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भिलाई में हाईवा की टक्कर से BSP कर्मचारी की मौत, दो साथी घायल
भिलाई (छ.ग.)
नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पर जाने से पहले साथियों के साथ लौट रहे थे श्याम राव, सेक्टर-5 के जेपी चौक के पास हुआ हादसा; वाहन छोड़कर चालक फरार
शहर के सेक्टर-5 इलाके में सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एक कर्मचारी की जान चली गई। जेपी चौक के पास एक हाईवा ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर तीन लोग सवार थे। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन वहीं छोड़कर फरार हो गया।
मृतक की पहचान खुर्सीपार निवासी श्याम राव के रूप में हुई है। वे भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत थे और सोमवार रात उन्हें नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर जाना था। इससे पहले वे अपने दो साथियों के साथ मरोदा स्थित ससुराल गए हुए थे। वहां से तीनों एक ही बाइक पर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सेक्टर-5 के पास उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई।
बताया जा रहा है कि श्याम राव को ससुराल से लौटने के बाद अपनी ड्यूटी पर पहुंचना था। रात का समय होने के कारण वे अपने साथियों के साथ बाइक से वापस निकल गए थे। रास्ते में सेक्टर-5 स्थित जेपी चौक के आसपास पहुंचते ही हाईवा और बाइक के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक पर सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। श्याम राव को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उनके साथ बाइक पर मौजूद दोनों युवक भी टक्कर के बाद सड़क पर गिरकर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों को हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर हलचल मच गई। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। दोनों घायलों को दुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त बाइक और हाईवा मिला। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। चालक हादसे के तुरंत बाद वहां से निकल गया था। पुलिस उसकी पहचान और तलाश में जुटी है। वाहन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बनाई जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रारंभिक जानकारी में हाईवा की तेज रफ्तार की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना की सही वजह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। वाहन की गति, बाइक की दिशा और टक्कर किस हिस्से में हुई, इन सभी बिंदुओं को देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
जेपी चौक और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों में हादसे से पहले और बाद की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई होंगी। इससे हाईवा की गति और दुर्घटना के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। चालक वाहन छोड़ने के बाद किस दिशा में गया, इसकी जानकारी भी फुटेज के जरिए जुटाने की कोशिश की जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्याम राव के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। अचानक हुई इस घटना की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है। श्याम राव रोज की तरह अपनी नाइट शिफ्ट की तैयारी में थे, लेकिन ड्यूटी पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में हादसा हो गया।
घायल हुए दोनों युवकों का इलाज दुर्ग जिला अस्पताल में जारी है। हादसे में उन्हें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आई हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस भी दोनों घायलों से घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश करेगी। उनके बयान से हादसे के ठीक पहले की परिस्थितियों और हाईवा की आवाजाही के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
घटना सोमवार देर रात की होने के कारण सड़क पर दिन की तुलना में ट्रैफिक कम था। इसी बीच जेपी चौक के पास हुई तेज टक्कर के बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे। सड़क पर बाइक सवार तीनों लोग गिरे हुए थे। हाईवा भी घटनास्थल के पास मौजूद था, लेकिन उसका चालक वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई।
हाईवा चालक का वाहन छोड़कर भाग जाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन और मालिक से संबंधित जानकारी निकाल रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था। चालक की पहचान होने के बाद पुलिस उसके खिलाफ दुर्घटना से संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण शहर की कई सड़कों पर दिन और रात ट्रक, हाईवा और दूसरे बड़े वाहन चलते हैं। इन्हीं रास्तों से दोपहिया और छोटे वाहन चालक भी आवाजाही करते हैं। रात के समय तेज रफ्तार भारी वाहन सड़क हादसों का जोखिम बढ़ा देते हैं। जेपी चौक की घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा का सवाल खड़ा किया है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में तीन शिफ्ट में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। नाइट शिफ्ट के कर्मचारी देर शाम और रात के समय शहर के अलग-अलग इलाकों से संयंत्र की ओर आते-जाते हैं। खुर्सीपार, सेक्टर क्षेत्र, मरोदा और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में BSP कर्मचारी रोजाना दोपहिया वाहनों से ड्यूटी पर पहुंचते हैं। ऐसे में रात के समय मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों के साथ उनका आवागमन बना रहता है।
