बांग्लादेश टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम घोषित, कमिंस समेत 3 दिग्गज लौटे

स्पोर्ट्स डेस्क

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चोट से उबरकर पैट कमिंस, जोश हैजलवुड और नाथन लियोन की 13 सदस्यीय स्क्वॉड में वापसी; 13 अगस्त से डार्विन में शुरू होगा पहला टेस्ट

बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 13 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में तीन अनुभवी गेंदबाजों की वापसी सबसे बड़ी खबर है। कप्तान पैट कमिंस, तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड और ऑफ स्पिनर नाथन लियोन चोट से उबरने के बाद फिर टेस्ट टीम में शामिल किए गए हैं। तीनों की वापसी से ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी आक्रमण एक बार फिर लगभग पूरी ताकत के साथ नजर आएगा। पहला मुकाबला 13 अगस्त से डार्विन में खेला जाना है।
 
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच यह सीरीज दो टेस्ट मैचों की होगी। पहला टेस्ट 13 से 17 अगस्त तक डार्विन में खेला जाएगा, जबकि दूसरे मुकाबले के लिए दोनों टीमें मैके पहुंचेंगी। सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 से 26 अगस्त के बीच खेला जाएगा। घरेलू परिस्थितियों में उतर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगी।
 
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टीम की घोषणा करते हुए अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा है। स्क्वॉड में पैट कमिंस को कप्तान बनाया गया है। उनके अलावा स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं जेक वेदराल्ड, ब्यू वेबस्टर और जोश इंग्लिस को भी टीम में जगह दी गई है।
 
पैट कमिंस की वापसी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए सबसे अहम मानी जा रही है। पीठ की चोट के कारण उन्हें पिछले कुछ समय में अपने मैचों और कार्यभार को संभालना पड़ा था। एशेज के दौरान भी वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए और केवल एक टेस्ट में मैदान पर उतरे थे। अब बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के लिए उनका चयन संकेत देता है कि मेडिकल और चयन टीम उन्हें दोबारा टेस्ट क्रिकेट में उतारने के लिए तैयार मान रही है।
 
कमिंस केवल टीम के कप्तान ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण के प्रमुख खिलाड़ी भी हैं। नई गेंद और पुरानी गेंद दोनों से विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम को संतुलन देती है। लंबे स्पेल में लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करना उनकी बड़ी ताकत रही है। चोट के बाद वापसी करते हुए उनके कार्यभार पर टीम मैनेजमेंट की खास नजर रहने की संभावना है।
 
जोश हैजलवुड की वापसी से ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक और मजबूत हो गया है। हैजलवुड एड़ी और हैमस्ट्रिंग से जुड़ी चोटों के कारण हालिया मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे। वह पूरी एशेज सीरीज से भी बाहर रहे थे। अब उन्हें 13 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। उनकी वापसी से कमिंस और मिचेल स्टार्क के साथ ऑस्ट्रेलिया को फिर अनुभवी तेज गेंदबाजी तिकड़ी का विकल्प मिल गया है।
 
हैजलवुड टेस्ट क्रिकेट में अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। लगातार एक ही लाइन और लेंथ पर गेंद डालकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की उनकी क्षमता उन्हें ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का अहम हिस्सा बनाती है। डार्विन और मैके की परिस्थितियों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट तेज गेंदबाजों के अलग-अलग कॉम्बिनेशन पर विचार कर सकता है।
 
स्पिन विभाग में नाथन लियोन की वापसी भी ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी राहत है। अनुभवी ऑफ स्पिनर को एडिलेड टेस्ट के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। चोट गंभीर होने के कारण उन्हें सर्जरी से गुजरना पड़ा और कुछ समय क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। अब फिट होने के बाद उन्हें सीधे टेस्ट टीम में जगह दी गई है।
 
