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Small Saving Schemes: Q4FY26 में ब्याज दरें स्थिर, PPF और सुकन्या निवेशकों को राहत
बिजनेस न्यूज
जनवरी–मार्च 2026 तिमाही के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को बरकरार रखा, आठवीं तिमाही में भी कोई बदलाव नहीं
नए साल की शुरुआत में छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों को सरकार ने स्थिरता का संदेश दिया है। वित्त मंत्रालय ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही (Q4FY26) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट जैसी योजनाओं पर मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, PPF पर निवेशकों को पहले की तरह 7.1 प्रतिशत और सुकन्या समृद्धि योजना के खातों पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा। अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी पूर्ववत रहेंगी, जो फिलहाल 4 प्रतिशत से 8.2 प्रतिशत के दायरे में हैं।
यह लगातार आठवीं तिमाही है जब स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इससे पहले दिसंबर 2023 में सरकार ने इन योजनाओं के इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव किया था। उसके बाद से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू महंगाई के उतार-चढ़ाव के बावजूद दरों को स्थिर रखा गया है।
आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करते समय कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है। इनमें महंगाई दर, बाजार में नकदी की स्थिति और सरकारी उधारी की जरूरतें प्रमुख हैं। इन्हीं पहलुओं को देखते हुए हर तिमाही इन दरों की समीक्षा की जाती है।
स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों का निर्धारण श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है। समिति ने सुझाव दिया था कि इन योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न समान अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड से कुछ अधिक होना चाहिए, ताकि निवेशकों को सुरक्षित और आकर्षक विकल्प मिल सके।
भारत में छोटी बचत योजनाएं घरेलू बचत का एक अहम जरिया मानी जाती हैं। इनमें कुल 12 वित्तीय साधन शामिल हैं, जिनके माध्यम से आम लोग जोखिम से दूर रहकर निवेश कर सकते हैं। इन योजनाओं के जरिए जुटाई गई राशि नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा होती है, जिसका उपयोग सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन और घाटे की भरपाई में करती है।
संरचना के आधार पर स्मॉल सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में पोस्टल डिपॉजिट आते हैं, जिनमें सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में सेविंग सर्टिफिकेट जैसे नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और किसान विकास पत्र आते हैं। तीसरी श्रेणी में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जिनमें PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना प्रमुख हैं।
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