श्याम राव भी सोमवार को नाइट शिफ्ट में जाने वाले थे। जानकारी के मुताबिक वे उससे पहले अपने दो साथियों के साथ मरोदा स्थित ससुराल गए थे। वहां से लौटते समय तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। वापस आने के बाद श्याम को ड्यूटी के लिए निकलना था। इसी बीच जेपी चौक के पास हाईवा से हुई टक्कर ने पूरा घटनाक्रम बदल दिया।
हादसे की जांच में पुलिस बाइक पर तीन लोगों के सवार होने समेत सभी परिस्थितियों को भी देख रही है। मोटरसाइकिल पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों का बैठना सड़क सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा होता है। हालांकि इस हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, इसे जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। पुलिस वाहन, सड़क और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करेगी।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को जब्त कर लिया है। वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच भी जरूरत पड़ने पर कराई जा सकती है। ब्रेक, वाहन की स्थिति और दूसरे तकनीकी पहलुओं से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि हादसे में किसी तकनीकी खराबी की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल प्राथमिकता फरार चालक को तलाशने और घटना से जुड़े सबूत जुटाने की है।
घटनास्थल के आसपास के कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फुटेज में अगर टक्कर रिकॉर्ड हुई है तो इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाईवा किस दिशा से आ रहा था और बाइक किस रास्ते पर चल रही थी। टक्कर से पहले वाहन की रफ्तार का अंदाजा भी लगाया जा सकता है। पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों की जानकारी जुटा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी में हाईवा के तेज गति में होने की बात कही गई है। पुलिस इन बयानों का सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल पर मिले सबूतों से मिलान करेगी। दुर्घटना के बाद सड़क पर बने निशान, वाहनों को हुए नुकसान और टक्कर की जगह से भी हादसे के तरीके का अंदाजा लगाया जा सकता है। जांच के आधार पर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्याम राव के BSP कर्मचारी होने के कारण घटना की जानकारी उनके कार्यस्थल तक भी पहुंची। वे नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर जाने वाले थे, लेकिन समय पर नहीं पहुंच सके। बाद में हादसे की सूचना सामने आई। परिवार और परिचितों के लिए यह घटना अचानक हुई। कुछ समय पहले तक वे अपने साथियों के साथ मरोदा से घर की ओर लौट रहे थे।
दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती दोनों घायलों के उपचार के साथ पुलिस उनके बयान का इंतजार कर रही है। हादसे के समय बाइक पर मौजूद होने के कारण वे घटना के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष गवाह हैं। उनकी स्थिति बयान देने लायक होने पर पुलिस उनसे हाईवा की दिशा, रफ्तार और टक्कर से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ले सकती है। इससे फरार चालक के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भिलाई में देर रात भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले भी सड़क सुरक्षा का मुद्दा उठता रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के कारण माल ढुलाई करने वाले बड़े वाहन शहर और आसपास के कई मार्गों से गुजरते हैं। इसी समय शिफ्ट बदलने पर उद्योगों के कर्मचारी भी सड़कों पर होते हैं। दोपहिया वाहन और भारी वाहन एक ही मार्ग पर चलने के कारण छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है।
पुलिस अब हाईवा चालक की तलाश के साथ वाहन मालिक से भी पूछताछ कर सकती है। रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि हादसे के समय वाहन किस काम के लिए निकला था और उसे कौन चला रहा था। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में आएंगे। आरोपी चालक की गिरफ्तारी के बाद दुर्घटना को लेकर उसका बयान लिया जाएगा।
श्याम राव के शव का पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के दौरान लगी चोटों के बारे में चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। इसके साथ पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों और घायल युवकों के बयान को केस डायरी में शामिल करेगी। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और हाईवा की स्थिति भी जांच में दर्ज की गई है।
घटना के बाद जेपी चौक और आसपास की सड़क पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई की। हादसे के कारणों की जांच के साथ फरार चालक को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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भिलाई में हाईवा की टक्कर से BSP कर्मचारी की मौत, दो साथी घायल
भिलाई (छ.ग.)
