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रायपुर में देर रात भीषण आग, ऑक्टोपस बार सहित चार दुकानें लपटों की चपेट में
रायपुर (छ.ग.)
तेलीबांधा इलाके में हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई आग ने आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को घेरा, कई वाहन भी जलकर खाक
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात बड़ा अग्निकांड हो गया। देर रात करीब एक बजे अचानक एक हार्डवेयर दुकान से उठी आग कुछ ही देर में आसपास की दुकानों तक फैल गई। देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की ऊंची लपटों से भर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में स्थित ऑक्टोपस बार समेत कुल चार व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने जब आग की लपटें उठती देखीं तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके की बिजली एहतियात के तौर पर बंद कर दी गई और पुलिस ने आसपास का क्षेत्र खाली कराना शुरू कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग की वजह से कई वाहन भी जल गए, जबकि दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह राख हो गया। हादसे के समय अधिकांश दुकानें बंद थीं, इसलिए बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन आग की भयावहता ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
सूचना मिलते ही नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग फायर स्टेशनों से लगातार दमकल वाहनों को बुलाया गया। कुल 13 दमकल गाड़ियों ने कई घंटों तक आग बुझाने का अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के बावजूद आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका। हार्डवेयर की दुकान में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल कर्मियों को आग की लपटों तक पहुंचने और अंदर घुसकर पानी डालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार आग पर नियंत्रण मिलता दिखाई दिया, लेकिन अंदर मौजूद सामान की वजह से फिर से लपटें उठने लगीं। पूरी रात राहत और बचाव कार्य चलता रहा। सुबह होने तक दमकल कर्मियों ने काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा लिया, हालांकि धुएं के कारण काफी देर तक कूलिंग का काम जारी रखा गया ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया था। आसपास रहने वाले परिवार घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने अपनी गाड़ियां समय रहते वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन कुछ वाहन आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बढ़ते ही बार और आसपास की दुकानों के शीशे तेज गर्मी की वजह से टूटने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
तेलीबांधा थाना पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया और मुख्य सड़क पर आवाजाही रोक दी। रात के समय भी घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के प्रतिष्ठानों और मकानों को भी खाली कराया ताकि आग दूसरे भवनों तक न फैल सके। राहत कार्य के दौरान पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से काम किया। कई बार पानी की बौछारों के साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया ताकि आग को तेजी से फैलने से रोका जा सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग सबसे पहले एक हार्डवेयर की दुकान में लगी थी। वहां रखे पेंट, प्लास्टिक सामग्री और अन्य ज्वलनशील सामान की वजह से आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। इसके बाद लपटें बगल की दुकानों तक पहुंच गईं और ऑक्टोपस बार सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इसकी चपेट में आ गए। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरणों में खराबी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। सुबह तक प्रभावित दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में हुए नुकसान का आकलन करते दिखाई दिए। कई दुकानों के अंदर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्टॉक और अन्य सामान पूरी तरह जल चुका था। आग की गर्मी इतनी अधिक थी कि आसपास लगे साइन बोर्ड और लोहे के शटर तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटनास्थल पर राख और जले हुए सामान का ढेर दिखाई देता रहा। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग कर बंद रखा गया, जबकि जांच टीमों ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आग लगने से पहले की गतिविधियों की जानकारी मिल सके और पूरे घटनाक्रम की क्रमवार जांच की जा सके।
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रायपुर में देर रात भीषण आग, ऑक्टोपस बार सहित चार दुकानें लपटों की चपेट में
रायपुर (छ.ग.)
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात बड़ा अग्निकांड हो गया। देर रात करीब एक बजे अचानक एक हार्डवेयर दुकान से उठी आग कुछ ही देर में आसपास की दुकानों तक फैल गई। देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की ऊंची लपटों से भर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में स्थित ऑक्टोपस बार समेत कुल चार व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने जब आग की लपटें उठती देखीं तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके की बिजली एहतियात के तौर पर बंद कर दी गई और पुलिस ने आसपास का क्षेत्र खाली कराना शुरू कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग की वजह से कई वाहन भी जल गए, जबकि दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह राख हो गया। हादसे के समय अधिकांश दुकानें बंद थीं, इसलिए बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन आग की भयावहता ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
सूचना मिलते ही नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग फायर स्टेशनों से लगातार दमकल वाहनों को बुलाया गया। कुल 13 दमकल गाड़ियों ने कई घंटों तक आग बुझाने का अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के बावजूद आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका। हार्डवेयर की दुकान में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल कर्मियों को आग की लपटों तक पहुंचने और अंदर घुसकर पानी डालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार आग पर नियंत्रण मिलता दिखाई दिया, लेकिन अंदर मौजूद सामान की वजह से फिर से लपटें उठने लगीं। पूरी रात राहत और बचाव कार्य चलता रहा। सुबह होने तक दमकल कर्मियों ने काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा लिया, हालांकि धुएं के कारण काफी देर तक कूलिंग का काम जारी रखा गया ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया था। आसपास रहने वाले परिवार घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने अपनी गाड़ियां समय रहते वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन कुछ वाहन आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बढ़ते ही बार और आसपास की दुकानों के शीशे तेज गर्मी की वजह से टूटने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
तेलीबांधा थाना पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया और मुख्य सड़क पर आवाजाही रोक दी। रात के समय भी घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के प्रतिष्ठानों और मकानों को भी खाली कराया ताकि आग दूसरे भवनों तक न फैल सके। राहत कार्य के दौरान पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से काम किया। कई बार पानी की बौछारों के साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया ताकि आग को तेजी से फैलने से रोका जा सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग सबसे पहले एक हार्डवेयर की दुकान में लगी थी। वहां रखे पेंट, प्लास्टिक सामग्री और अन्य ज्वलनशील सामान की वजह से आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। इसके बाद लपटें बगल की दुकानों तक पहुंच गईं और ऑक्टोपस बार सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इसकी चपेट में आ गए। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरणों में खराबी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। सुबह तक प्रभावित दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में हुए नुकसान का आकलन करते दिखाई दिए। कई दुकानों के अंदर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्टॉक और अन्य सामान पूरी तरह जल चुका था। आग की गर्मी इतनी अधिक थी कि आसपास लगे साइन बोर्ड और लोहे के शटर तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटनास्थल पर राख और जले हुए सामान का ढेर दिखाई देता रहा। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग कर बंद रखा गया, जबकि जांच टीमों ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आग लगने से पहले की गतिविधियों की जानकारी मिल सके और पूरे घटनाक्रम की क्रमवार जांच की जा सके।