लियोन लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के मुख्य स्पिनर रहे हैं। घरेलू मैदानों पर जहां तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलने की चर्चा रहती है, वहां भी लियोन ने लगातार विकेट लेकर अपनी अहमियत साबित की है। बांग्लादेशी बल्लेबाज स्पिन खेलने में मजबूत माने जाते हैं, इसलिए इस सीरीज में लियोन और मेहमान टीम के बल्लेबाजों के बीच मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
 
तीन सीनियर गेंदबाजों की वापसी के बाद चयनकर्ताओं ने टीम में कुछ बदलाव भी किए हैं। तेज गेंदबाज माइकल नेसर और ब्रेंडन डॉगेट को 13 सदस्यीय स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है। दोनों को सीनियर गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में टीम से जोड़ा गया था। कमिंस और हैजलवुड के फिट होकर लौटने के बाद तेज गेंदबाजी विभाग में जगह सीमित हो गई है।
 
चयनकर्ताओं ने हालांकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खिलाड़ियों को बाद में स्क्वॉड से जोड़ने का विकल्प खुला रखा है। दो टेस्ट की सीरीज के दौरान किसी खिलाड़ी की फिटनेस या परिस्थितियों के अनुसार टीम में बदलाव किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पास घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का अच्छा बैकअप मौजूद है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रिप्लेसमेंट उपलब्ध कराया जा सकता है।
 
तेज गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया के पास इस सीरीज के लिए कई मजबूत विकल्प हैं। कमिंस और हैजलवुड के साथ बाएं हाथ के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क भी टीम में मौजूद हैं। स्कॉट बोलैंड को भी 13 सदस्यीय स्क्वॉड में रखा गया है। यानी प्लेइंग इलेवन चुनते समय टीम मैनेजमेंट के पास चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों में से कॉम्बिनेशन बनाने का विकल्प रहेगा।
 
स्टार्क नई गेंद से अपनी गति और स्विंग के साथ बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ उनकी यॉर्कर और शॉर्ट गेंदें भी प्रभावी रहती हैं। बोलैंड ने भी घरेलू परिस्थितियों में मिले मौकों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में किस टेस्ट में कौन से तीन तेज गेंदबाज उतरेंगे, यह पिच और खिलाड़ियों की फिटनेस पर निर्भर कर सकता है।
 
ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर को लेकर भी चयनकर्ताओं ने फिलहाल बड़े बदलाव से दूरी बनाई है। अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद टीम में नई ओपनिंग जोड़ी को लेकर चर्चा थी। चयनकर्ताओं ने ट्रैविस हेड को शीर्ष क्रम में बनाए रखने का फैसला किया है। उनके साथ जेक वेदराल्ड को एक और मौका दिया गया है।
 
हेड पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे आक्रामक टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। वह शुरुआत से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और तेजी से रन बनाकर मैच की दिशा बदल सकते हैं। ओपनिंग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका में बदलाव आया है। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में टीम उनसे तेज शुरुआत की उम्मीद करेगी।
 
जेक वेदराल्ड के लिए यह सीरीज खुद को टेस्ट स्तर पर स्थापित करने का एक और मौका होगी। चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और स्क्वॉड में शामिल किया है। ख्वाजा के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया को लंबे समय के लिए स्थायी ओपनिंग विकल्प तलाशना है। ऐसे में वेदराल्ड के प्रदर्शन पर टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की नजर रहेगी।
 
मार्नस लाबुशेन को भी खराब फॉर्म की चर्चा के बावजूद टीम में बनाए रखा गया है। पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन उनके स्थापित स्तर के मुताबिक नहीं रहा है, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया है। लाबुशेन लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट बल्लेबाजी के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज उनके लिए लय हासिल करने का महत्वपूर्ण मौका हो सकती है।
 
स्टीव स्मिथ टीम के बल्लेबाजी क्रम में एक बार फिर सबसे अनुभवी चेहरों में शामिल होंगे। लंबे टेस्ट करियर और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का उनका अनुभव ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम के लिए अहम है। युवा और अपेक्षाकृत कम अनुभवी बल्लेबाजों के बीच स्मिथ की मौजूदगी टीम को स्थिरता देती है।
 