शहर के सेक्टर-5 इलाके में सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एक कर्मचारी की जान चली गई। जेपी चौक के पास एक हाईवा ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर तीन लोग सवार थे। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन वहीं छोड़कर फरार हो गया।
मृतक की पहचान खुर्सीपार निवासी श्याम राव के रूप में हुई है। वे भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत थे और सोमवार रात उन्हें नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर जाना था। इससे पहले वे अपने दो साथियों के साथ मरोदा स्थित ससुराल गए हुए थे। वहां से तीनों एक ही बाइक पर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सेक्टर-5 के पास उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई।
बताया जा रहा है कि श्याम राव को ससुराल से लौटने के बाद अपनी ड्यूटी पर पहुंचना था। रात का समय होने के कारण वे अपने साथियों के साथ बाइक से वापस निकल गए थे। रास्ते में सेक्टर-5 स्थित जेपी चौक के आसपास पहुंचते ही हाईवा और बाइक के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक पर सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। श्याम राव को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उनके साथ बाइक पर मौजूद दोनों युवक भी टक्कर के बाद सड़क पर गिरकर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों को हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर हलचल मच गई। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। दोनों घायलों को दुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त बाइक और हाईवा मिला। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। चालक हादसे के तुरंत बाद वहां से निकल गया था। पुलिस उसकी पहचान और तलाश में जुटी है। वाहन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बनाई जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रारंभिक जानकारी में हाईवा की तेज रफ्तार की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना की सही वजह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। वाहन की गति, बाइक की दिशा और टक्कर किस हिस्से में हुई, इन सभी बिंदुओं को देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
जेपी चौक और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों में हादसे से पहले और बाद की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई होंगी। इससे हाईवा की गति और दुर्घटना के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। चालक वाहन छोड़ने के बाद किस दिशा में गया, इसकी जानकारी भी फुटेज के जरिए जुटाने की कोशिश की जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्याम राव के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। अचानक हुई इस घटना की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है। श्याम राव रोज की तरह अपनी नाइट शिफ्ट की तैयारी में थे, लेकिन ड्यूटी पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में हादसा हो गया।
घायल हुए दोनों युवकों का इलाज दुर्ग जिला अस्पताल में जारी है। हादसे में उन्हें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आई हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस भी दोनों घायलों से घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश करेगी। उनके बयान से हादसे के ठीक पहले की परिस्थितियों और हाईवा की आवाजाही के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
घटना सोमवार देर रात की होने के कारण सड़क पर दिन की तुलना में ट्रैफिक कम था। इसी बीच जेपी चौक के पास हुई तेज टक्कर के बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे। सड़क पर बाइक सवार तीनों लोग गिरे हुए थे। हाईवा भी घटनास्थल के पास मौजूद था, लेकिन उसका चालक वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई।
हाईवा चालक का वाहन छोड़कर भाग जाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन और मालिक से संबंधित जानकारी निकाल रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था। चालक की पहचान होने के बाद पुलिस उसके खिलाफ दुर्घटना से संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण शहर की कई सड़कों पर दिन और रात ट्रक, हाईवा और दूसरे बड़े वाहन चलते हैं। इन्हीं रास्तों से दोपहिया और छोटे वाहन चालक भी आवाजाही करते हैं। रात के समय तेज रफ्तार भारी वाहन सड़क हादसों का जोखिम बढ़ा देते हैं। जेपी चौक की घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा का सवाल खड़ा किया है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में तीन शिफ्ट में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। नाइट शिफ्ट के कर्मचारी देर शाम और रात के समय शहर के अलग-अलग इलाकों से संयंत्र की ओर आते-जाते हैं। खुर्सीपार, सेक्टर क्षेत्र, मरोदा और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में BSP कर्मचारी रोजाना दोपहिया वाहनों से ड्यूटी पर पहुंचते हैं। ऐसे में रात के समय मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों के साथ उनका आवागमन बना रहता है।
