई, लेकिन वह भी अधर में लटक गया।

अब सरकार इसे 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की संभावित बोली और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों की अपेक्षाओं के मद्देनजर एक जरूरी सुधार मान रही है।

नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल के गठन से खेल संघों, खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े विवादों के लिए एक स्वतंत्र और विशेष मंच मिलेगा। इससे लंबे समय तक अदालतों में लंबित रहने वाले मामलों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, खेल महासंघों की आंतरिक राजनीति और चयन विवादों पर भी अंकुश लग सकता है।

खेल मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, आने वाले महीनों में एक्ट के अन्य प्रावधानों को भी लागू किया जाएगा। इसमें नेशनल स्पोर्ट्स इलेक्शन पैनल और खेल संघों के लिए जवाबदेही मानक शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कानून प्रभावी ढंग से लागू हुआ, तो भारतीय खेल प्रशासन में दशकों से चली आ रही अव्यवस्थाओं पर लगाम लग सकती है।

-------------------------------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

 

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
01 Jan 2026 By Nitin Trivedi

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

स्पोर्ट्स

देश में खेल प्रशासन को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट गुरुवार से आंशिक रूप से लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इस कानून के उन प्रावधानों को प्रभाव में लाया है, जिनसे नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB) और नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (NST) के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो सकेगी। खेल मंत्रालय के मुताबिक, यह फैसला खेल संगठनों में संरचनात्मक सुधार और विवाद निपटान की स्वतंत्र व्यवस्था खड़ी करने के उद्देश्य से लिया गया है।

आंशिक रूप से लागू किए गए प्रावधानों के तहत अब केंद्र सरकार NSB और NST के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड में एक चेयरपर्सन और अन्य सदस्य होंगे, जिन्हें सार्वजनिक प्रशासन, खेल प्रशासन, खेल कानून और संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों में से चुना जाएगा। इन नियुक्तियों के लिए सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर चयन होगा।

सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से कानून लागू करने का उद्देश्य खेल संघों और मौजूदा व्यवस्थाओं को बिना अचानक झटके के नए कानूनी स्पोर्ट्स गवर्नेंस फ्रेमवर्क से जोड़ना है।

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 को 23 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था। 11 अगस्त को लोकसभा से पारित होने के बाद, अगले दिन राज्यसभा ने करीब दो घंटे की चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को इसे अधिसूचित किया गया। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे अब तक का सबसे बड़ा खेल सुधार बताते हुए कहा था कि यह कानून भारतीय खेलों को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने में मदद करेगा।

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस से जुड़े कानून की मांग कोई नई नहीं है। इसकी पहली औपचारिक पहल 1975 में हुई थी, लेकिन राजनीतिक असहमति और संघीय ढांचे से जुड़े विवादों के कारण यह प्रस्ताव दशकों तक आगे नहीं बढ़ सका। 2011 में नेशनल स्पोर्ट्स कोड लाया गया, जिसे बाद में कानून का रूप देने की कोशिश हुई, लेकिन वह भी अधर में लटक गया।

अब सरकार इसे 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की संभावित बोली और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों की अपेक्षाओं के मद्देनजर एक जरूरी सुधार मान रही है।

नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल के गठन से खेल संघों, खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े विवादों के लिए एक स्वतंत्र और विशेष मंच मिलेगा। इससे लंबे समय तक अदालतों में लंबित रहने वाले मामलों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, खेल महासंघों की आंतरिक राजनीति और चयन विवादों पर भी अंकुश लग सकता है।

खेल मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, आने वाले महीनों में एक्ट के अन्य प्रावधानों को भी लागू किया जाएगा। इसमें नेशनल स्पोर्ट्स इलेक्शन पैनल और खेल संघों के लिए जवाबदेही मानक शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कानून प्रभावी ढंग से लागू हुआ, तो भारतीय खेल प्रशासन में दशकों से चली आ रही अव्यवस्थाओं पर लगाम लग सकती है।

-------------------------------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

 

https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/69562b2d88334/article-41735

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.