विकेटकीपिंग विभाग में एलेक्स कैरी को टीम में जगह मिली है। कैरी पिछले कुछ वर्षों से टेस्ट टीम के नियमित विकेटकीपर रहे हैं और निचले मध्यक्रम में उपयोगी रन भी बनाते रहे हैं। उनके अलावा जोश इंग्लिस भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। इंग्लिस विकेटकीपिंग के साथ मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी का विकल्प देते हैं।
 
जोश इंग्लिस को बल्लेबाज के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की संभावना भी बनी हुई है। उनकी तेज बल्लेबाजी टीम को मध्यक्रम में अलग विकल्प देती है। अगर टीम अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ उतरना चाहती है तो इंग्लिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि अंतिम संयोजन डार्विन की पिच और परिस्थितियों को देखने के बाद तय होगा।
 
ऑलराउंडर विभाग में कैमरून ग्रीन और ब्यू वेबस्टर दोनों को जगह दी गई है। ग्रीन बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प देते हैं। उनकी मौजूदगी ऑस्ट्रेलिया को टीम संयोजन में लचीलापन देती है। फिट रहने की स्थिति में वह टॉप या मध्यक्रम में बल्लेबाजी के साथ जरूरत के समय गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
 
ब्यू वेबस्टर भी प्लेइंग इलेवन की दौड़ में बने हुए हैं। ऑलराउंड क्षमता के कारण वह टीम को अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प दे सकते हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया तीन मुख्य तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ उतरता है तो ग्रीन या वेबस्टर जैसे ऑलराउंडर पांचवें गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। दोनों को एक साथ खिलाने का विकल्प भी परिस्थितियों के अनुसार देखा जा सकता है।
 
बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज ऑस्ट्रेलिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से काफी अहम होगी। टीम फिलहाल WTC अंक तालिका में मजबूत स्थिति में है। आठ मैचों में सात जीत के साथ उसका अंक प्रतिशत 87.50 बताया गया है और टीम शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। घरेलू मैदान पर दो और जीत ऑस्ट्रेलिया की स्थिति को और मजबूत कर सकती हैं।
 
WTC में हर टेस्ट का परिणाम महत्वपूर्ण होता है। जीत पर पूरे अंक मिलते हैं, जबकि ड्रॉ और हार से अंक प्रतिशत प्रभावित होता है। ऑस्ट्रेलिया घरेलू परिस्थितियों में मजबूत रिकॉर्ड रखता है, इसलिए बांग्लादेश के खिलाफ उसे पसंदीदा माना जाएगा। हालांकि बांग्लादेश की टीम पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में कुछ बड़े उलटफेर कर चुकी है और उसे हल्के में लेना ऑस्ट्रेलिया के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
 
डार्विन में होने वाला पहला टेस्ट भी खास रहेगा। ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक टेस्ट सेंटर मेलबर्न, सिडनी, ब्रिस्बेन, एडिलेड और पर्थ की तुलना में डार्विन में टेस्ट क्रिकेट कम खेला जाता है। वहां की गर्म और अलग तरह की परिस्थितियां दोनों टीमों के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं। पिच का व्यवहार भी प्लेइंग इलेवन तय करने में महत्वपूर्ण होगा।
 
पहला टेस्ट 13 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें दूसरे मुकाबले के लिए मैके जाएंगी। दूसरा टेस्ट 22 अगस्त से शुरू होगा और 26 अगस्त तक चलेगा। दोनों मैचों के बीच खिलाड़ियों को रिकवरी और यात्रा के लिए कुछ दिन का समय मिलेगा।
 