श्याम राव भी सोमवार को नाइट शिफ्ट में जाने वाले थे। जानकारी के मुताबिक वे उससे पहले अपने दो साथियों के साथ मरोदा स्थित ससुराल गए थे। वहां से लौटते समय तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। वापस आने के बाद श्याम को ड्यूटी के लिए निकलना था। इसी बीच जेपी चौक के पास हाईवा से हुई टक्कर ने पूरा घटनाक्रम बदल दिया।
हादसे की जांच में पुलिस बाइक पर तीन लोगों के सवार होने समेत सभी परिस्थितियों को भी देख रही है। मोटरसाइकिल पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों का बैठना सड़क सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा होता है। हालांकि इस हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, इसे जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। पुलिस वाहन, सड़क और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करेगी।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को जब्त कर लिया है। वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच भी जरूरत पड़ने पर कराई जा सकती है। ब्रेक, वाहन की स्थिति और दूसरे तकनीकी पहलुओं से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि हादसे में किसी तकनीकी खराबी की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल प्राथमिकता फरार चालक को तलाशने और घटना से जुड़े सबूत जुटाने की है।
घटनास्थल के आसपास के कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फुटेज में अगर टक्कर रिकॉर्ड हुई है तो इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाईवा किस दिशा से आ रहा था और बाइक किस रास्ते पर चल रही थी। टक्कर से पहले वाहन की रफ्तार का अंदाजा भी लगाया जा सकता है। पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों की जानकारी जुटा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी में हाईवा के तेज गति में होने की बात कही गई है। पुलिस इन बयानों का सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल पर मिले सबूतों से मिलान करेगी। दुर्घटना के बाद सड़क पर बने निशान, वाहनों को हुए नुकसान और टक्कर की जगह से भी हादसे के तरीके का अंदाजा लगाया जा सकता है। जांच के आधार पर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्याम राव के BSP कर्मचारी होने के कारण घटना की जानकारी उनके कार्यस्थल तक भी पहुंची। वे नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर जाने वाले थे, लेकिन समय पर नहीं पहुंच सके। बाद में हादसे की सूचना सामने आई। परिवार और परिचितों के लिए यह घटना अचानक हुई। कुछ समय पहले तक वे अपने साथियों के साथ मरोदा से घर की ओर लौट रहे थे।
दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती दोनों घायलों के उपचार के साथ पुलिस उनके बयान का इंतजार कर रही है। हादसे के समय बाइक पर मौजूद होने के कारण वे घटना के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष गवाह हैं। उनकी स्थिति बयान देने लायक होने पर पुलिस उनसे हाईवा की दिशा, रफ्तार और टक्कर से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ले सकती है। इससे फरार चालक के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भिलाई में देर रात भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले भी सड़क सुरक्षा का मुद्दा उठता रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के कारण माल ढुलाई करने वाले बड़े वाहन शहर और आसपास के कई मार्गों से गुजरते हैं। इसी समय शिफ्ट बदलने पर उद्योगों के कर्मचारी भी सड़कों पर होते हैं। दोपहिया वाहन और भारी वाहन एक ही मार्ग पर चलने के कारण छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है।
पुलिस अब हाईवा चालक की तलाश के साथ वाहन मालिक से भी पूछताछ कर सकती है। रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि हादसे के समय वाहन किस काम के लिए निकला था और उसे कौन चला रहा था। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में आएंगे। आरोपी चालक की गिरफ्तारी के बाद दुर्घटना को लेकर उसका बयान लिया जाएगा।
श्याम राव के शव का पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के दौरान लगी चोटों के बारे में चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। इसके साथ पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों और घायल युवकों के बयान को केस डायरी में शामिल करेगी। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और हाईवा की स्थिति भी जांच में दर्ज की गई है।
घटना के बाद जेपी चौक और आसपास की सड़क पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई की। हादसे के कारणों की जांच के साथ फरार चालक को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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