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जबलपुर में न्यू ईयर पर शराब के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन: बोतलें तोड़ीं, सड़क पर बहाई शराब
जबलपुर (म.प्र.)
सिहोरा क्षेत्र के तीन गांवों में अवैध शराब के विरोध में सड़क पर उतरीं महिलाएं, पुलिस-प्रशासन को बड़े आंदोलन की चेतावनी
नए साल 2026 की सुबह जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र में जश्न नहीं, बल्कि आक्रोश और विरोध का दृश्य देखने को मिला। खमरिया, खिरवा और बरगी गांव की महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने गांव में बेचने लाई गई शराब की बोतलें छीनकर सड़क पर तोड़ीं और शराब बहा दी, साथ ही नारेबाजी कर प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी।
गुरुवार सुबह महिलाओं को सूचना मिली कि एक व्यक्ति एक्टिवा वाहन से शराब लाकर गांव में बेचने की तैयारी कर रहा है। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं और उसे घेर लिया। शराब जब्त कर सड़क पर फेंक दी गई। यह घटना सिहोरा थाना क्षेत्र के खमरिया-खिरवा इलाके में हुई, जहां लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिलती रही हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व गांव की स्थानीय महिलाओं ने किया, जिनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध शराब कारोबार बंद नहीं हुआ। महिलाओं के अनुसार शराब के कारण गांव का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है, आए दिन विवाद, मारपीट और अशांति की स्थिति बनती है। खास तौर पर युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, जो परिवारों और भविष्य दोनों के लिए खतरा बनती जा रही है।
महिलाओं ने बताया कि अक्टूबर 2025 में भी उन्होंने सिहोरा थाने का घेराव कर शराबबंदी की मांग उठाई थी। उस समय कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली। इसी कारण नए साल के दिन उन्होंने दोबारा सख्त रुख अपनाया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं शराब की बोतलें तोड़ते हुए साफ शब्दों में चेतावनी देती रहीं कि यदि अब भी अवैध शराब पर रोक नहीं लगी, तो वे जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगी। उनका कहना था कि प्रशासन की निष्क्रियता ने उन्हें खुद कार्रवाई करने को मजबूर किया है।
स्थानीय महिला शांति बाई ने बताया कि पहले इन गांवों में पूर्ण शराबबंदी थी, लेकिन खिरका डोंगरी से विस्थापित कुछ लोग पहाड़ी इलाकों में बस गए, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में शराब की बिक्री फिर शुरू हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर महिलाएं खुद शराब बनाकर बेचने को मजबूर हैं, जिससे उनके बच्चे भी इस अवैध काम में लग जाते हैं और शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
सूचना मिलते ही आबकारी विभाग और सिहोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने मामले की जांच और अवैध शराब पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि महिलाओं का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती हैं।
नए साल के पहले दिन जबलपुर की यह घटना एक पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में सामने आई है, जहां महिलाओं ने अपने गांव और आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए खुलकर आवाज उठाई।
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