कमिंस, हैजलवुड और लियोन की वापसी के बाद ऑस्ट्रेलिया के सामने गेंदबाजी कॉम्बिनेशन चुनने की चुनौती भी होगी। कमिंस कप्तान होने के कारण फिट रहने पर प्लेइंग इलेवन में लगभग तय माने जाएंगे। स्टार्क और हैजलवुड का अनुभव भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। वहीं बोलैंड ने मौका मिलने पर लगातार प्रभाव छोड़ा है।
 
नाथन लियोन की मौजूदगी से टीम के पास विशेषज्ञ स्पिन विकल्प भी उपलब्ध है। अगर पिच तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मददगार रहती है तो ऑस्ट्रेलिया तीन या चार पेसर के साथ उतर सकता है। अगर सतह पर स्पिन की भूमिका बढ़ती है तो लियोन की जिम्मेदारी ज्यादा होगी। ऑलराउंडर के रूप में ग्रीन और वेबस्टर इस संतुलन को बदल सकते हैं।
 
सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के मेडिकल स्टाफ की नजर लौट रहे खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी रहेगी। खासकर कमिंस और हैजलवुड जैसे तेज गेंदबाजों के वर्कलोड को सावधानी से संभालना होगा। दोनों हाल में चोट से बाहर रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में लगातार कई ओवर गेंदबाजी करने की जरूरत पड़ती है, इसलिए उनकी मैच फिटनेस महत्वपूर्ण होगी।
 
लियोन भी सर्जरी के बाद वापसी कर रहे हैं। हालांकि स्पिनर होने के कारण तेज गेंदबाजों की तुलना में उनका गेंदबाजी भार अलग होता है, लेकिन हैमस्ट्रिंग की चोट के बाद फील्डिंग और लंबे स्पेल के दौरान फिटनेस की परीक्षा होगी। टीम मैनेजमेंट सीरीज से पहले उनके अभ्यास और रिकवरी पर नजर रखेगा।
 
ऑस्ट्रेलिया की 13 सदस्यीय टेस्ट टीम: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कैमरून ग्रीन, जोश हैजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जेक वेदराल्ड और ब्यू वेबस्टर।

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21 Jul 2026 By Priyanka

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम घोषित, कमिंस समेत 3 दिग्गज लौटे

स्पोर्ट्स डेस्क

बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 13 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में तीन अनुभवी गेंदबाजों की वापसी सबसे बड़ी खबर है। कप्तान पैट कमिंस, तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड और ऑफ स्पिनर नाथन लियोन चोट से उबरने के बाद फिर टेस्ट टीम में शामिल किए गए हैं। तीनों की वापसी से ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी आक्रमण एक बार फिर लगभग पूरी ताकत के साथ नजर आएगा। पहला मुकाबला 13 अगस्त से डार्विन में खेला जाना है।
 
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच यह सीरीज दो टेस्ट मैचों की होगी। पहला टेस्ट 13 से 17 अगस्त तक डार्विन में खेला जाएगा, जबकि दूसरे मुकाबले के लिए दोनों टीमें मैके पहुंचेंगी। सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 से 26 अगस्त के बीच खेला जाएगा। घरेलू परिस्थितियों में उतर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगी।
 
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टीम की घोषणा करते हुए अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा है। स्क्वॉड में पैट कमिंस को कप्तान बनाया गया है। उनके अलावा स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं जेक वेदराल्ड, ब्यू वेबस्टर और जोश इंग्लिस को भी टीम में जगह दी गई है।
 
पैट कमिंस की वापसी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए सबसे अहम मानी जा रही है। पीठ की चोट के कारण उन्हें पिछले कुछ समय में अपने मैचों और कार्यभार को संभालना पड़ा था। एशेज के दौरान भी वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए और केवल एक टेस्ट में मैदान पर उतरे थे। अब बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के लिए उनका चयन संकेत देता है कि मेडिकल और चयन टीम उन्हें दोबारा टेस्ट क्रिकेट में उतारने के लिए तैयार मान रही है।
 
कमिंस केवल टीम के कप्तान ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण के प्रमुख खिलाड़ी भी हैं। नई गेंद और पुरानी गेंद दोनों से विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम को संतुलन देती है। लंबे स्पेल में लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करना उनकी बड़ी ताकत रही है। चोट के बाद वापसी करते हुए उनके कार्यभार पर टीम मैनेजमेंट की खास नजर रहने की संभावना है।
 
जोश हैजलवुड की वापसी से ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक और मजबूत हो गया है। हैजलवुड एड़ी और हैमस्ट्रिंग से जुड़ी चोटों के कारण हालिया मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे। वह पूरी एशेज सीरीज से भी बाहर रहे थे। अब उन्हें 13 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। उनकी वापसी से कमिंस और मिचेल स्टार्क के साथ ऑस्ट्रेलिया को फिर अनुभवी तेज गेंदबाजी तिकड़ी का विकल्प मिल गया है।
 
हैजलवुड टेस्ट क्रिकेट में अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। लगातार एक ही लाइन और लेंथ पर गेंद डालकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की उनकी क्षमता उन्हें ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का अहम हिस्सा बनाती है। डार्विन और मैके की परिस्थितियों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट तेज गेंदबाजों के अलग-अलग कॉम्बिनेशन पर विचार कर सकता है।
 
स्पिन विभाग में नाथन लियोन की वापसी भी ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी राहत है। अनुभवी ऑफ स्पिनर को एडिलेड टेस्ट के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। चोट गंभीर होने के कारण उन्हें सर्जरी से गुजरना पड़ा और कुछ समय क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। अब फिट होने के बाद उन्हें सीधे टेस्ट टीम में जगह दी गई है।
 
लियोन लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के मुख्य स्पिनर रहे हैं। घरेलू मैदानों पर जहां तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलने की चर्चा रहती है, वहां भी लियोन ने लगातार विकेट लेकर अपनी अहमियत साबित की है। बांग्लादेशी बल्लेबाज स्पिन खेलने में मजबूत माने जाते हैं, इसलिए इस सीरीज में लियोन और मेहमान टीम के बल्लेबाजों के बीच मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
 
तीन सीनियर गेंदबाजों की वापसी के बाद चयनकर्ताओं ने टीम में कुछ बदलाव भी किए हैं। तेज गेंदबाज माइकल नेसर और ब्रेंडन डॉगेट को 13 सदस्यीय स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है। दोनों को सीनियर गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में टीम से जोड़ा गया था। कमिंस और हैजलवुड के फिट होकर लौटने के बाद तेज गेंदबाजी विभाग में जगह सीमित हो गई है।
 
चयनकर्ताओं ने हालांकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खिलाड़ियों को बाद में स्क्वॉड से जोड़ने का विकल्प खुला रखा है। दो टेस्ट की सीरीज के दौरान किसी खिलाड़ी की फिटनेस या परिस्थितियों के अनुसार टीम में बदलाव किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पास घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का अच्छा बैकअप मौजूद है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रिप्लेसमेंट उपलब्ध कराया जा सकता है।
 
तेज गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया के पास इस सीरीज के लिए कई मजबूत विकल्प हैं। कमिंस और हैजलवुड के साथ बाएं हाथ के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क भी टीम में मौजूद हैं। स्कॉट बोलैंड को भी 13 सदस्यीय स्क्वॉड में रखा गया है। यानी प्लेइंग इलेवन चुनते समय टीम मैनेजमेंट के पास चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों में से कॉम्बिनेशन बनाने का विकल्प रहेगा।
 
स्टार्क नई गेंद से अपनी गति और स्विंग के साथ बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ उनकी यॉर्कर और शॉर्ट गेंदें भी प्रभावी रहती हैं। बोलैंड ने भी घरेलू परिस्थितियों में मिले मौकों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में किस टेस्ट में कौन से तीन तेज गेंदबाज उतरेंगे, यह पिच और खिलाड़ियों की फिटनेस पर निर्भर कर सकता है।
 
ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर को लेकर भी चयनकर्ताओं ने फिलहाल बड़े बदलाव से दूरी बनाई है। अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद टीम में नई ओपनिंग जोड़ी को लेकर चर्चा थी। चयनकर्ताओं ने ट्रैविस हेड को शीर्ष क्रम में बनाए रखने का फैसला किया है। उनके साथ जेक वेदराल्ड को एक और मौका दिया गया है।
 
हेड पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे आक्रामक टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। वह शुरुआत से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और तेजी से रन बनाकर मैच की दिशा बदल सकते हैं। ओपनिंग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका में बदलाव आया है। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में टीम उनसे तेज शुरुआत की उम्मीद करेगी।
 
जेक वेदराल्ड के लिए यह सीरीज खुद को टेस्ट स्तर पर स्थापित करने का एक और मौका होगी। चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और स्क्वॉड में शामिल किया है। ख्वाजा के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया को लंबे समय के लिए स्थायी ओपनिंग विकल्प तलाशना है। ऐसे में वेदराल्ड के प्रदर्शन पर टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की नजर रहेगी।
 
मार्नस लाबुशेन को भी खराब फॉर्म की चर्चा के बावजूद टीम में बनाए रखा गया है। पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन उनके स्थापित स्तर के मुताबिक नहीं रहा है, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया है। लाबुशेन लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट बल्लेबाजी के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज उनके लिए लय हासिल करने का महत्वपूर्ण मौका हो सकती है।
 
स्टीव स्मिथ टीम के बल्लेबाजी क्रम में एक बार फिर सबसे अनुभवी चेहरों में शामिल होंगे। लंबे टेस्ट करियर और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का उनका अनुभव ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम के लिए अहम है। युवा और अपेक्षाकृत कम अनुभवी बल्लेबाजों के बीच स्मिथ की मौजूदगी टीम को स्थिरता देती है।
 
विकेटकीपिंग विभाग में एलेक्स कैरी को टीम में जगह मिली है। कैरी पिछले कुछ वर्षों से टेस्ट टीम के नियमित विकेटकीपर रहे हैं और निचले मध्यक्रम में उपयोगी रन भी बनाते रहे हैं। उनके अलावा जोश इंग्लिस भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। इंग्लिस विकेटकीपिंग के साथ मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी का विकल्प देते हैं।
 
जोश इंग्लिस को बल्लेबाज के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की संभावना भी बनी हुई है। उनकी तेज बल्लेबाजी टीम को मध्यक्रम में अलग विकल्प देती है। अगर टीम अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ उतरना चाहती है तो इंग्लिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि अंतिम संयोजन डार्विन की पिच और परिस्थितियों को देखने के बाद तय होगा।
 
ऑलराउंडर विभाग में कैमरून ग्रीन और ब्यू वेबस्टर दोनों को जगह दी गई है। ग्रीन बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प देते हैं। उनकी मौजूदगी ऑस्ट्रेलिया को टीम संयोजन में लचीलापन देती है। फिट रहने की स्थिति में वह टॉप या मध्यक्रम में बल्लेबाजी के साथ जरूरत के समय गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
 
ब्यू वेबस्टर भी प्लेइंग इलेवन की दौड़ में बने हुए हैं। ऑलराउंड क्षमता के कारण वह टीम को अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प दे सकते हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया तीन मुख्य तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ उतरता है तो ग्रीन या वेबस्टर जैसे ऑलराउंडर पांचवें गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। दोनों को एक साथ खिलाने का विकल्प भी परिस्थितियों के अनुसार देखा जा सकता है।
 
बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज ऑस्ट्रेलिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से काफी अहम होगी। टीम फिलहाल WTC अंक तालिका में मजबूत स्थिति में है। आठ मैचों में सात जीत के साथ उसका अंक प्रतिशत 87.50 बताया गया है और टीम शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। घरेलू मैदान पर दो और जीत ऑस्ट्रेलिया की स्थिति को और मजबूत कर सकती हैं।
 
WTC में हर टेस्ट का परिणाम महत्वपूर्ण होता है। जीत पर पूरे अंक मिलते हैं, जबकि ड्रॉ और हार से अंक प्रतिशत प्रभावित होता है। ऑस्ट्रेलिया घरेलू परिस्थितियों में मजबूत रिकॉर्ड रखता है, इसलिए बांग्लादेश के खिलाफ उसे पसंदीदा माना जाएगा। हालांकि बांग्लादेश की टीम पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में कुछ बड़े उलटफेर कर चुकी है और उसे हल्के में लेना ऑस्ट्रेलिया के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
 
डार्विन में होने वाला पहला टेस्ट भी खास रहेगा। ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक टेस्ट सेंटर मेलबर्न, सिडनी, ब्रिस्बेन, एडिलेड और पर्थ की तुलना में डार्विन में टेस्ट क्रिकेट कम खेला जाता है। वहां की गर्म और अलग तरह की परिस्थितियां दोनों टीमों के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं। पिच का व्यवहार भी प्लेइंग इलेवन तय करने में महत्वपूर्ण होगा।
 
पहला टेस्ट 13 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें दूसरे मुकाबले के लिए मैके जाएंगी। दूसरा टेस्ट 22 अगस्त से शुरू होगा और 26 अगस्त तक चलेगा। दोनों मैचों के बीच खिलाड़ियों को रिकवरी और यात्रा के लिए कुछ दिन का समय मिलेगा।
 
कमिंस, हैजलवुड और लियोन की वापसी के बाद ऑस्ट्रेलिया के सामने गेंदबाजी कॉम्बिनेशन चुनने की चुनौती भी होगी। कमिंस कप्तान होने के कारण फिट रहने पर प्लेइंग इलेवन में लगभग तय माने जाएंगे। स्टार्क और हैजलवुड का अनुभव भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। वहीं बोलैंड ने मौका मिलने पर लगातार प्रभाव छोड़ा है।
 
नाथन लियोन की मौजूदगी से टीम के पास विशेषज्ञ स्पिन विकल्प भी उपलब्ध है। अगर पिच तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मददगार रहती है तो ऑस्ट्रेलिया तीन या चार पेसर के साथ उतर सकता है। अगर सतह पर स्पिन की भूमिका बढ़ती है तो लियोन की जिम्मेदारी ज्यादा होगी। ऑलराउंडर के रूप में ग्रीन और वेबस्टर इस संतुलन को बदल सकते हैं।
 
सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के मेडिकल स्टाफ की नजर लौट रहे खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी रहेगी। खासकर कमिंस और हैजलवुड जैसे तेज गेंदबाजों के वर्कलोड को सावधानी से संभालना होगा। दोनों हाल में चोट से बाहर रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में लगातार कई ओवर गेंदबाजी करने की जरूरत पड़ती है, इसलिए उनकी मैच फिटनेस महत्वपूर्ण होगी।
 
लियोन भी सर्जरी के बाद वापसी कर रहे हैं। हालांकि स्पिनर होने के कारण तेज गेंदबाजों की तुलना में उनका गेंदबाजी भार अलग होता है, लेकिन हैमस्ट्रिंग की चोट के बाद फील्डिंग और लंबे स्पेल के दौरान फिटनेस की परीक्षा होगी। टीम मैनेजमेंट सीरीज से पहले उनके अभ्यास और रिकवरी पर नजर रखेगा।
 
ऑस्ट्रेलिया की 13 सदस्यीय टेस्ट टीम: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कैमरून ग्रीन, जोश हैजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जेक वेदराल्ड और ब्यू वेबस्टर।
https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/australian-team-announced-for-bangladesh-test-series-3-veterans-including/article-59383

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